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CISF: बादल फटने की घटना में जान गंवाने वाले दो कर्मियों को मिली वित्तीय मदद, परिजनों को दिए 1-1 करोड़ रुपये
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Wed, 19 Nov 2025 07:36 PM IST
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सार
सीआईएसएफ ने जम्मू और कश्मीर के किश्तवाड़ में 14 अगस्त 2025 को हुए दुखद बादल फटने की घटना के दौरान जान गंवाने वाले दो सीआईएसएफ कर्मियों के परिजनों को व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा के रूप में एक-एक करोड़ रुपये की अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान की है।
सीआईएसएफ ने पीड़ित परिवार को दी वित्तीय मदद।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने भारतीय स्टेट बैंक के समन्वय से, जम्मू और कश्मीर के किश्तवाड़ में 14 अगस्त 2025 को हुए दुखद बादल फटने की घटना के दौरान जान गंवाने वाले दो सीआईएसएफ कर्मियों के परिजनों को व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा के रूप में एक-एक करोड़ रुपये की अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान की है।
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बता दें कि इस साल 14 अगस्त को 7वीं रिजर्व बटालियन, किश्तवाड़ के प्रधान आरक्षक/जीडी आनंद कुमार और प्रधान आरक्षक/जीडी एम के बिस्वाल को चिसोती गांव में आंतरिक सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात किया गया था। यह स्थान गुलाबगढ़ से मचैल माता मंदिर तक 32 किलोमीटर लंबे तीर्थ मार्ग का अंतिम पड़ाव है। उनकी तैनाती के दौरान, अचानक और तेज बादल फटने से इलाके में भारी बाढ़ आ गई। खतरे को भांपते हुए, दोनों कर्मियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना, तुरंत तीर्थयात्रियों को सचेत किया। उन्हें सुरक्षित स्थानों की ओर पहुंचाना शुरू कर दिया। उनकी त्वरित कार्रवाई, सतर्कता, सूझबूझ और कर्तव्य के प्रति अटूट समर्पण ने कई तीर्थयात्रियों को समय पर सुरक्षित निकालने और अनगिनत लोगों की जान बचाने में मदद की।
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दुर्भाग्यवश, मानवीय कार्य को करते समय दोनों अचानक आई बाढ़ की तेज धारा में बह गए। दोनों कर्मियों ने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनके पार्थिव शरीर दो दिन बाद मिले। देश भर में 360 से अधिक महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा करने वाला सीआईएसएफ अपने सेवारत कर्मियों के साथ-साथ सर्वोच्च बलिदान देने वालों के परिवारों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। मौजूदा प्रावधानों के अनुसार, सीआईएसएफ और गृह मंत्रालय लगभग 60 लाख रुपये की एकमुश्त अनुग्रह राशि सुनिश्चित करते हैं। हालांकि, अतिरिक्त लाभ सुनिश्चित करने के लिए, बल ने भारतीय स्टेट बैंक के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। सीएपीएसपी योजना के तहत, एसबीआई मृतक कर्मियों के परिजनों को व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा के रूप में अतिरिक्त एक करोड़ रुपये प्रदान करता है।
बुधवार को सीआईएसएफ मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में, सीआईएसएफ के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने एसबीआई के अधिकारियों, श्रीमती सुचित्रा जैन, उप महाप्रबंधक रंजन कुमार, रीजनल मैनेजर और अभिषेक कुमार, चीफ मैनेजर, एसबीआई सीजीओ कॉम्प्लेक्स की उपस्थिति में, स्वर्गीय प्रधान आरक्षक/जीडी आनंद कुमार की पत्नी मधु शर्मा और स्वर्गीय प्रधान आरक्षक/जीडी मनोज कुमार बिस्वाल की पत्नी सस्मिता बिस्वाल को एसबीआई सीएपीएसपी लाभ प्रदान किए।
सीआईएसएफ महानिदेशक ने शहीदों के परिवारों का स्वागत करते हुए कहा, दोनों वीरों ने ड्यूटी के दौरान असाधारण साहस का परिचय दिया था। डीजी ने उनके परिवारों को आश्वासन दिया कि सीआईएसएफ हमेशा उनके साथ खड़ा रहेगा। एक करोड़ रुपये की बीमा राशि के अतिरिक्त, समझौता ज्ञापन के अनुसार एसबीआई कई तरह की दूसरी मदद भी करेगा। जैसे, प्रत्येक बालक की शिक्षा के लिए 8 लाख रुपये, प्रत्येक बालिका की शिक्षा के लिए 10 लाख रुपये और दो बालिकाओं के विवाह के लिए 10 लाख रुपये (प्रत्येक के लिए 5 लाख रुपये) प्रदान किए जाएंगे। सीआईएसएफ मृतक कार्मिकों के परिवार के योग्य सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने का प्रावधान भी रखता है।