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अमर उजाला पोल: आतंकवाद पर पाक का साथ न देने का चीन का दावा भरोसेमंद नहीं
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Tue, 27 Sep 2016 06:09 PM IST
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आतंकवाद के खिलाफ भारत ने पाकिस्तान पर सदैव अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाने की कोशिश की है। इस बीच भारत की इस मुहिम को एक और सफलता तब मिली जब पाकिस्तान के आर्थिक और सामरिक साझेदार बताए जा रहे चीन ने आतंकवाद के मुद्दे पर उसके समर्थन से इंकार कर दिया।
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चीन की ओर से बयान आया कि भारत और पाकिस्तान के बीच का झगड़ा उनका आपसी है, इसमें चीन किसी भी के भी पक्ष और समर्थन में नहीं है। चीन ने साफ कहा कि इस मसले को दोनों देशों को आपस में ही सुलझाना होगा। चीन के इस जवाब के बाद पाकिस्तान को एक बड़ा झटका लगा है,क्योंकि वह हर मुद्दे में चीन के साथ होने का दावा करता रहता है।
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चीन का रुख उस समय सामने आया है जब उड़ी सेक्टर हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान का विरोध किया है और वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवादी देश घोषित करवाने की मुहिम चला रहा है। इस बीच अमर उजाला डॉट कॉम ने अपने पाठकों से सवाल किया कि आतंकवाद पर पाकिस्तान का साथ न देने के चीन के दावे पर भरोसा करना चाहिए?
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पोल में पाठकों को तीन विकल्प दिए गए पहला हां, दूसरा नहीं और तीसरा कुछ कह नहीं सकते। इस पोल में कुल 7,068 पाठकों ने हिस्सा लिया, जिसमें सबसे अधिक 82.75 फीसद यानी 5,849 पाठकों ने दूसरे विकल्प को चुना। उनका मानना है कि पाकिस्तान का साथ न देने के चीन के दावे पर भरोसा नहीं करना चाहिए। 12.18 फीसद यानी 861 पाठकों ने पहले विकल्प हां को चुना जिनका मानना है चीन का भरोसा करना चाहिए। वहीं 5.07 फीसद यानी 358 पाठक कुछ कह नहीं सकते।