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रूस-यूक्रेन युद्ध में फंसे भारतीय: 217 रूसी सेना में शामिल, 49 की मौत; केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को दी रिपोर्ट
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: शिवम गर्ग
Updated Fri, 22 May 2026 07:46 PM IST
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सार
सुप्रीम कोर्ट में केंद्र ने बताया कि 217 भारतीय नागरिक रूसी सेना में शामिल हुए, जिनमें 49 की मौत हो चुकी है। सरकार ने रिहाई, लापता लोगों की तलाश और कूटनीतिक प्रयासों की जानकारी दी।
केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को दी रिपोर्ट
- फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच लगभग 217 भारतीय नागरिक रूसी सेना में शामिल हुए हैं, जिनमें से 49 की मौत हो चुकी है। यह जानकारी शुक्रवार को अदालत में दाखिल की गई एक स्थिति रिपोर्ट में दी गई। सुप्रीम कोर्ट में यह मामला उन याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान सामने आया, जिनमें रूस में कथित तौर पर फंसे और जबरन युद्ध में झोंके गए भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी की मांग की गई है।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने का मुद्दा भी उठाया। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया है। अदालत इस पूरे मुद्दे पर आगे विचार करेगी कि विदेश में फंसे नागरिकों की सुरक्षा और वापसी को कैसे और प्रभावी बनाया जा सकता है।
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139 भारतीयों को वापस लाया गया
विदेश मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, भारत सरकार के लगातार कूटनीतिक प्रयासों के बाद अब तक 139 भारतीय नागरिकों को रूसी सेना से उनके अनुबंधों से मुक्त कर दिया गया है। सरकार ने यह भी बताया कि यह पूरा मामला लगातार रूस सरकार के साथ उठाया जा रहा है और भारतीय दूतावास मास्को में सक्रिय रूप से संपर्क बनाए हुए है।
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49 की मौत, 6 लापता, 23 की स्थिति अस्पष्ट
केंद्र सरकार के अनुसार, इस संघर्ष में 49 भारतीय नागरिकों की मौत की पुष्टि हुई है। इसके अलावा 6 नागरिक लापता बताए गए हैं, जबकि 23 लोगों की स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं हो पाई है। इन सभी मामलों की जांच और जानकारी जुटाने की प्रक्रिया जारी है। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में जिन 26 भारतीयों का मुद्दा उठाया गया है, उनमें से 14 की मौत की जानकारी सामने आई है। 11 लोगों को रूस की तरफ से मिसिंग इन एक्शन या संपर्क से बाहर बताया गया है, जबकि एक व्यक्ति पर 8 साल की सजा का मामला दर्ज है।
कैसे फंसे भारतीय नागरिक?
रिपोर्ट में बताया गया कि कई भारतीय नागरिक बेहतर नौकरी और आकर्षक वेतन के लालच में रूस गए थे। उन्हें करीब 5,000 डॉलर का साइनिंग बोनस, 2,500 डॉलर मासिक वेतन, रूस की नागरिकता और अन्य सुविधाओं का वादा किया गया था। लेकिन बाद में उन्हें रूसी सेना में शामिल कर लिया गया।
सरकार की कूटनीतिक कोशिशें जारी
सरकार ने बताया कि फरवरी 2024 से लगातार एडवाइजरी जारी की जा रही है, जिसमें भारतीय नागरिकों को रूस-यूक्रेन युद्ध से दूर रहने की सलाह दी गई है। भारतीय दूतावास प्रभावित लोगों से नियमित मुलाकात कर उनकी स्थिति की जानकारी ले रहा है और कई मामलों में मानव अवशेषों को भी परिवारों तक पहुंचाया गया है। केंद्र ने यह भी बताया कि सरकार ने ऐसे अवैध भर्ती नेटवर्क और ट्रैफिकिंग गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है, जो भारतीय नागरिकों को झूठे वादों के जरिए रूस भेज रहे हैं।