फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Congress MP Karti Chidambaram reacts On Narayana Murthy seventy Hour Workweek news in hindi

Narayan Murthy: हफ्ते में 70 घंटे काम के नारायण मूर्ति की बात से सहमत नहीं कार्ति, बोले- अधिक काम करना अर्थहीन

Mon, 23 Dec 2024 03:16 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: श्वेता महतो Updated Mon, 23 Dec 2024 03:16 PM IST
सार

कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत को चार दिन के कार्य सप्ताह की ओर बढ़ना चाहिए। सोमवार दोपहर 12 बजे से लेकर शुक्रवार दोपहर के दो बजे तक। कार्ति चिदंबरम ने यह टिप्पणी कांग्रेस के ही नेता गौरव गोगोई के बयान के बाद की।

विज्ञापन
Congress MP Karti Chidambaram reacts On Narayana Murthy seventy Hour Workweek news in hindi
कार्ति चिदंबरम, नारायण मूर्ति - फोटो : ANI

विस्तार

कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने इंफोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति पर तंज कसा। नारायण मूर्ति ने लगातार 70 घंटे के कार्य सप्ताह पर जोर दिया था। उन्होंने कहा कि भारत के विकास के लिए त्याग की आवश्यकता है, विश्राम की नहीं। उनके इस विचार से कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अधिक समय तक काम करना अर्थहीन है।
विज्ञापन


नारायण मूर्ति के विचार से सहमत नहीं कार्ति चिदंबरम
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर नारायण मूर्ति के विचार पर असहमति जताते हुए कांग्रेस सांंसद कार्ति चिदंबरम ने कहा, "अधिक समय तक काम करना अर्थहीन है। हमारा ध्यान कार्यक्षमता पर होना चाहिए।" उन्होंने आगे कहा, "दैनिक जीवन एक संघर्ष है। यह अकुशल और घटिया बुनियादी ढांचे से जूझ रहा है। अच्छी सामाजिक व्यवस्था और सद्भाव के लिए कार्य-जीवन को संतुलित रखना महत्वपूर्ण है।"
विज्ञापन


कांग्रेस नेता ने कहा, "भारत को चार दिन के कार्य सप्ताह की ओर बढ़ना चाहिए। सोमवार दोपहर 12 बजे से लेकर शुक्रवार दोपहर के दो बजे तक।" कार्ति चिदंबरम ने यह टिप्पणी कांग्रेस के ही नेता गौरव गोगोई के बयान के बाद की। गौरव गोगोई भी इंफोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति के लंबे कामकाजी घंटों वाले बयान से सहमत नहीं हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने चार दिसंबर को एक्स पर कहा, "मैं कार्य-जीवन संतुलन पर नारायण मूर्ति के विचार से असहमत हूं। आखिरकार जीवन क्या है? अपने बच्चों की देखभाल करना, उनके लिए खाना बनाना, उन्हें पढ़ाना, अपने बुजुर्गों की सेवा करना, जरूरत पड़ने पर अपने दोस्तों के मदद आना। यह कार्य जितना एक पुरुष है उतना ही महिलाओं का भी हैं।" उन्होंने आगे कहा, "नौकरी करने वाली महिलाओं के पास काम और अपने निजी जीवन को अलग करने का विकल्प नहीं होता है।"


नारायण मूर्ति का बयान
बता दें कि नारायण मूर्ति ने अपने काम के तरीके के बारे में निजी जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि अपने करियर के दौरान उन्होंने सप्ताह में साढ़े छह दिन 14 घंटे काम किया। वह सुबह 6:30 बजे कार्यालय पहुंच जाते थे और रात साढ़े आठ बजे निकल जाते थे। उन्होंने कहा, "मुझे इस पर गर्व है।" हालांकि बाद में उन्होंने अपने बयान का बचाव करते हुए कहा कि युवाओं को समझना होगा कि अपने देश को नंबर-1 बनाने के लिए हमें कड़ी मेहनत करने की आवश्यकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed