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Army: भारतीय सेना करेगी अंतरराष्ट्रीय मिलिट्री एडवेंचर चैलेंज कप का आयोजन, 8 देशों की सैन्य टीम होंगी शामिल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Fri, 13 Feb 2026 04:05 PM IST
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सेना का संयुक्त अभ्यास
- फोटो : अमर उजाला
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भारतीय सेना पहली बार अंतरराष्ट्रीय मिलिट्री एडवेंचर चैलेंज कप (आईएमएसीसी) 2026 का आयोजन करने जा रही है। यह प्रतियोगिता 18 से 23 फरवरी 2026 तक पूर्वी हिमालय की तलहटी में आयोजित होगी। एक सप्ताह के आयोजन में भारत और मित्र देशों की सैन्य टीमें साहसिक और सहनशक्ति से जुड़ी कठिन प्रतिस्पर्धाओं में भाग लेंगी।
23 फरवरी तक चलने वाला यह एक महत्वपूर्ण आयोजन है। इस आयोजन में सात मित्र देश भूटान, ब्राजील, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, नेपाल, श्रीलंका और सऊदी अरब की सैन्य टीमें शामिल होंगी। इनके साथ भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना, भारतीय तटरक्षक बल और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की टीमें भी हिस्सा लेंगी।
इस प्रतियोगिता का उद्देश्य एक सैनिक की आवश्यक क्षमताओं जैसे शारीरिक फिटनेस, मानसिक दृढ़ता, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और दबाव में निर्णय लेने की योग्यता की परीक्षा लेना है। इसमें पहाड़ी और कठिन भू-भाग में आधारित चुनौतियां शामिल होंगी, जो वास्तविक सैन्य अभियानों जैसी परिस्थितियों को दर्शाएंगी।
अंतरराष्ट्रीय सैन्य खेल लंबे समय से दुनिया भर की सेनाओं के बीच विश्वास और सहयोग बढ़ाने का माध्यम रहे हैं। ये प्रतियोगिताएं इंटरनेशनल मिलिट्री स्पोर्ट्स काउंसिल (सीआईएसएम) के 'खेल के माध्यम से मित्रता' के सिद्धांत के तहत आयोजित होती हैं। भारत इस परंपरा में सक्रिय भागीदारी करता रहा है और वर्ष 2007 में चौथे सीआईएसएम मिलिट्री वर्ल्ड गेम्स की मेजबानी भी कर चुका है।
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23 फरवरी तक चलने वाला यह एक महत्वपूर्ण आयोजन है। इस आयोजन में सात मित्र देश भूटान, ब्राजील, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, नेपाल, श्रीलंका और सऊदी अरब की सैन्य टीमें शामिल होंगी। इनके साथ भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना, भारतीय तटरक्षक बल और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की टीमें भी हिस्सा लेंगी।
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इस प्रतियोगिता का उद्देश्य एक सैनिक की आवश्यक क्षमताओं जैसे शारीरिक फिटनेस, मानसिक दृढ़ता, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और दबाव में निर्णय लेने की योग्यता की परीक्षा लेना है। इसमें पहाड़ी और कठिन भू-भाग में आधारित चुनौतियां शामिल होंगी, जो वास्तविक सैन्य अभियानों जैसी परिस्थितियों को दर्शाएंगी।
अंतरराष्ट्रीय सैन्य खेल लंबे समय से दुनिया भर की सेनाओं के बीच विश्वास और सहयोग बढ़ाने का माध्यम रहे हैं। ये प्रतियोगिताएं इंटरनेशनल मिलिट्री स्पोर्ट्स काउंसिल (सीआईएसएम) के 'खेल के माध्यम से मित्रता' के सिद्धांत के तहत आयोजित होती हैं। भारत इस परंपरा में सक्रिय भागीदारी करता रहा है और वर्ष 2007 में चौथे सीआईएसएम मिलिट्री वर्ल्ड गेम्स की मेजबानी भी कर चुका है।