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जयराम रमेश का BJP पर हमला: संसद को बताया उत्तर कोरिया जैसा, बोले- 'हर बात पर मोदी-मोदी'; जमकर घेरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Love Gaur
Updated Wed, 04 Mar 2026 10:13 AM IST
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सार
Congress Jairam Ramesh: कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने संसद में पीएम मोदी की बहुत ज्यादा तारीफ करने के लिए भाजपा सांसदों की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि आज देश में 'वन मैन शो' चल रहा है। हर बात बस प्रधानमंत्री की तारीफ की जा रही है।
जयराम रमेश का बयान
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने संसद में भाजपा सांसदों के व्यवहार पर कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि संसद में प्रधानमंत्री की जरूरत से ज्यादा तारीफ की जा रही है और कई बार उन्हें ऐसा लगता है जैसे वे उत्तर कोरिया की सुप्रीम पीपुल्स असेंबली में बैठे हों। न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि आज देश में 'वन मैन शो' चल रहा है।
पीटीआई से बात करते हुए जयराम रमेश ने अमेरिका और इस्राइल के ईरान पर किए गए हमलों के मद्देनजर भारत की विदेश नीति पर सवाल उठाया। एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि देश से संबंधित सभी मामले (जिनमें विदेश मामले और वित्त शामिल हैं) एक ही व्यक्ति द्वारा संभाले जाते हैं।
बस हर बात में पीएम की तारीफ: जयराम रमेश
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आजकल, यह एक अकेले व्यक्ति का शो है। यह एक अकेले व्यक्ति का बैंड है। इसलिए यह प्रधानमंत्री की विदेश नीति है, यह प्रधानमंत्री का बजट है। सब कुछ प्रधानमंत्री ही संभालते हैं। उन्होंने आगे कहा, 'कभी-कभी मुझे ऐसा लगता है कि मैं उत्तर कोरिया की संसद में बैठा हूं। मैं भाजपा के लोगों को सुनता हूँ। विषय चाहे जो भी हो, मुद्दा चाहे जो भी हो, उनके भाषण का 90 प्रतिशत हिस्सा प्रधानमंत्री की प्रशंसा में ही बीतता है। विषय से कोई लेना-देना नहीं, विधेयक से कोई संबंध नहीं। वे बस प्रधानमंत्री की प्रशंसा करते रहते हैं।'
रमेश ने आरोप लगाया, 'जब प्रधानमंत्री प्रवेश करते हैं, तो नारे लगते हैं, मेज थपथपाई जाती है, 'मोदी, मोदी, मोदी' के नारे लगाए जाते हैं। यह भारत की संसद है या कोई और जगह?' कांग्रेस नेता ने कहा कि पहले ऐसा कभी नहीं हुआ। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 1971 के युद्ध के बाद जरूर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का सम्मान हुआ था और अटल बिहारी वाजपेयी ने उन्हें ‘दुर्गा’ कहा था, लेकिन आज जैसा हर दिन तालियां और नारे लगते हैं, वैसा पहले नहीं देखा गया।
मोदी सरकार अमेरिका से डरती है: रमेश
उन्होंने यह भी कहा कि जब जवाहरलाल नेहरू संसद में आते थे, तब भी इस तरह के नारे नहीं लगते थे। विदेश नीति पर हमला करते हुए जयराम रमेश ने कहा कि मोदी सरकार पूरी तरह इस्राइल के साथ खड़ी है और अमेरिका से डरती है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में फैसले लिए जा रहे हैं।
रमेश ने कहा कि भारत ने 1988 में फिलिस्तीन को मान्यता दी थी, लेकिन अब सरकार अपने पुराने रुख से हट रही है। उन्होंने इसे 'नैतिक कायरता' बताया। उन्होंने यह भी कहा कि मध्य पूर्व में लगभग 1 करोड़ भारतीय काम करते हैं और वहां से हर साल अरबों डॉलर की कमाई (रिमिटेंस) आती है, जिससे खासकर केरल की अर्थव्यवस्था चलती है।
ऐसे में भारतीयों की सुरक्षा सबसे अहम है।
ये भी पढ़ें: Congress: केरल और तमिलनाडु में परिसीमन को मुद्दा बनाएगी कांग्रेस, जयराम रमेश ने भाजपा की मंशा पर उठाए सवाल
भारत की स्वतंत्र विदेश नीति कमजोर हो गई: कांग्रेस
रमेश ने तंज कसते हुए कहा, 'इसे विदेश नीति नहीं, ‘हग्गोमेसी’ कहा जाना चाहिए – सबको गले लगाओ और दिखाओ कि आप दोस्त हो।' उन्होंने आरोप लगाया कि कई बड़े फैसलों की घोषणा वॉशिंगटन से हो रही है, न कि नई दिल्ली से। अंत में उन्होंने कहा कि भारत की स्वतंत्र विदेश नीति कमजोर हो गई है और देश की अंतरराष्ट्रीय साख भी घटी है। उन्होंने कहा, 'भारत की रणनीतिक आजादी बनी रहनी चाहिए। कोई हमें यह नहीं बता सकता कि रूस से हमारे संबंध कैसे होंगे।'
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बस हर बात में पीएम की तारीफ: जयराम रमेश
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आजकल, यह एक अकेले व्यक्ति का शो है। यह एक अकेले व्यक्ति का बैंड है। इसलिए यह प्रधानमंत्री की विदेश नीति है, यह प्रधानमंत्री का बजट है। सब कुछ प्रधानमंत्री ही संभालते हैं। उन्होंने आगे कहा, 'कभी-कभी मुझे ऐसा लगता है कि मैं उत्तर कोरिया की संसद में बैठा हूं। मैं भाजपा के लोगों को सुनता हूँ। विषय चाहे जो भी हो, मुद्दा चाहे जो भी हो, उनके भाषण का 90 प्रतिशत हिस्सा प्रधानमंत्री की प्रशंसा में ही बीतता है। विषय से कोई लेना-देना नहीं, विधेयक से कोई संबंध नहीं। वे बस प्रधानमंत्री की प्रशंसा करते रहते हैं।'
रमेश ने आरोप लगाया, 'जब प्रधानमंत्री प्रवेश करते हैं, तो नारे लगते हैं, मेज थपथपाई जाती है, 'मोदी, मोदी, मोदी' के नारे लगाए जाते हैं। यह भारत की संसद है या कोई और जगह?' कांग्रेस नेता ने कहा कि पहले ऐसा कभी नहीं हुआ। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 1971 के युद्ध के बाद जरूर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का सम्मान हुआ था और अटल बिहारी वाजपेयी ने उन्हें ‘दुर्गा’ कहा था, लेकिन आज जैसा हर दिन तालियां और नारे लगते हैं, वैसा पहले नहीं देखा गया।
मोदी सरकार अमेरिका से डरती है: रमेश
उन्होंने यह भी कहा कि जब जवाहरलाल नेहरू संसद में आते थे, तब भी इस तरह के नारे नहीं लगते थे। विदेश नीति पर हमला करते हुए जयराम रमेश ने कहा कि मोदी सरकार पूरी तरह इस्राइल के साथ खड़ी है और अमेरिका से डरती है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में फैसले लिए जा रहे हैं।
रमेश ने कहा कि भारत ने 1988 में फिलिस्तीन को मान्यता दी थी, लेकिन अब सरकार अपने पुराने रुख से हट रही है। उन्होंने इसे 'नैतिक कायरता' बताया। उन्होंने यह भी कहा कि मध्य पूर्व में लगभग 1 करोड़ भारतीय काम करते हैं और वहां से हर साल अरबों डॉलर की कमाई (रिमिटेंस) आती है, जिससे खासकर केरल की अर्थव्यवस्था चलती है।
ऐसे में भारतीयों की सुरक्षा सबसे अहम है।
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भारत की स्वतंत्र विदेश नीति कमजोर हो गई: कांग्रेस
रमेश ने तंज कसते हुए कहा, 'इसे विदेश नीति नहीं, ‘हग्गोमेसी’ कहा जाना चाहिए – सबको गले लगाओ और दिखाओ कि आप दोस्त हो।' उन्होंने आरोप लगाया कि कई बड़े फैसलों की घोषणा वॉशिंगटन से हो रही है, न कि नई दिल्ली से। अंत में उन्होंने कहा कि भारत की स्वतंत्र विदेश नीति कमजोर हो गई है और देश की अंतरराष्ट्रीय साख भी घटी है। उन्होंने कहा, 'भारत की रणनीतिक आजादी बनी रहनी चाहिए। कोई हमें यह नहीं बता सकता कि रूस से हमारे संबंध कैसे होंगे।'
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