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ISRO : वी नारायणन बनाये गए इसरो के नये अध्यक्ष, इस दिन वर्तमान प्रमुख एस सोमनाथ से लेंगे पदभार
Wed, 08 Jan 2025 12:35 AM IST
शिव शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शुक्ला
Updated Wed, 08 Jan 2025 12:35 AM IST
सार
वी नारायणन के पास लगभग चार दशकों का अनुभव है। उन्होंने भारतीय अंतरिक्ष संगठन में कई प्रमुख पदों पर कार्य किया है। उन्होंने रॉकेट और अंतरिक्ष यान प्रणोदन में विशेषज्ञता हासिल की है। वह जीएसएलवी एमके इल वाहन के सी25 क्रायोजेनिक प्रोजेक्ट के परियोजना निदेशक भी थे।
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V Narayanan
- फोटो : सोशल मीडिया।
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विस्तार
केंद्र सरकार ने वी नारायणन को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का नया अध्यक्ष और अंतरिक्ष विभाग का सचिव नियुक्त किया है। वे 14 जनवरी को इसरो के वर्तमान प्रमुख एस सोमनाथ से पदभार ग्रहण करेंगे। केंद्र सरकार की कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने इस बारे में अधिसूचना भी जारी कर दी है। इसमें बताया गया है कि वी नारायणन की नियुक्ति 14 जनवरी से दो साल की अवधि के लिए रहेगी। बता दें कि सोमनाथ ने 14 जनवरी, 2022 को तीन साल के कार्यकाल के लिए अंतरिक्ष विभाग के सचिव के रूप में कार्यभार संभाला था।
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वी नारायणन के पास लगभग चार दशकों का अनुभव है। उन्होंने भारतीय अंतरिक्ष संगठन में कई प्रमुख पदों पर कार्य किया है। उन्होंने रॉकेट और अंतरिक्ष यान प्रणोदन में विशेषज्ञता हासिल की है। वह जीएसएलवी एमके इल वाहन के सी25 क्रायोजेनिक प्रोजेक्ट के परियोजना निदेशक भी थे।
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नारायणन 1984 में इसरो में शामिल हुए और केंद्र के निदेशक बनने से पहले विभिन्न पदों पर कार्य किया। शुरुआत में करीब साढ़े चार साल तक, उन्होंने विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (वीएसएससी) में साउंडिंग रॉकेट्स और एएसएलवी और ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) के ठोस प्रणोदन क्षेत्र में काम किया।
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1989 में, उन्होंने आईआईटी-खड़गपुर में प्रथम रैंक के साथ क्रायोजेनिक इंजीनियरिंग में एम.टेक पूरा किया और लिक्विड प्रोपल्शन सिस्टम सेंटर (एलपीएससी) में क्रायोजेनिक प्रोपल्शन क्षेत्र में शामिल हो गए। लिक्विड प्रोपल्शन सिस्टम सेंटर, वलियामाला के निदेशक के रूप में जीएसएलवी एमके III के लिए सीई20 क्रायोजेनिक इंजन विकसित करने में उनका महत्वपूर्ण योगदान है। इसके साथ ही उनके कार्यकाल में एलपीएससी ने इसरो के विभिन्न मिशनों के लिए 183 लिक्विड प्रोपल्शन सिस्टम और कंट्रोल पावर प्लांट बनाए हैं।