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मणिपुर: बिमोल अकोइजम के खिलाफ प्रदर्शन तेज, इंफाल में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस भवन के बाहर किया प्रदर्शन
Fri, 16 Oct 2026 03:06 PM IST
अमन मौर्या
पीटीआई, इंफाल, मणिपुर
पीटीआई, इंफाल, मणिपुर
Published by: अमन मौर्या
Updated Fri, 16 Oct 2026 03:06 PM IST
सार
मणिपुर के इंफाल में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस सांसद बिमोल अकोइजम के खिलाफ प्रदर्शन कर उनके इस्तीफे की मांग की है। कांग्रेस ने इसे लोगों का ध्यान भटकाने की एक साजिश बताया है। अकोइजम को छात्राओं के यौन उत्पीड़न के आरोपों के चलते जेएनयू से बर्खास्त किया गया है।
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बिमोल अकोइजम, कांग्रेस सांसद
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
मणिपुर की राजधानी इंफाल में शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस भवन के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने कांग्रेस सांसद और जेएनयू के बर्खास्त प्रोफेसर बिमोल अकोइजम के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर 'दोषियों को सजा दो, हम सच की मांग करते हैं' और 'हमें न्याय चाहिए' जैसे नारे लिखे थे। उन्होंने अकोइजम के इस्तीफे के साथ-साथ राज्य की गरिमा की रक्षा की मांग करते हुए नारे लगाए। पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को कांग्रेस भवन परिसर में घुसने से रोक दिया। बता दें कि अकोइजम को यौन उत्पीड़न के आरोपों के चलते जेएनयू से बर्खास्त कर दिया गया है।
ये भी पढ़ें: 'सवाल पूछना अराजकता नहीं': दिपके ने भाजपा से पूछा- विपक्ष में रहकर करते थे प्रदर्शन, सत्ता में आने पर डर क्यों
इस दौरान एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि अकोइजम न केवल कांग्रेस का, बल्कि राज्य के सभी लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं। छात्राओं के साथ उनके कथित दुर्व्यवहार से लोग शर्मिंदा हैं इसलिए उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्हें अदालत जाना चाहिए और वहीं तय होने देना चाहिए कि वे दोषी हैं या निर्दोष।
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कांग्रेस क्या बोली?
इस प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता हरेश्वर गोस्वामी ने कहा कि यह अजीब बात है कि सत्ता में रहने के बावजूद भाजपा न्याय की मांग कर रही है। यह राज्य में हो रही हत्याओं और संकट से लोगों का ध्यान भटकाने की एक साजिश है। यौन उत्पीड़न के एक मामले के सिलसिले में, अकोइजम गुरुवार रात दिल्ली के वसंत कुंज नॉर्थ पुलिस स्टेशन में जांचकर्ताओं के सामने पेश हुए। पुलिस ने बुधवार को उन्हें एक नोटिस भेजकर जांच में शामिल होने के लिए कहा था। जेएनयू के मुख्य सुरक्षा अधिकारी की शिकायत पर 11 अक्तूबर को प्रोफेसर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
किन धाराओं में केस दर्ज हुआ?
अकोइजम पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 75, 75(1)(i), 75(1)(iv) और 79 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इन धाराओं में यौन उत्पीड़न और किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से किए गए कृत्य जैसे अपराध शामिल हैं। जेएनयू के 'स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज' के 'सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ सोशल सिस्टम्स' में प्रोफेसर रहे अकोइजम को, उन पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के बाद नौ अक्तूबर को बर्खास्त कर दिया गया था।
ये भी पढ़ें: 'मैं माफी मांगता हूं': एसआईआर विवाद पर राउत बोले- सुप्रीम कोर्ट न्याय की आखिरी उम्मीद, जानें और क्या कहा
हालांकि, उन्होंने इन आरोपों से इनकार किया है। रिपोर्टों के अनुसार, मई में कम से कम 11 छात्राओं ने उनके खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई थी। उनका आरोप है कि वे छात्राओं को मीटिंग या किसी कार्यक्रम के बहाने कैंपस स्थित अपने आवास पर बुलाते थे और उन्हें परेशान करने की कोशिश करते थे। कुछ छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने क्लास में अश्लील और अनुचित टिप्पणियां कीं। इनर मणिपुर से कांग्रेस सांसद ने इस कार्रवाई को 'विच हंट' (यानी किसी को जानबूझकर निशाना बनाना) करार दिया और दावा किया कि उन्हें जांच समिति के निष्कर्षों पर अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया।
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इस दौरान एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि अकोइजम न केवल कांग्रेस का, बल्कि राज्य के सभी लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं। छात्राओं के साथ उनके कथित दुर्व्यवहार से लोग शर्मिंदा हैं इसलिए उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्हें अदालत जाना चाहिए और वहीं तय होने देना चाहिए कि वे दोषी हैं या निर्दोष।
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कांग्रेस क्या बोली?
इस प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता हरेश्वर गोस्वामी ने कहा कि यह अजीब बात है कि सत्ता में रहने के बावजूद भाजपा न्याय की मांग कर रही है। यह राज्य में हो रही हत्याओं और संकट से लोगों का ध्यान भटकाने की एक साजिश है। यौन उत्पीड़न के एक मामले के सिलसिले में, अकोइजम गुरुवार रात दिल्ली के वसंत कुंज नॉर्थ पुलिस स्टेशन में जांचकर्ताओं के सामने पेश हुए। पुलिस ने बुधवार को उन्हें एक नोटिस भेजकर जांच में शामिल होने के लिए कहा था। जेएनयू के मुख्य सुरक्षा अधिकारी की शिकायत पर 11 अक्तूबर को प्रोफेसर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
किन धाराओं में केस दर्ज हुआ?
अकोइजम पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 75, 75(1)(i), 75(1)(iv) और 79 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इन धाराओं में यौन उत्पीड़न और किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से किए गए कृत्य जैसे अपराध शामिल हैं। जेएनयू के 'स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज' के 'सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ सोशल सिस्टम्स' में प्रोफेसर रहे अकोइजम को, उन पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के बाद नौ अक्तूबर को बर्खास्त कर दिया गया था।
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हालांकि, उन्होंने इन आरोपों से इनकार किया है। रिपोर्टों के अनुसार, मई में कम से कम 11 छात्राओं ने उनके खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई थी। उनका आरोप है कि वे छात्राओं को मीटिंग या किसी कार्यक्रम के बहाने कैंपस स्थित अपने आवास पर बुलाते थे और उन्हें परेशान करने की कोशिश करते थे। कुछ छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने क्लास में अश्लील और अनुचित टिप्पणियां कीं। इनर मणिपुर से कांग्रेस सांसद ने इस कार्रवाई को 'विच हंट' (यानी किसी को जानबूझकर निशाना बनाना) करार दिया और दावा किया कि उन्हें जांच समिति के निष्कर्षों पर अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया।