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Signature Forgery Case: कलकत्ता हाईकोर्ट से अभिषेक बनर्जी को आंशिक राहत; अंतरिम सुरक्षा मिली, लेकिन आज ही पेशी
पीटीआई, कोलकाता
Published by: Pavan
Updated Thu, 11 Jun 2026 12:35 PM IST
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सार
तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी को कलकत्ता हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। बता दें कि, कोर्ट ने अंतरिम सुरक्षा देते हुए किसी भी प्रकार के कार्रवाई पर रोक लगाई है। हालांकि, कोर्ट ने उन्हें ये भी निर्देश दिया है कि वे आज शाम छह बजे तक सीआईडी के सामने पेश हों।
कलकत्ता हाई कोर्ट
- फोटो : ANI
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विस्तार
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद अभिषेक बनर्जी को हस्ताक्षर जालसाजी मामले में बड़ी राहत मिली है। कलकत्ता हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान अभिषेक बनर्जी को अंतरिम संरक्षण प्रदान करते हुए उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की कठोर या दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी है। यह मामला कथित हस्ताक्षर जालसाजी से जुड़ा है, जिसमें अभिषेक बनर्जी का नाम सामने आया था। अदालत ने मामले पर अगली सुनवाई तक जांच एजेंसियों को उनके खिलाफ कोई जबरन कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया है।
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आज ही सीआईडी के सामने हों पेश- कोर्ट
इसके साथ कलकत्ता हाई कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी को हस्ताक्षर जालसाजी मामले में 11 जून को शाम छह बजे तक सीआईडी के सामने पेश होने का निर्देश दिया है। इस सुनवाई के दौरान अभिषेक बनर्जी की ओर से अदालत में दलील दी गई कि आरोप निराधार हैं और उन्हें राजनीतिक कारणों से निशाना बनाया जा रहा है।
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वहीं, मामले से जुड़े पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने उन्हें अंतरिम राहत देने का फैसला किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी, लेकिन अगली सुनवाई तक अभिषेक बनर्जी के खिलाफ कोई कठोर कदम नहीं उठाया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई निर्धारित तिथि पर होगी, जहां अदालत आगे की कार्रवाई पर फैसला करेगी।
पहले टीएमसी सांसद ने CID को भेजा था जवाब
इससे पहले 8 जून को पश्चिम बंगाल पुलिस की सीआईडी के नोटिस पर तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने अपना जवाब भेजा था। उन्होंने सिग्नेचर मिसमैच के मामले में पूछताछ के लिए दक्षिण कोलकाता स्थित सीआईडी कार्यालय में पेश होने के लिए और समय मांगा था।
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क्या है हस्ताक्षर जालसाजी का मामला?
बता दें कि, यह मामला तब दर्ज किया गया था जब तृणमूल के कुछ विधायकों ने शिकायत की थी कि पश्चिम बंगाल विधानसभा में जमा किए गए सरकारी दस्तावेजों पर कई विधायकों के जाली हस्ताक्षर किए गए थे।
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आज ही सीआईडी के सामने हों पेश- कोर्ट
इसके साथ कलकत्ता हाई कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी को हस्ताक्षर जालसाजी मामले में 11 जून को शाम छह बजे तक सीआईडी के सामने पेश होने का निर्देश दिया है। इस सुनवाई के दौरान अभिषेक बनर्जी की ओर से अदालत में दलील दी गई कि आरोप निराधार हैं और उन्हें राजनीतिक कारणों से निशाना बनाया जा रहा है।
वहीं, मामले से जुड़े पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने उन्हें अंतरिम राहत देने का फैसला किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी, लेकिन अगली सुनवाई तक अभिषेक बनर्जी के खिलाफ कोई कठोर कदम नहीं उठाया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई निर्धारित तिथि पर होगी, जहां अदालत आगे की कार्रवाई पर फैसला करेगी।
पहले टीएमसी सांसद ने CID को भेजा था जवाब
इससे पहले 8 जून को पश्चिम बंगाल पुलिस की सीआईडी के नोटिस पर तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने अपना जवाब भेजा था। उन्होंने सिग्नेचर मिसमैच के मामले में पूछताछ के लिए दक्षिण कोलकाता स्थित सीआईडी कार्यालय में पेश होने के लिए और समय मांगा था।
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क्या है हस्ताक्षर जालसाजी का मामला?
बता दें कि, यह मामला तब दर्ज किया गया था जब तृणमूल के कुछ विधायकों ने शिकायत की थी कि पश्चिम बंगाल विधानसभा में जमा किए गए सरकारी दस्तावेजों पर कई विधायकों के जाली हस्ताक्षर किए गए थे।