Congress Party Feud: शकील अहमद और राशिद अल्वी पर कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर का पलटवार, बताया विश्वासघाती गिरोह
कांग्रेस में इन दिनों आंतरिक मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। वरिष्ठ नेता शकील अहमद और राशिद अल्वी ने पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र और संवाद की कमी का आरोप लगाया। जवाब में कांग्रेस सांसद ने दोनों को गद्दारों के समूह का हिस्सा बताया। जानें क्या है पूरा मामला।
कांग्रेस में इन दिनों आंतरिक मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। वरिष्ठ नेता शकील अहमद और राशिद अल्वी ने पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र और संवाद की कमी का आरोप लगाया। जवाब में कांग्रेस सांसद ने दोनों को गद्दारों के समूह का हिस्सा बताया। जानें क्या है पूरा मामला।
विस्तार
कांग्रेस में दरारें सामने आ रही हैं। कुछ दिनों बाद जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं शकील अहमद और राशिद अल्वी ने आरोप लगाया कि पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र का अभावऔर संचार की कमी है। इस पर पलटवार करते हुए कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कहा कि दोनों नेता विश्वासघातियों के समूह में शामिल हो गए हैं। यह प्रवृत्ति 2015 में शुरू हुई थी।
हर साल हमें गद्दारों का नया समूह देखने को मिलता है-टैगोर
टैगोर ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, “2015 से, हर साल हमें गद्दारों का एक नया समूह, 'जयचंदों' का एक झुंड देखने को मिलता है। इस साल के गद्दारों का यह झुंड उभरना शुरू हो गया है।शकील अहमद और राशिद अल्वी भी इस झुंड में शामिल हो गए हैं। इस 2026 के गद्दारों के झुंड के बारे में बात करने की कोई जरूरत नहीं है। राहुल गांधी ने नफरत की इस राजनीति को खत्म करने और प्रेम फैलाने के लिए पदयात्रा निकाली थी।”
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क्या है पूरा मामला
दरअसल, वह लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर कुछ कांग्रेस नेताओं द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब दे रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि संचार की कमी है और "ऐसा कोई पार्टी मंच नहीं है जहां हम अपनी आवाज उठा सकें।" यह विवाद तब शुरू हुआ जब कांग्रेस से हाल ही में अलग हुए शकील अहमद ने राहुल गांधी पर तीखा हमला करते हुए उन पर वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार करने और पार्टी के भीतर आंतरिक लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया।
राहुल गांधी पर लगाया आरोप
कांग्रेस के पूर्व नेता शकील अहमद ने शनिवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पार्टी से वरिष्ठ स्थापित नेतृत्व को बाहर निकालना चाहते हैं। उनकी जगह युवा नेतृत्व को लाना चाहते हैं जो उनकी छवि को बेहतर बनाए। एएनआई से बात करते हुए अहमद ने कहा, "राहुल गांधी ने युवा कांग्रेस और एनएसयूआई को एक साथ रखा है क्योंकि वह कांग्रेस पार्टी से वरिष्ठ स्थापित नेताओं को बाहर निकालना चाहते हैं और उनकी जगह युवा कांग्रेस के नेताओं और उन लोगों को लाना चाहते हैं जो उनकी प्रशंसा करते हैं।" शकील अहमद ने यह भी दावा किया कि राहुल गांधी लोकप्रिय, अनुभवी नेताओं के साथ सहयोग करने में असहज महसूस करते हैं।
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अहमद ने एएनआई को बताया "कांग्रेस में कई ऐसे नेता हैं, जो राहुल गांधी के राजनीति में आने से बहुत पहले से ही सक्रिय हैं। जिस दिन राहुल गांधी जी ने अपना पहला चुनाव जीता, उसी दिन मैंने अपना पांचवां चुनाव जीता। मेरा मानना है कि जो लोग उन्हें अपना नेता नहीं मानते, उनके साथ बैठने में उन्हें असहजता होती है। मुझे यह लंबे समय से महसूस होता रहा है, लेकिन जब आप पार्टी में बने रहते हैं तो ऐसी बातें नहीं कहते। " उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपने नेहरू-गांधी वंश के कारण श्रेष्ठता की भावना रखते हैं।
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