{"_id":"6ad07256c259c2f5390bb881","slug":"bjp-spokesperson-pradeep-bhandari-targets-neha-bora-bangladesh-remark-rahul-gandhi-2026-10-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"'बांग्लादेश ने क्रांति का रास्ता दिखाया': नेहा बोरा के बयान पर भाजपा हमलावर, कहा- रची जा रही बड़ी साजिश","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
'बांग्लादेश ने क्रांति का रास्ता दिखाया': नेहा बोरा के बयान पर भाजपा हमलावर, कहा- रची जा रही बड़ी साजिश
Thu, 15 Oct 2026 11:57 AM IST
अमन मौर्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमन मौर्या
Updated Thu, 15 Oct 2026 11:57 AM IST
सार
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने नेहा बोरा के बांग्लादेश वाले बयान पर निशाना साधते हुए कहा है कि उनके विचार राहुल गांधी के विचार हैं और वे लोकतंत्र के लिए खतरा हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल का मकसद लोकतांत्रिक विरोध नहीं, बल्कि अराजकता की आड़ में भारतीय लोकतंत्र को नष्ट करना है।
विज्ञापन
प्रदीप भंडारी, प्रवक्ता, भाजपा
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आईसा) अध्यक्ष नेहा बोरा अपने बांग्लादेश वाले बयान पर घिरती नजर आ रही हैं। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने नेहा पर निशाना साधते हुए कहा कि नेहा बोरा के विचार, राहुल गांधी के विचार हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को तहस-नहस करने की साजिश की जा रही है, राहुल और उनके साथी लोकतंत्र के लिए खतरा हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने प्रदर्शन में नेहा बोरा को चेहरा बनाया। नेहा बोरा बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन से प्रेरित हैं।
ये भी पढ़ें: 'क्या न्याय मांगना अपराध है?': अंकिता भंडारी के माता-पिता की हिरासत पर भड़के खरगे, केंद्र सरकार पर साधा निशाना
राहुल गांधी के मार्च को क्या कहा?
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि आपने यह वीडियो ध्यान से देखा होगा। इसमें नेहा बोरा और राहुल गांधी दिखाई दे रहे हैं। जब राहुल गांधी अपना मार्च निकाल रहे थे, जिसे मैं एक 'अराजक मार्च' कहूंगा, उन्होंने नेहा बोरा को इसका चेहरा बनाया था। इसका मतलब यह है कि नेहा बोरा और राहुल गांधी की विचारधारा एक ही है।
विज्ञापन
क्या भारत में भी बांग्लादेश जैसा होगा आंदोलन?
भाजपा नेता ने कहा कि कल एक इंटरव्यू में, नेहा बोरा ने कहा कि यह आंदोलन बांग्लादेश के विरोध-प्रदर्शनों से प्रेरित है और वे चाहते हैं कि भारत में भी वही हो जो बांग्लादेश में हुआ था। ध्यान से देखिए। ये शब्द नेहा बोरा के हैं, लेकिन विचारधारा राहुल गांधी की है। एक तरफ राहुल गांधी नेहा बोरा को आगे बढ़ा रहे हैं, तो दूसरी तरफ वह कह रही हैं कि वे भारत में भी बांग्लादेश की तरह ही एक 'अराजक जेन-जी' आंदोलन चाहते हैं। बात साफ है, बांग्लादेश में क्या हुआ था? उन्होंने कहा कि इस्लामवादियों के एक समूह ने भीड़ और अराजकता का इस्तेमाल करके पूरे सिस्टम को ध्वस्त करने की कोशिश की। उनका मकसद सत्ता परिवर्तन था। इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि लोकतांत्रिक तरीकों से अपने परिवार को सत्ता में लाने में नाकाम रहने के बाद, राहुल गांधी और उनका पूरा इकोसिस्टम अब भारत में लोकतंत्र को नष्ट करने की साजिश रच रहे हैं।
ये भी पढ़ें: केरलम: सीएमआरएल घूस मामले में पूर्व सीएम विजयन को बड़ा झटका, हाईकोर्ट से ये याचिकाएं खारिज; क्या है मामला?
राहुल गांधी पर क्या बोली भाजपा?
प्रदीप भंडारी ने कहा कि मैं राहुल गांधी से कहना चाहता हूं कि अगर आप और आपका इकोसिस्टम अराजकता फैलाने के बजाय इस देश की जनता की सेवा करने में उतनी ही मेहनत करते, तो शायद कांग्रेस का वोट शेयर तीन-चार जगहों पर बढ़ गया होता। राहुल गांधी ने पहले कहा था कि उनकी लड़ाई भाजपा या आरएसएस की विचारधारा के खिलाफ नहीं बल्कि 'भारतीय राज्य' (इंडियन स्टेट) के खिलाफ है और 'भारतीय राज्य' का मतलब है भारतीय संविधान यानी भारतीय लोकतंत्र है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: 'क्या न्याय मांगना अपराध है?': अंकिता भंडारी के माता-पिता की हिरासत पर भड़के खरगे, केंद्र सरकार पर साधा निशाना
विज्ञापन
राहुल गांधी के मार्च को क्या कहा?
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि आपने यह वीडियो ध्यान से देखा होगा। इसमें नेहा बोरा और राहुल गांधी दिखाई दे रहे हैं। जब राहुल गांधी अपना मार्च निकाल रहे थे, जिसे मैं एक 'अराजक मार्च' कहूंगा, उन्होंने नेहा बोरा को इसका चेहरा बनाया था। इसका मतलब यह है कि नेहा बोरा और राहुल गांधी की विचारधारा एक ही है।
विज्ञापन
क्या भारत में भी बांग्लादेश जैसा होगा आंदोलन?
भाजपा नेता ने कहा कि कल एक इंटरव्यू में, नेहा बोरा ने कहा कि यह आंदोलन बांग्लादेश के विरोध-प्रदर्शनों से प्रेरित है और वे चाहते हैं कि भारत में भी वही हो जो बांग्लादेश में हुआ था। ध्यान से देखिए। ये शब्द नेहा बोरा के हैं, लेकिन विचारधारा राहुल गांधी की है। एक तरफ राहुल गांधी नेहा बोरा को आगे बढ़ा रहे हैं, तो दूसरी तरफ वह कह रही हैं कि वे भारत में भी बांग्लादेश की तरह ही एक 'अराजक जेन-जी' आंदोलन चाहते हैं। बात साफ है, बांग्लादेश में क्या हुआ था? उन्होंने कहा कि इस्लामवादियों के एक समूह ने भीड़ और अराजकता का इस्तेमाल करके पूरे सिस्टम को ध्वस्त करने की कोशिश की। उनका मकसद सत्ता परिवर्तन था। इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि लोकतांत्रिक तरीकों से अपने परिवार को सत्ता में लाने में नाकाम रहने के बाद, राहुल गांधी और उनका पूरा इकोसिस्टम अब भारत में लोकतंत्र को नष्ट करने की साजिश रच रहे हैं।
ये भी पढ़ें: केरलम: सीएमआरएल घूस मामले में पूर्व सीएम विजयन को बड़ा झटका, हाईकोर्ट से ये याचिकाएं खारिज; क्या है मामला?
राहुल गांधी पर क्या बोली भाजपा?
प्रदीप भंडारी ने कहा कि मैं राहुल गांधी से कहना चाहता हूं कि अगर आप और आपका इकोसिस्टम अराजकता फैलाने के बजाय इस देश की जनता की सेवा करने में उतनी ही मेहनत करते, तो शायद कांग्रेस का वोट शेयर तीन-चार जगहों पर बढ़ गया होता। राहुल गांधी ने पहले कहा था कि उनकी लड़ाई भाजपा या आरएसएस की विचारधारा के खिलाफ नहीं बल्कि 'भारतीय राज्य' (इंडियन स्टेट) के खिलाफ है और 'भारतीय राज्य' का मतलब है भारतीय संविधान यानी भारतीय लोकतंत्र है।