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प. एशिया संकट: ईंधन की उपलब्धता पर भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने, दोनों दलों के सांसदों ने एक दूसरे पर उठाए सवाल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: Nirmal Kant Updated Thu, 02 Apr 2026 04:05 PM IST
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Congress questions ground reality as BJP defends LPG, fuel supply amid West Asia crisis
मनीष तिवारी, प्रह्लाद जोशी - फोटो : एएनआई (फाइल)
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पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच तरल प्राकृतिक गैस (एलपीजी) और ईंधन की उपलब्धता को लेकर गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस आमने-सामने आ गईं। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्ष में कैबिनेट सुरक्षा समिति (सीसीएस) की बैठक हुई थी, जिसमें जरूरी सामानों की आपूर्ति पर इस संकट के असर की समीक्षा की गई थी। 
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सीसीएस की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा?
पीएम मोदी ने कहा, पश्चिम एशिया में जारी जंग के असर से भारतीय नागरिकों को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि अफवाहों और गलत जानकारी को रोकना और सही जानकारी लोगों तक पहुंचाना जरूरी है। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी बयान के मुताबिक, यह बैठक इस बात की समीक्षा के लिए हुई कि मंत्रालयों व विभागों ने पश्चिम एशिया संकट को देखते हुए अब तक क्या कदम उठाए हैं और आगे क्या किया जाना चाहिए। इस मुद्दे पर यह सीसीएस की दूसरी बैठक थी। पहली बैठक 22 मार्च को हुई थी। 
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प्रधानमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे वैश्विक हालात से प्रभावित नागरिकों और क्षेत्रों की समस्याओं को कम करने के लिए हरसंभव कदम उठाएं। ईंधन की आपूर्ति और कीमतों को लेकर चिंता के बीच भाजपा ने कहा, सरकार स्थिति को सक्रिय रूप से संभाल रही है। जबकि, कांग्रेस जमीनी स्तर पर एलपीजी और पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता पर सवाल उठाए।

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केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कांग्रेस पर साधा निशाना
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने विपक्ष पर घबराहट फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने संसद परिसर में मीडिया से बातचीत में कहा, कुछ लोग अफवाहें फैला रहे हैं। (कांग्रेस नेता) राहुल गांधी ने यह बयान दिया कि पेट्रोल और डीजल दो दिन में खत्म हो जाएगा, जो सही नहीं है। उन्होंने कहा, पड़ोसी व अन्य देशों में कई तरह की पाबंदियां हैं। लेकिन भारत में सब कुछ सामान्य रूप से चल रहा है। जोशी ने कहा, वैश्विक संकट के बावजूद देश अच्छी स्थिति में है। प्रधानमंत्री मोदी का विरोध करते-करते देश का विरोध करना दुर्भाग्यपूर्ण है। 

भाजपा सांसदों ने क्या कहा?
भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री खुद स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि जब दुनिया महंगाई और जरूरी सामान की कमी से जूझ रही है, तब प्रधानमंत्री अपने मंत्रिपरिषद के साथ हर पहलू पर ध्यान दे रहे हैं, ताकि खाद की कीमतें न बढ़ें।उन्होंने यह भी कहा, 40 पेट्रोलियम उत्पादों पर छूट दी गई है और कई मामलों में सीमा शुल्क भी हटा तिया गया है। पेट्रोल और डीजल पर शुल्क घटाकर 10 रुपये प्रति लीटर की राहत दी गई है, जिससे कीमतों को नियंत्रण में रखने की कोशिश की गई है।

वहीं, भाजपा सांसद मदन राठौर ने भी कहा, प्रधानमंत्री पूरी तरह सतर्क हैं और पर्याप्त भंडार मौजूद है। उन्होंने कहा, आज भी आपूर्ति जारी है। भारत के जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित आ रहे हैं। किसी तरह की समस्या नहीं है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी भाषा लोकतंत्र की भावना के अनुरूप नहीं है। उनका संवाद केवल आलोचना तक सीमित रह गया है।

भाजपा सांसद राजकुमार चाहर ने कहा, सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसानों कोई परेशानी न हो। उन्होंने प्रधानमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि कोरोना के समय भी किसानों को कोई दिक्कत नहीं होने दी गई थी। उन्होंने कहा, उर्वरक और रसायन मंत्री ने सभी राज्यों के साथ बैठक कर आश्वासन दिया है कि देश में रासायनिक खाद की कोई कमी नहीं होगी। उन्होंने कहा, यह संकट भारत ने नहीं पैदा किया है। पूरी दुनिया इसका सामना कर रही है। इसलिए देश के लोगों को मिलकर इसका सामना करना चाहिए।

कांग्रेस ने क्या सवाल उठाए?
वहीं कांग्रेस ने सरकार के दावों पर सवाल उठाए और कहा कि जमीनी स्तर पर ईंधन उपलब्ध नहीं है। कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा, अगर कोई संकट है, तो इसका असर जमीन पर दिखना चाहिए। उपभोक्ताओं को भरोसा होना चाहिए और उन्हें मांग पर रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल मिलना चाहिए। अगर ऐसा है, तो प्रधानमंत्री की बात सही है। लेकिन अगर लोग परेशान हैं, तो सच कुछ और ही है। 

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कूटनीतिक प्रयासों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार कब तक अस्थायी उपायों से काम चलाएगी। उन्होंने पूछा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए क्या कूटनीतिक प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्पाद शुल्क घटाकर और सीमा शुल्क हाटकर हटाकर स्थिति को कुछ समय के लिए संभाला जा सकता है। लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है। उन्होंने यह भी पूछा कि जब तक होर्मुज बंद है, तब तक कच्चा तेल और गैस पर्याप्त मात्रा में कब तक आएंगे। उन्होंने कहा कि चीन, तुर्किये और पाकिस्तान जैसे कई देश मध्यस्थता कर रहे हैं, ऐसे में भारत क्या कूटनीतिक कदम उठा रहा है, यह सरकार को बताना चाहिए। 




 

 
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