फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   congress-kc-venugopal-shashi-tharoor-rahul-gandhi-student-outreach-bjp

'ऐसे बयान देने से बचें, जिससे BJP खुश हो': थरूर की टिप्पणी पर कांग्रेस में हलचल, वेणुगोपाल ने दी क्या सलाह?

Sun, 09 Aug 2026 05:15 PM IST
Devesh Tripathi पीटीआई, अलप्पुझा
पीटीआई, अलप्पुझा Published by: Devesh Tripathi Updated Sun, 09 Aug 2026 05:15 PM IST
सार

कांग्रेस में शशि थरूर की एक टिप्पणी को लेकर सार्वजनिक बयानबाजी शुरू हो गई है। पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने नेताओं को सलाह दी कि वे ऐसी बातों से बचें, जिनसे भाजपा को कांग्रेस पर निशाना साधने का मौका मिले। विवाद राहुल गांधी के छात्रों से जुड़े कार्यक्रम और जेन जी के बीच उसकी पहुंच को लेकर थरूर की टिप्पणी से जुड़ा है।

विज्ञापन
congress-kc-venugopal-shashi-tharoor-rahul-gandhi-student-outreach-bjp
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल ने रविवार को पार्टी नेताओं से सावधानी बरतने और ऐसे बयान देने से बचने को कहा, जिससे भाजपा को खुशी हो। उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर की राहुल गांधी के छात्र संपर्क कार्यक्रम को लेकर की गई कथित टिप्पणी के संदर्भ में यह बात कही।
विज्ञापन


अलप्पुझा के सांसद वेणुगोपाल से पत्रकारों ने थरूर की उस कथित टिप्पणी के बारे में सवाल किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम जेन जी के बीच उतना प्रभाव नहीं छोड़ पाया, जितना 'कॉकरोच जनता पार्टी' के विरोध प्रदर्शनों ने छोड़ा था।
विज्ञापन


थरूर के बयान पर क्या बोले केसी वेणुगोपाल?
वेणुगोपाल ने कहा, "जहां तक मुझे पता है, मैंने उनका बयान कुछ मीडिया चैनलों के जरिए ही देखा है। मैं यह नहीं सुन पाया हूं कि उन्होंने वास्तव में क्या कहा।" उन्होंने कहा कि थरूर से उनकी टिप्पणी के बारे में सीधे सवाल किया जाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस नेताओं को सार्वजनिक बयान देते समय सावधानी बरतनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा, "भले ही कांग्रेस के सदस्य हमेशा पार्टी के ढांचे या अनुशासन का सख्ती से पालन नहीं करते हों, लेकिन हमें ऐसे बयान देने से बचने के लिए सावधान रहना चाहिए, जिससे केवल भाजपा खुश हो।" उन्होंने कहा, "अगर कोई राहुल गांधी में गलती निकालता है या उनके बारे में दो नकारात्मक बातें कहता है तो भाजपा बहुत खुश होगी। उनके लिए इससे ज्यादा खुशी की बात कुछ नहीं होगी।"

कांग्रेस महासचिव ने दी क्या सलाह?
वेणुगोपाल ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि थरूर ने जानबूझकर ऐसी टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा, "हम सभी को सावधान रहना चाहिए, चाहे जानबूझकर या अनजाने में। मुझे नहीं लगता कि उन्होंने यह बात जानबूझकर कही थी और न ही उनके ऐसा जानबूझकर कहने की संभावना है। हमें ऐसी टिप्पणियां करने से बचना चाहिए।"

उन्होंने कहा कि इलाहाबाद में राहुल गांधी के कार्यक्रम में देश के जेन जी युवाओं ने हिस्सा लिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने कार्यक्रम में बाधा डालने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया, "योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इलाहाबाद में उस कार्यक्रम को बाधित करने की पूरी कोशिश की। उन्होंने आयोजन स्थल तक जाने वाले रास्ते पर मानव मल तक फैला दिया।"

केंद्र और योगी सरकार पर साधा निशाना
वेणुगोपाल ने कहा कि कथित तौर पर कॉलेज प्रबंधन पर दबाव डालने के बाद शुरुआत में कार्यक्रम के लिए जगह देने से इनकार कर दिया गया था। बाद में अनुमति दी गई, लेकिन रास्ते में अस्वच्छ स्थिति पैदा कर दी गई। उन्होंने कहा, "लेकिन कल इलाहाबाद में वहां क्या दृश्य देखने को मिला? वे सामान्य कांग्रेस कार्यकर्ता, युवा कांग्रेस या एनएसयूआई के सदस्य नहीं थे। वह भारत की वास्तविक जेन जी थी।"

उन्होंने कहा कि इसी तरह की भागीदारी कोट्टा और देहरादून में भी देखने को मिली। वेणुगोपाल ने कहा कि राहुल गांधी ने उन छात्रों का मुद्दा उठाया है, जिन्हें विरोध प्रदर्शनों के दौरान कथित तौर पर पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा, "आपने देखा होगा कि पैलेट गन से प्रभावित छात्र को सबसे पहले जनता के सामने कौन लेकर आया था? राहुल गांधी।"

उन्होंने कहा, "जब हाल में महिला छात्रों को पीटा गया और उन्हें पुरुष पुलिस अधिकारियों ने पीटा, तो उन महिला छात्रों को जनता के सामने कौन लेकर आया? राहुल गांधी।" उन्होंने छात्रों के समर्थन में राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं की ओर से प्रधानमंत्री आवास की ओर निकाले गए विरोध मार्च का भी जिक्र किया।

जेन जी के लिए कांग्रेस ने क्या-क्या किया?
वेणुगोपाल ने कहा, "उस प्रदर्शन में शामिल छात्रों के साथ एकजुटता जताते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता और हम सभी प्रधानमंत्री आवास तक मार्च करते हुए गए। भारत में इससे पहले ऐसा कभी नहीं देखा गया। यह देश के सबसे बड़े विरोध मार्च में से एक था, जिसे पूरे देश ने करीब से देखा। यह जेन जी के लिए था।"

थरूर ने दिया था क्या बयान?
थरूर ने शुक्रवार को महाराष्ट्र में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में वही मुद्दे उठाए गए थे, जो 'कॉकरोच जनता पार्टी' के विरोध प्रदर्शन में उठाए गए थे। जब उनसे पूछा गया कि 'छात्रों की गूंज' रैलियां जंतर-मंतर पर हुए कार्यक्रम जितना प्रभाव नहीं छोड़ पाईं, तो थरूर ने कहा था, "सही है। और इसलिए हमें खुद से पूछना चाहिए कि हमसे क्या चूक हुई।"

उन्होंने कहा था, "क्या हम सुनने में नाकाम रहे? क्या हम लोगों की नब्ज पर हाथ रखने वाली पुरानी कहावत को पूरा नहीं कर पाए? क्या हमारी उंगली जेन जी की नब्ज पर नहीं थी? यह ऐसी चीज है जिसकी हमें वास्तव में पड़ताल करने की जरूरत है।"


थरूर ने शनिवार को दावा किया कि मीडिया उनके बयान को "अपनी ही पार्टी या उसके नेतृत्व पर हमला" के रूप में पेश कर रहा है। उन्होंने कहा कि वह इस बात पर जोर दे रहे थे कि राजनीतिक दलों को अपने दरवाजे खोलने चाहिए और अगली पीढ़ी के लिए राजनीति को आकार देने की शक्ति हासिल करने के रास्ते बनाने चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed