आंध्र प्रदेश: तीन दिन पहले छात्रा ने सीएम के साथ साझा किया मंच, अब क्यों दी जान? CM नायडू ने दिए जांच के आदेश
आंध्र प्रदेश के एक सरकारी स्कूल में मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के साथ मंच साझा करने वाली 10वीं की छात्रा मुर्रम शिवानी की मौत से पूरे राज्य में शोक है। तीन दिन पहले उसने अपने सपनों की बात की थी, लेकिन अब उसके निधन ने सभी को झकझोर दिया है। आखिर ऐसा क्या हुआ कि होनहार छात्रा ने इतना बड़ा कदम उठा लिया? आइए, पूरे मामले को विस्तार से समझते हैं...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आंध्र प्रदेश के पोलावरम जिले में एक सरकारी स्कूल के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के साथ मंच साझा करने वाली 10वीं कक्षा की छात्रा मुर्रम शिवानी की सोमवार को मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, छात्रा की मौत आत्महत्या के कारण हुई है। यह घटना उस कार्यक्रम के महज तीन दिन बाद हुई, जिसमें शिवानी ने मुख्यमंत्री के सामने पढ़ाई और भविष्य को लेकर अपने सपनों का जिक्र किया था। घटना के बाद मुख्यमंत्री ने गहरा दुख जताते हुए मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।
तीन दिन पहले मंच पर क्या हुआ था?
मुर्रम शिवानी ने 24 जुलाई को रामपचोडावरम के जिला परिषद हाई स्कूल में आयोजित मेगा पैरेंट-टीचर मीटिंग (एमपीटीएम 4.0) में हिस्सा लिया था। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और शिक्षा मंत्री नारा लोकेश मौजूद थे। शिवानी ने मंच से पढ़ाई में मेहनत करने और अगले वर्ष 'शाइनिंग स्टार अवॉर्ड' जीतने की इच्छा जताई थी। उसके संबोधन से प्रभावित होकर मुख्यमंत्री ने उसे अपने पास बुलाया, अपने बगल में बैठाया और उससे कुछ देर बातचीत भी की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, छात्र, अभिभावक और शिक्षक एक साथ मौजूद थे तथा सभी ने छात्रों के साथ भोजन भी किया।
घटना के बाद पुलिस जांच में क्या सामने आया?
पुलिस के अनुसार, शिवानी अपने गांव इरलापल्ली में अपनी दादी के साथ रहकर रामपचोडावरम के सरकारी हाई स्कूल में पढ़ाई कर रही थी। उसके माता-पिता कोरुकोंडा के एक होटल में काम करते हैं। छात्रा के पास से एक हस्तलिखित नोट मिला है, जिसमें उसने अपने माता-पिता से उनके सपने पूरे नहीं कर पाने के लिए माफी मांगी है। हालांकि, उसने यह कदम क्यों उठाया, इसका कारण अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने क्या कहा और क्या निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने 'एक्स' पर जारी संदेश में कहा कि शिवानी की मौत की खबर से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने कहा कि उन्हें मंच पर छात्रा की वह उत्साहपूर्ण बातें याद हैं, जिनमें उसने अपनी पढ़ाई और बड़े सपनों का जिक्र किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक आदिवासी छात्रा, जिसका भविष्य उज्ज्वल दिखाई दे रहा था, उसका इस तरह दुनिया से चले जाना बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने अधिकारियों को मामले की गहन जांच करने का निर्देश दिया, ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सके।
छात्रों और युवाओं से मुख्यमंत्री ने क्या अपील की?
मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों और युवाओं को कठिन परिस्थितियों में भी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हर समस्या का समाधान होता है और किसी भी तरह के दबाव, निराशा या हताशा के आगे नहीं झुकना चाहिए। उन्होंने युवाओं से अपने मन की बात परिवार, दोस्तों और करीबी लोगों से साझा करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार हर संभव मदद के लिए उनके साथ खड़ी है।