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Bengal: 'तृणमूल के विरोध-प्रदर्शन के खिलाफ सैन्य कार्रवाई अनैतिक और अलोकतांत्रिक'; CM ममता ने लगाए गंभीर आरोप
Mon, 01 Sep 2025 04:23 PM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता।
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Mon, 01 Sep 2025 04:23 PM IST
सार
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में की गई सैन्य कार्रवाई पर नाराजगी प्रकट की है। उन्होंने सेना की कार्रवाई को अलोकतांत्रिक के साथ-साथ अनैतिक भी बताया। जानिए क्या है पूरा मामला
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (फाइल)
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी दल- तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) राज्य के प्रवासियों का 'उत्पीड़न' होने के विरोध में आवाज उठा रही है। कोलकाता में प्रदर्शन के लिए टीएमसी का मंच तैयार किया जा रहा था, जिसे सेना ने कथित तौर पर ध्वस्त कर दिया। सीएम ममता बनर्जी ने सेना के इस कदम को अनैतिक और अलोकतांत्रिक करार दिया। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि बंगाल प्रवासियों के 'उत्पीड़न' के विरोध में बनाए गए टीएमसी के मंच को सेना द्वारा ध्वस्त कराने के पीछे भाजपा का हाथ है। विपक्षी दल प्रतिशोध की राजनीति कर रहा है।
सेना से तटस्थ रहने की अपील, CM ममता ने भाजपा को आड़े हाथ लिया
मुख्यमंत्री ने कहा, कोलकाता में टीएमसी के मंच को हटाने से पहले सेना को कोलकाता पुलिस से परामर्श करना चाहिए था। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा, मैं सेना को दोष नहीं देती, बस उनसे अपील करती हूं कि वे तटस्थ रहें और भाजपा के हाथों की कठपुतली बनने से बचें। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि यह अनैतिक, असांविधानिक, अलोकतांत्रिक और सत्ता का दुरुपयोग है। वे सेना का इस्तेमाल अपने स्वार्थ के लिए करना चाहते हैं। यही आज का संदेश है। उन्हें आंतरिक सुरक्षा और सीमा सुरक्षा की परवाह नहीं है। उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। हमें इस कार्यक्रम की अनुमति थी, हमने शुल्क भी चुकाया था। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
टीएमसी ने भाजपा को घेरा
तृणमूल कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर पूर्व अनुमति और जमानत राशि जमा करने के बावजूद अपने विरोध स्थल को ध्वस्त करने के लिए सत्ता का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। पार्टी ने कहा कि मेयो रोड पर जो हुआ, वह सेना का काम नहीं है। टीएमसी ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि किसी भी प्रकार का बल प्रयोग, धमकी या राजनीतिक बर्बरता हमारे संकल्प को नहीं तोड़ पाएगी। यह एक घबराई हुई पार्टी की अलोकतांत्रिक, असंवैधानिक और बल प्रयोग की रणनीति है, जो जानती है कि वह बंगाल का विश्वास नहीं जीत सकती। भाजपा सोचती है कि वे आवाजों पर जूते चलाकर हमें चुप करा सकते हैं, लेकिन बंगाल कभी भी दबंगों के आगे नहीं झुका। चाहे औपनिवेशिक काल में हो या आज के दिल्ली के ज़मींदारों के शासन में। बंगाल की गरिमा, अपनी मातृभाषा और अपने लोगों के लिए हमारी लड़ाई और मजबूत होगी।
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सेना से तटस्थ रहने की अपील, CM ममता ने भाजपा को आड़े हाथ लिया
मुख्यमंत्री ने कहा, कोलकाता में टीएमसी के मंच को हटाने से पहले सेना को कोलकाता पुलिस से परामर्श करना चाहिए था। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा, मैं सेना को दोष नहीं देती, बस उनसे अपील करती हूं कि वे तटस्थ रहें और भाजपा के हाथों की कठपुतली बनने से बचें। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि यह अनैतिक, असांविधानिक, अलोकतांत्रिक और सत्ता का दुरुपयोग है। वे सेना का इस्तेमाल अपने स्वार्थ के लिए करना चाहते हैं। यही आज का संदेश है। उन्हें आंतरिक सुरक्षा और सीमा सुरक्षा की परवाह नहीं है। उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। हमें इस कार्यक्रम की अनुमति थी, हमने शुल्क भी चुकाया था। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
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टीएमसी ने भाजपा को घेरा
तृणमूल कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर पूर्व अनुमति और जमानत राशि जमा करने के बावजूद अपने विरोध स्थल को ध्वस्त करने के लिए सत्ता का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। पार्टी ने कहा कि मेयो रोड पर जो हुआ, वह सेना का काम नहीं है। टीएमसी ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि किसी भी प्रकार का बल प्रयोग, धमकी या राजनीतिक बर्बरता हमारे संकल्प को नहीं तोड़ पाएगी। यह एक घबराई हुई पार्टी की अलोकतांत्रिक, असंवैधानिक और बल प्रयोग की रणनीति है, जो जानती है कि वह बंगाल का विश्वास नहीं जीत सकती। भाजपा सोचती है कि वे आवाजों पर जूते चलाकर हमें चुप करा सकते हैं, लेकिन बंगाल कभी भी दबंगों के आगे नहीं झुका। चाहे औपनिवेशिक काल में हो या आज के दिल्ली के ज़मींदारों के शासन में। बंगाल की गरिमा, अपनी मातृभाषा और अपने लोगों के लिए हमारी लड़ाई और मजबूत होगी।
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