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सबरीमाला प्रसाद की गुणवत्ता पर कोर्ट सख्त: सफाई और स्टोरेज सुधारने के निर्देश, एफएसएसएआई जांच में क्या मिला?
Thu, 24 Sep 2026 12:00 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी
पीटीआई, कोच्चि।
पीटीआई, कोच्चि।
Published by: अस्मिता त्रिपाठी
Updated Thu, 24 Sep 2026 12:00 PM IST
सार
केरल हाईकोर्ट में टीडीबी ने कहा कि सबरीमाला प्रसाद यूनिट में एफएसएसएआई जांच के दौरान मिली सफाई, स्वच्छता, कीट नियंत्रण और स्टोरेज संबंधी कमियों को दूर किया जाएगा। यूनिट को 182 में से 91 अंक मिले थे। कोर्ट ने सुधार के साथ फूड एनालिसिस लैब स्थापित करने और नियमित जांच के निर्देश दिए।
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केरल हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
टीडीबी ने केरल हाईकोर्ट को बताया है कि वह सबरीमाला में प्रसाद बनाने वाली यूनिट के निरीक्षण के दौरान भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की ओर से बताई गई सफाई, स्वच्छता, कीड़ों से बचाव और स्टोरेज से जुड़ी कमियों को दूर करने के लिए कदम उठाएगा। इसके साथ ही यह पक्का करेगा कि जरूरी स्टैंडर्ड धीरे-धीरे हासिल किए जाएं।
निरीक्षण में क्या कमियां मिली थी?
सबरीमाला में प्रसाद बनाने वाली यूनिट के एफएसएसएआई निरीक्षण में सफाई-सफाई, कीड़ों से बचाव और स्टोरेज की व्यवस्था जैसी चीजों में कमियां पाई गई थीं। इस साल अगस्त में संस्थान के दो बार किए गए निरीक्षण के बाद, एफएसएसएआई की ओर से सौंपी गई रिपोर्ट में प्रसाद बनाने वाले संस्थान को अधिकतम 182 में से 91 अंक दिए गए। इसके साथ ही नतीजे को नियमों का पालन न करने के तौर पर दर्ज किया गया।
जस्टिस राजा विजयराघवन वी और के वी जयकुमार की बेंच ने कहा कि जांच में ऐसे खास क्षेत्रों की पहचान की गई है, जहां सुधार और बाद में वेरिफिकेशन की जरूरत है। एफएसएसएआई ने उन क्षेत्रों की पहचान की जहां और सुधार और सुधारात्मक कार्रवाई की जरूरत थी। खासकर परिसर, रखरखाव और डिजाइन, कीट रोकथाम, स्टोरेज की व्यवस्था, सफाई और स्वच्छता, उपकरणों का रखरखाव, डॉक्यूमेंटेशन और रिकॉर्ड रखना, खाना बनाने वालों की ट्रेनिंग और ऑडिट से जुड़ी जरूरतों के कुछ पहलुओं के संबंध में।
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बेंच ने क्या कहा है?
हाईकोर्ट ने कहा, 'जहां तक हाउसकीपिंग और स्टोरेज की व्यवस्था का सवाल है। बताया गया है कि जांच में उपकरणों और बर्तनों की बेहतर सफाई, सफाई वाले केमिकल को सही ढंग से अलग-अलग रखने और स्टोर करने, कच्चे माल और तैयार उत्पादों को बेहतर ढंग से स्टोर करने, स्टॉक को सही ढंग से रोटेट करने और उससे जुड़े रिकॉर्ड बनाए रखने की जरूरत देखी गई।
टीडीबी को क्या निर्देश दिया?
एफएसएसएआई की रिपोर्ट में अरवना, अप्पम और पंचमृतम के प्रोडक्शन, पैकिंग और स्टोरेज वाले हिस्सों में पानी के रिसाव का भी पता चला। कोर्ट ने कहा कि एफएसएसएआई ने त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) को निर्देश दिया है कि वह जांच के दौरान पाई गई कमियों को ठीक करे और सक्षम अधिकारी द्वारा वेरिफिकेशन के लिए जरूरी दस्तावेजी सबूत पेश करे।
टीडीबी ने क्या कहा?
टीडीबी ने कोर्ट को बताया कि एफएसएसएआई से मिले सुझावों और टिप्पणियों पर ठीक से विचार किया जाएगा। लागू जरूरतों का पालन सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। बोर्ड ने यह भी कहा कि पालन के उपायों की समीक्षा करने, जांच के दौरान पाई गई कमियों को दूर करने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि जरूरी स्टैंडर्ड धीरे-धीरे हासिल किए जाएं। एफएसएसएआई के साथ और बैठकें की जाएंगी।
सबरीमाला में पूरी तरह से काम करने वाली फूड एनालिसिस लैबोरेटरी स्थापित करने के मुद्दे पर, कोर्ट ने सरकार के सचिव, राजस्व (देवस्वोम) विभाग को निर्देश दिया कि वे केरल के फूड सेफ्टी कमिश्नर और टीडीबी के संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक करें। सभी संबंधित लोगों के साथ नियमित रूप से फॉलो-अप करें।
बेंच ने कहा, 'संबंधित अधिकारी तौर-तरीके तय करेंगे और देवस्वोम से जुड़े खाद्य उत्पादों और सामग्रियों की प्रभावी और नियमित टेस्टिंग की जरूरत को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द लैबोरेटरी स्थापित करने के लिए तेजी से कदम उठाएंगे।'
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निरीक्षण में क्या कमियां मिली थी?
सबरीमाला में प्रसाद बनाने वाली यूनिट के एफएसएसएआई निरीक्षण में सफाई-सफाई, कीड़ों से बचाव और स्टोरेज की व्यवस्था जैसी चीजों में कमियां पाई गई थीं। इस साल अगस्त में संस्थान के दो बार किए गए निरीक्षण के बाद, एफएसएसएआई की ओर से सौंपी गई रिपोर्ट में प्रसाद बनाने वाले संस्थान को अधिकतम 182 में से 91 अंक दिए गए। इसके साथ ही नतीजे को नियमों का पालन न करने के तौर पर दर्ज किया गया।
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जस्टिस राजा विजयराघवन वी और के वी जयकुमार की बेंच ने कहा कि जांच में ऐसे खास क्षेत्रों की पहचान की गई है, जहां सुधार और बाद में वेरिफिकेशन की जरूरत है। एफएसएसएआई ने उन क्षेत्रों की पहचान की जहां और सुधार और सुधारात्मक कार्रवाई की जरूरत थी। खासकर परिसर, रखरखाव और डिजाइन, कीट रोकथाम, स्टोरेज की व्यवस्था, सफाई और स्वच्छता, उपकरणों का रखरखाव, डॉक्यूमेंटेशन और रिकॉर्ड रखना, खाना बनाने वालों की ट्रेनिंग और ऑडिट से जुड़ी जरूरतों के कुछ पहलुओं के संबंध में।
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बेंच ने क्या कहा है?
हाईकोर्ट ने कहा, 'जहां तक हाउसकीपिंग और स्टोरेज की व्यवस्था का सवाल है। बताया गया है कि जांच में उपकरणों और बर्तनों की बेहतर सफाई, सफाई वाले केमिकल को सही ढंग से अलग-अलग रखने और स्टोर करने, कच्चे माल और तैयार उत्पादों को बेहतर ढंग से स्टोर करने, स्टॉक को सही ढंग से रोटेट करने और उससे जुड़े रिकॉर्ड बनाए रखने की जरूरत देखी गई।
टीडीबी को क्या निर्देश दिया?
एफएसएसएआई की रिपोर्ट में अरवना, अप्पम और पंचमृतम के प्रोडक्शन, पैकिंग और स्टोरेज वाले हिस्सों में पानी के रिसाव का भी पता चला। कोर्ट ने कहा कि एफएसएसएआई ने त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) को निर्देश दिया है कि वह जांच के दौरान पाई गई कमियों को ठीक करे और सक्षम अधिकारी द्वारा वेरिफिकेशन के लिए जरूरी दस्तावेजी सबूत पेश करे।
टीडीबी ने क्या कहा?
टीडीबी ने कोर्ट को बताया कि एफएसएसएआई से मिले सुझावों और टिप्पणियों पर ठीक से विचार किया जाएगा। लागू जरूरतों का पालन सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। बोर्ड ने यह भी कहा कि पालन के उपायों की समीक्षा करने, जांच के दौरान पाई गई कमियों को दूर करने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि जरूरी स्टैंडर्ड धीरे-धीरे हासिल किए जाएं। एफएसएसएआई के साथ और बैठकें की जाएंगी।
सबरीमाला में पूरी तरह से काम करने वाली फूड एनालिसिस लैबोरेटरी स्थापित करने के मुद्दे पर, कोर्ट ने सरकार के सचिव, राजस्व (देवस्वोम) विभाग को निर्देश दिया कि वे केरल के फूड सेफ्टी कमिश्नर और टीडीबी के संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक करें। सभी संबंधित लोगों के साथ नियमित रूप से फॉलो-अप करें।
बेंच ने कहा, 'संबंधित अधिकारी तौर-तरीके तय करेंगे और देवस्वोम से जुड़े खाद्य उत्पादों और सामग्रियों की प्रभावी और नियमित टेस्टिंग की जरूरत को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द लैबोरेटरी स्थापित करने के लिए तेजी से कदम उठाएंगे।'