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CRPF Day: BSF-ITBP के बाद सीआरपीएफ दिवस परेड की तिथि बदली, 19 मार्च नहीं, 21 फरवरी को गुवाहाटी में होगी परेड

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Fri, 13 Feb 2026 05:59 PM IST
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सार

पिछले कुछ वर्षों से केंद्रीय अर्धसैनिक बलों 'सीएपीएफ' के स्थापना दिवस मनाने को लेकर एक नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है। खासतौर पर देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल 'सीआरपीएफ', देश की प्रथम रक्षा पंक्ति कही जाने वाली 'बीएसएफ' और हिमवीरों का बल यानी 'आईटीबीपी' के स्थापना दिवस की तिथियों में बदलाव किया जा रहा है। '

CRPF Day Parade Date Change CRPF Day parade rescheduled for February 21 in Guwahati instead of 19 March
सीआरपीएफ परेड - फोटो : ANI
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विस्तार

पिछले कुछ वर्षों से केंद्रीय अर्धसैनिक बलों 'सीएपीएफ' के स्थापना दिवस मनाने को लेकर एक नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है। खासतौर पर देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल 'सीआरपीएफ', देश की प्रथम रक्षा पंक्ति कही जाने वाली 'बीएसएफ' और हिमवीरों का बल यानी 'आईटीबीपी' के स्थापना दिवस की तिथियों में बदलाव किया जा रहा है। 'सीआरपीएफ' का स्थापना दिवस 19 मार्च को मनाया जाता है, लेकिन इस बार 21 फरवरी को मनाया जा रहा है। सीआरपीएफ के 87वें स्थापना दिवस की परेड गुवाहाटी में आयोजित होगी। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह, स्थापना दिवस परेड में मुख्य अतिथि होंगे।

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बता दें कि 'सीआरपीएफ' के 86वें स्थापना दिवस की डीजी परेड 15 अप्रैल को नीमच 'मध्य प्रदेश' में आयोजित की गई थी। इसके दो दिन बाद 'सीआरपीएफ डे परेड' भी नीमच में ही आयोजित हुई। भले ही आधिकारिक तौर पर सीआरपीएफ का स्थापना दिवस 19 मार्च को मनाया जाता है, लेकिन यह तिथि अमूमन बदलती रही है। 84वें स्थापना दिवस की परेड छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में 19 मार्च को नहीं, बल्कि 25 मार्च को आयोजित हुई थी। 85वें स्थापना दिवस की डीजी परेड यूपी के प्रयागराज में 17 मार्च 2024 को आयोजित की गई। 
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2022 में यह तय हुआ था कि 'सीआरपीएफ' भी सेना की तर्ज पर हर वर्ष 19 मार्च को 'सीआरपीएफ डे' समारोह आयोजित करेगा। तब तक किसी भी केंद्रीय अर्धसैनिक बल में 'डे' नहीं मनाया जाता था। सीएपीएफ में 'स्थापना दिवस' मनाने की परंपरा रही है। सीआरपीएफ मुख्यालय ने इसके पीछे यह तर्क दिया था कि सरदार पटेल ने 1950 में 19 मार्च के दिन ही सीआरपीएफ को झंडा यानी 'प्रेजीडेंट कलर्स' प्रदान किया था। सीआरपीएफ, देश का इकलौता ऐसा अर्धसैनिक बल है, जिसकी स्थापना आजादी से पहले हो गई थी। 

इस बल के जांबाजों ने युद्ध के मोर्चे पर चीन और पाकिस्तान की सेना को कड़ी टक्कर दी थी। जिस तरह से 'आर्मी डे' पर भव्य परेड होती है, उसी तरह हर साल 19 मार्च को 'सीआरपीएफ डे परेड' आयोजित करने का निर्णय लिया गया। पहले के चलन में सभी परिस्थितियां ठीक रहती तो 27 जुलाई को स्थापना दिवस मनाया जाता था। मौसम के मिजाज और मुख्य अतिथि की उपलब्धता के आधार पर इस तिथि को आगे-पीछे सरका दिया जाता था। 

सीआरपीएफ, 27 जुलाई 1939 को क्राउन रिप्रेजेंटेटिव पुलिस के रूप में अस्तित्व में आया था। उसके बाद 28 दिसंबर 1949 को सीआरपीएफ अधिनियम के लागू होने पर इसे 'केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल' का दर्जा प्रदान किया गया। आजादी के बाद 28 दिसंबर, 1949 को संसद के एक अधिनियम द्वारा इस बल का नाम 'केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल' रखा गया था। तत्कालीन गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने नव स्वतंत्र राष्ट्र की बदलती जरूरतों के अनुसार इस बल के लिए एक बहु आयामी भूमिका की कल्पना की थी। इस तरह से सीआरपीएफ में 19 मार्च, 27 जुलाई व 28 दिसंबर में से किसी एक दिन स्थापना दिवस समारोह आयोजित किया जाता था। 

चार वर्ष पहले शीर्ष नेतृत्व और फील्ड फॉर्मेशन के आला अफसरों से बातचीत कर एवं बल की सभी यूनिटों से सुझाव लेकर 19 मार्च की तारीख तय कर दी गई। इसे 'सीआरपीएफ डे' का नाम दिया गया। पिछले साल, 'बीएसएफ' का 61वां स्थापना दिवस समारोह गुजरात के 'भुज' में मनाया गया। बीएसएफ का स्थापना दिवस 'एक' दिसंबर को मनाया जाता है, लेकिन गत वर्ष 21 नवंबर को यह दिवस आयोजित किया गया। यह समारोह आठ दिसंबर को राजस्थान के जोधपुर में भी मनाया गया है। देश की पहली रक्षा पंक्ति 'बीएसएफ', हिमालय में बर्फीली सरहदों की चौकसी करने वाले हिमवीर यानी 'आईटीबीपी' व सबसे बड़े शांति रक्षक बल 'सीआरपीएफ' के स्थापना दिवस यानी जन्मदिन पर होने वाले भव्य आयोजन परेड समारोह की तिथियों के बदलाव पर विभिन्न एक्स पैरामिलिट्री वेलफेयर संगठनों द्वारा कड़ा ऐतराज जताया है। 

एलॉयंस ऑफ ऑल एक्स पैरामिलिट्री फोर्सेस वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव रणबीर सिंह बताते हैं, 'बीएसएफ' की स्थापना एक दिसंबर 1965 को हुई थी। हर साल एक दिसंबर को ही यह समारोह आयोजित होना चाहिए। आईटीबीपी, जिसकी स्थापना 24 अक्टूबर 1962 को हुई थी। हर साल केंद्रीय स्तर पर 24 अक्टूबर को आयोजित होने वाले स्थापना दिवस परेड की तिथि में गत वर्ष बदलाव किया गया। यह परेड 22 नवंबर को ऊधमपुर में आयोजित हुई थी। इससे पहले भी 62वें और 63वें आईटीबीपी स्थापना दिवस परेड समारोह के केंद्रीय स्तर पर होने वाले आयोजनों की तिथियों में बदलाव किया गया था। 'सीआरपीएफ' की स्थापना 27 जुलाई 1939 में नीमच में हुई थी। इस तिथि में भी कई बदलाव किया गया। कभी 27 जुलाई तो कभी 31 अक्टूबर को सरदार पटेल के जन्मदिन पर स्थापना दिवस समारोह आयोजित हुआ। 

रणबीर सिंह ने कहा, स्थापना दिवस समारोह की तिथियों में बदलाव करने से जवानों के मनोबल पर बुरा असर पड़ता है। सभी बलों को अपने स्थापना दिवस पर नाज रहता है। मुख्य अतिथियों की सुविधा या कहीं पर चुनावी माहौल, ऐसी वजह से तिथियों में बदलाव करना, पूरी तरह से गलत है। आईटीबीपी के पूर्व आईजी एसके शर्मा ने गत वर्ष इस प्रकार के सेरेमोनियल कार्यक्रमों की तिथियों में बदलाव पर चिंता जताई थी। सीआरपीएफ के पूर्व एडीजी एचआर सिंह ने कहा, कई मौकों पर वीआईपी द्वारा चुनावों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों व स्वदेशी विदेशी दौरे की व्यस्तताओं के कारण या फोर्सेस महानिदेशकों द्वारा अपने निजी फायदे के लिए उपरोक्त स्थापना दिवस सेरेमोनियल फंक्शन में बदलाव किए जा रहे हैं। इससे न केवल जवानों की दिनचर्या में फर्क पड़ता है, बल्कि पूरे बल के कार्मिकों के मनोबल को भी चोट पहुंचती है।

इस अनिश्चितता से जवानों के सालाना या आकस्मिक अवकाश योजना गड़बड़ा जाती है। इसका जवानों के परिवारों पर भी विपरीत असर पड़ना लाजिमी है। अर्धसैनिक बलों के ऐसे गरिमामयी स्थापना दिवस परेड समारोहों का आयोजन वास्तविक तिथियों पर ही होना चाहिए। पूर्व केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के अध्यक्ष पूर्व आईजी बीएसएफ एसएस कोटियाल ने भी विरोध जताते हुए कहा, इस प्रकार से तिथियों के बदलाव से फोर्स जवानों के मनोबल पर प्रतिकूल असर पड़ता है। इस बाबत केंद्रीय गृह मंत्री को पत्र लिखकर नाराजगी व्यक्त की गई है। 

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