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BJP: बीजेपी से लड़ना है चुनाव तो करना होगा ये काम, वरना नहीं मिलेगा टिकट, मोदी ने ठीक की भाजपा की ये 'बीमारी'
Wed, 04 Sep 2024 07:59 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Wed, 04 Sep 2024 07:59 PM IST
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अमर उजाला
विस्तार
भाजपा का दावा है कि वह दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है। पार्टी ने 2015 में अपना सदस्यता अभियान चलाया था, तब पार्टी ने दस करोड़ प्राथमिक सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन तत्कालीन पार्टी महासचिव (संगठन) रामलाल ने बताया था कि उनकी पार्टी अपने निर्धारित लक्ष्य से आगे निकल गई है और उसके सदस्यों की संख्या 11 करोड़ को पार कर गई है। भाजपा ने एक बार फिर से दो सितंबर से नया सदस्यता अभियान शुरू किया है। पार्टी ने इस बार भी दस करोड़ प्राथमिक सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा है, लेकिन उसके नेता अभी से दावा कर रहे हैं कि इस बार भी उसके प्राथमिक सदस्यों की संख्या दस करोड़ को पार कर जाएगी।पार्टी नेताओं की ज्यादा से ज्यादा लोगों को अपने साथ जोड़ने की इसी कोशिश का परिणाम है कि आज भाजपा लगातार तीसरी बार केंद्र की सत्ता में है। साथ ही उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश जैसे अनेक राज्यों में उसकी सरकार बन चुकी है। भाजपा की इसी राजनीतिक ताकत का असर है कि आज ज्यादा से ज्यादा लोग उससे जुड़ना चाहते हैं और उसके टिकट पर चुनाव लड़ना चाहते हैं।
भाजपा कार्यकर्ताओं की पुरानी शिकायत
पार्टी कार्यकर्ताओं को हमेशा से एक बात की शिकायत रहती थी कि जमीन पर पांच साल वे मेहनत करते हैं, लेकिन जब चुनाव का समय आता है तो बाहर से आए ताकतवर लोगों को पार्टी टिकट थमा देती है। कई जगहों पर इसके कारण पार्टी को विद्रोह का सामना भी करना पड़ता है। इसी समय चल रहे चुनाव में पार्टी को जम्मू-कश्मीर में अपने कार्यकर्ताओं की भारी नाराजगी का सामना करना पड़ा जिसके बाद पार्टी के कार्यकर्ताओं को टिकट देकर उन्हें संतुष्ट किया गया।
बीमारी दूर करने की कोशिश
भाजपा नेता भी कार्यकर्ताओं की इस परेशानी को समझते हैं। यही कारण है कि इस बार सदस्यता अभियान में पार्टी ने एक ऐसी शर्त जोड़ दी है जिसे पूरा करने के बाद ही किसी व्यक्ति को भाजपा का टिकट दिया जायेगा। पार्टी नेताओं का अनुमान है कि इससे कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर हो जाएगी।
दरअसल, भाजपा दो तरह के सदस्य बनाती है। सबसे पहले प्राथमिक श्रेणी के सदस्य वे लोग होते हैं जो भाजपा की विचारधारा से सहमति रखते हैं। ऐसे लोग केवल मिस्ड कॉल करके पार्टी का सदस्य बन जाते हैं। ज्यादातर होता यह है कि पार्टी के बड़े कार्यकर्ता आम लोगों से मिलकर उन्हें पार्टी से जोड़ने का काम करते हैं। इस बार ऐसे सभी सदस्यों को भी भाजपा का सदस्य बनने का डिजिटल प्रमाण पत्र दिया जा रहा है जिसे वे अपने लिए संजोकर रख सकते हैं।
लेकिन भाजपा की दूसरे स्तर की सदस्यता कई मायनों में ज्यादा महत्त्वपूर्ण होती है। इसमें उन कार्यकर्ताओं को 'सक्रिय सदस्य' की संज्ञा दी जाती है जो अपने प्रयास से कम से कम 100 नए सदस्य बनाते हैं। पार्टी यह मानती है कि यदि कोई व्यक्ति सौ नए लोगों को पार्टी का सदस्य बनाने की क्षमता रखता है तो वह अपने आसपास राजनीतिक-सामाजिक तौर पर सक्रिय होगा। ऐसे लोगों के पार्टी से जुड़ने पर उसका व्यापक असर पड़ता है। चुनावों में भी पार्टी को इसका लाभ होता है।
टिकट पाने के लिए सक्रिय सदस्य होना जरूरी
लेकिन पार्टी ने अब यह तय कर दिया है कि आने वाले चुनावों में केवल ऐसे कार्यकर्ताओं को ही टिकट दिया जाएगा जो पार्टी के सक्रिय सदस्य होंगे। यानी जो लोग अपने प्रयास से सौ लोगों को पार्टी से जोड़ने का प्रमाण पत्र पा चुके होंगे, उन्हें भाजपा का चुनावी टिकट पाने का अधिकार होगा। ऐसे में यदि आप भी भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ना चाहते हैं तो आप अभी भाजपा का सक्रिय सदस्य बन सकते हैं जो बाद में टिकट पाने की आपकी प्राथमिक योग्यता बनेगा।