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Rafale: फ्रांस के बाहर पहली बार इतने बड़े पैमाने पर बनेगा राफेल, रक्षा सचिव बोले- ‘मेक इन इंडिया’ की ताकत

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शुभम कुमार Updated Fri, 13 Feb 2026 03:11 PM IST
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सार

रक्षा अधिग्रहण परिषद ने 114 राफेल लड़ाकू विमान की खरीद को मंजूरी दी। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने बताया कि ये पहली बार होगा जब फ्रांस के बाहर इतने बड़े पैमाने पर राफेल बनाए जाएंगे। उन्होंने इसे 'मेक इन इंडिया' की ताकत बताया।

Defence Secretary DAC nod for 114 jets First time Rafale will be built outside France with major localisation
राजेश कुमार सिंह, भारत के रक्षा सचिव - फोटो : ANI
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विस्तार

रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के प्रस्ताव को हरी झंडी दी है। इसके बाद रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने शुक्रवार को बताया कि यह पहली बार होगा जब राफेल विमान फ्रांस के बाहर भारत में बनाए जाएंगे। इस परियोजना में 40 से 50 प्रतिशत हिस्सेदारी ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम के तहत स्थानीय उत्पादन की होगी।

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न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में राजेश कुमार सिंह ने कहा कि यह प्रोग्राम सरकार से सरकार के समझौते के तहत लागू किया जा रहा है, इसमें कोई बिचौलिया नहीं होगा और पूरी पारदर्शिता रखी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस योजना का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि भारतीय हथियार और सिस्टम इन विमानों में जोड़े जा सकेंगे।

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पहली बार फ्रांस के बाहर बनाए जाएंगे राफेल
सिंह ने कहा कि पहली बार राफेल विमान फ्रांस के बाहर इतने बड़े पैमाने पर भारत में बनाए जाएंगे। हम कम से कम 40-50 प्रतिशत लोकलाइजेशन का लक्ष्य रख रहे हैं। इसमें 'मेक इन इंडिया', सरकार से सरकार का समझौता, कोई बिचौलिया नहीं, पूरी पारदर्शिता और भारतीय हथियार व सिस्टम को विमान में जोड़ने की पूरी स्वतंत्रता शामिल है। उन्होंने आगे कहा कि इससे लड़ाकू विमान जल्दी भारत में आ सकेंगे। राफेल मरीन विमानों की डिलीवरी 2028 से शुरू होगी और इसके बाद करीब तीन साल और छह महीने में एयर फोर्स के राफेल भी आना शुरू होंगे।

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डीएसी ने की नई खरीदारी को मंजूरी
बता दें कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई डीएसी की बैठक में लगभग 3.60 लाख करोड़ रुपये की विभिन्न रक्षा खरीद प्रस्तावों को आवश्यकता की स्वीकृति (AoN) मिली। इसके साथ ही भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के लिए रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने कई नई खरीद को मंजूरी दी है। इसमें मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (एमआरएफए)- राफेल, कॉम्बैट मिसाइल्स और एयर-शिप बेस्ड हाई-ऑल्टिट्यूड स्यूडो-सैटेलाइट शामिल है। 

रक्षा मंत्रालय के अनुसार राफेल की खरीद से वायु सेना की क्षमता बढ़ेगी और एयर डॉमिनेंस रोल के लिए अधिक ताकत मिलेगी। इसके लिए अधिकांश राफेल विमान भारत में बनाए जाएंगे। कॉम्बैट मिसाइल्स से लंबी दूरी पर सटीक हमले करने की क्षमता बढ़ेगी और  एयर-शिप बेस्ड हाई-ऑल्टिट्यूड स्यूडो-सैटेलाइट (AS-HAPS) का उपयोग इंटेलिजेंस, सर्विलांस, इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस, दूरसंचार और रिमोट सेंसिंग के लिए किया जाएगा।

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