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Railways: रेलवे का खजाना हुआ मजबूत! 5 साल में चुकाया 1.93 लाख करोड़ का कर्ज, जानें कैसे बदली तस्वीर
Sun, 09 Aug 2026 05:37 PM IST
राहुल कुमार
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Sun, 09 Aug 2026 05:37 PM IST
सार
रेलवे ने पिछले कुछ वर्षों में बाजार से कर्ज लेने पर निर्भरता कम की है। सरकार रेलवे को पर्याप्त बजटीय सहायता दे रही है।बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट और रेल संसाधनों की खरीद के लिए सरकारी बजट का इस्तेमाल बढ़ा है।
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भारतीय रेलवे।
- फोटो : ANI
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विस्तार
भारतीय रेलवे लगातार नए प्रयोग कर रहा है। यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ाने के साथ वंदे भारत समेत कई नई ट्रेनें भी शुरू कर रहा है। इस बीच रेलवे की माली हालत में भी सुधार हुआ है। रेलवे अब अपना कर्ज तेजी से चुका रहा है। बाजार से नया कर्ज लेने पर भी निर्भरता कम हुई है।
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राज्यसभा में एक लिखित प्रश्न के जवाब में रेलवे ने बताया,पिछले पांच वित्तीय वर्षों में करीब 1.93 लाख करोड़ रुपये कर्ज चुकाया है। इसमें करीब 93 हजार करोड़ रुपये ब्याज के हैं। जबकि करीब एक लाख करोड़ रुपये मूलधन के तौर पर चुकाए गए। यह कर्ज इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन और वित्त मंत्रालय से लिया गया था। कोरोना काल में वित्त मंत्रालय ने रेलवे को 79 हजार करोड़ रुपये का विशेष कर्ज भी दिया था।
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मंत्रालय के मुताबिक, रेलवे ने पिछले कुछ वर्षों में बाजार से कर्ज लेने पर निर्भरता कम की है। सरकार रेलवे को पर्याप्त बजटीय सहायता दे रही है। इसी राशि से इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और रोलिंग स्टॉक की खरीद की जा रही है। बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट और रेल संसाधनों की खरीद के लिए सरकारी बजट का इस्तेमाल बढ़ा है। रेलवे ने डिजिटलाइजेशन की ओर भी कदम बढ़ाए हैं। यात्रियों के लिए बुनियादी सुविधाएं मजबूत की गई हैं। ट्रेनों में जरूरी सुविधाएं बढ़ाई गई हैं। ट्रेनों का विस्तार किया गया है। नई ट्रेनें और नए स्टेशन भी बनाए जा रहे हैं। इन प्रयासों का असर रेलवे के यात्री आंकड़ों पर भी पड़ा है। यात्रियों की संख्या में इजाफा हुआ है।
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कोरोना महामारी के असर के बावजूद रेलवे की कर्ज चुकाने की स्थिति पिछले कुछ वर्षों में स्थिर रही है। बजटीय सहायता बढ़ने से रेलवे अपनी देनदारियां चुकाने के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी खर्च कर सका है। इस बीच, इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन ने रेलवे के अलावा दूसरे संबंधित क्षेत्रों को भी कर्ज देना शुरू किया है।