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CM भगवंत मान FIR केस: हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ चंडीगढ़ प्रशासन पहुंचा सुप्रीम कोर्ट; 2020 मामले में नया मोड़
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: शिवम गर्ग
Updated Fri, 22 May 2026 07:00 PM IST
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सार
चंडीगढ़ प्रशासन ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान समेत आप नेताओं के खिलाफ 2020 की एफआईआर रद्द करने के पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। जानिए पूरा मामला...
भगवंत मान
- फोटो : X @BhagwantMann
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विस्तार
चंडीगढ़ प्रशासन ने 2020 के एक कथित दंगा मामले में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान समेत कई आप नेताओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने के पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। यह याचिका शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने रखी गई।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान चंडीगढ़ प्रशासन के वकील ने कहा कि वे इस मामले में कुछ अन्य लोगों से जुड़े पहलुओं पर भी अलग याचिका दायर करेंगे। कोर्ट ने मामले पर आगे सुनवाई की अनुमति दे दी है।
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हाईकोर्ट ने FIR और सभी कार्यवाही की थी रद्द
पिछले साल 29 नवंबर को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने इस मामले में दर्ज एफआईआर, चार्जशीट और सभी आगे की कार्यवाही को रद्द कर दिया था। यह मामला जनवरी 2020 का है, जब आप नेताओं और कार्यकर्ताओं पर प्रदर्शन के दौरान कथित रूप से पुलिस से झड़प और अशांति फैलाने के आरोप लगे थे।
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हाईकोर्ट ने क्यों रद्द किया था केस?
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस व्यक्तिगत भूमिका या सीधा हमला साबित नहीं हो पाया है। कोर्ट ने यह भी माना कि बिना धारा 144 सीआरपीसी लागू हुए प्रदर्शन को पूरी तरह गैरकानूनी नहीं ठहराया जा सकता। चंडीगढ़ प्रशासन ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए कहा है कि प्रदर्शन के दौरान स्थिति उग्र हो गई थी और पुलिस व्यवस्था को बाधित किया गया था। प्रशासन का कहना है कि यह मामला सिर्फ शांतिपूर्ण प्रदर्शन का नहीं बल्कि एक अनियंत्रित राजनीतिक प्रदर्शन का था।
क्या था 2020 का पूरा मामला?
एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि आप नेता और कार्यकर्ता बिजली दरों में बढ़ोतरी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे और इस दौरान उन्होंने पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करने की कोशिश की। इसी दौरान पुलिस बल के साथ धक्का-मुक्की और तनावपूर्ण स्थिति बनने का आरोप लगाया गया था।