फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   CBI: Man Gets 7-Year Jail for Obtaining ₹4 Crore PNB Loan with Fake Property Documents, Using False Identity f

सीबीआई: फर्जी संपत्ति के दस्तावेजों पर पीएनबी से लिया 4 करोड़ का लोन, 10 साल तक नकली पहचान, अब 7 साल की कैद

Mon, 26 Oct 2026 04:08 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Mon, 26 Oct 2026 04:08 PM IST
विज्ञापन
CBI: Man Gets 7-Year Jail for Obtaining ₹4 Crore PNB Loan with Fake Property Documents, Using False Identity f
सीबीआई - फोटो : ANI

सीबीआई कोर्ट ने बैंक धोखाधड़ी मामले में एक आरोपी को सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी ने पहले तो फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पीएनबी से चार करोड़ रुपये का लोन ले लिया, फिर उस राशि को किन्हीं दूसरे कार्यों में लगा दिया। कानून से बचने के लिए वह आरोपी नकली पहचान के जरिए दस साल तक जांच एजेंसी से बचता रहा। इस साल के शुरू में केंद्रीय जांच एजेंसी 'सीबीआई' ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। 

विज्ञापन


सीबीआई के मुताबिक, नई दिल्ली स्थित राउज एवेन्यू जिला न्यायालय की सीबीआई कोर्ट ने बैंक धोखाधड़ी के एक मामले में आरोपी संजीव दीक्षित उर्फ संजय शर्मा को दोषी ठहराते हुए सात साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही, उस पर 1,60,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। 
विज्ञापन


केंद्रीय जांच ब्यूरो ने 11.07.2013 को यह मामला दर्ज किया था। इसमें शंकर मेटल्स के मालिक संजीव दीक्षित, सुपर मशीन्स के मालिक संजय शर्मा, इंदिरा रानी और अन्य अज्ञात व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया था। आरोप है कि इन लोगों ने आपस में आपराधिक साजिश रची और फर्जी संपत्ति दस्तावेजों के आधार पर पंजाब नेशनल बैंक (नई दिल्ली, जोर बाग शाखा) से 4 करोड़ रुपये की कैश क्रेडिट सुविधा धोखाधड़ी से हासिल कर ली। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके बाद, उन्होंने लोन की इस रकम का इस्तेमाल उन उद्देश्यों के अलावा अन्य कार्यों के लिए किया, जिनके लिए यह सुविधा मंजूर की गई थी। साल 2016 में, आरोपी संजीव दीक्षित उर्फ संजय शर्मा, एक अन्य मामले के सिलसिले में सोनीपत की अदालत में पेश किए जाने के दौरान न्यायिक हिरासत से भाग गया था। इसके बाद वह गिरफ्तारी से लगातार बचता रहा। 23.11.2017 को ट्रायल कोर्ट ने उसे 'घोषित अपराधी' करार दे दिया।

जनवरी 2026 में, सीबीआई को यह जानकारी मिली कि यह घोषित अपराधी वडोदरा में 'पंकज भारद्वाज' (पिता: बृज मोहन भारद्वाज) के नाम से, एक फर्जी पहचान के साथ रह रहा है। इस जानकारी के आधार पर, सीबीआई ने आरोपी का पता लगाया और इस साल 30 जनवरी को उसे बांसवाड़ा (उमराई) स्थित माता त्रिपुरा सुंदरी मंदिर से गिरफ्तार कर लिया।


ट्रायल के दौरान, आरोपी संजीव दीक्षित उर्फ संजय शर्मा ने आपराधिक साजिश रचने, किसी और की पहचान धारण करके धोखाधड़ी करने, धोखाधड़ी करने, मूल्यवान दस्तावेजों में हेराफेरी करने, धोखाधड़ी के उद्देश्य से जाली दस्तावेज बनाने और जाली दस्तावेजों को असली बताकर इस्तेमाल करने के अपराधों में अपना जुर्म कबूल कर लिया। इसके बाद, 24 अक्तूबर को सीबीआई की अदालत ने उसे दोषी ठहराते हुए कठोर कारावास की सजा सुनाई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed