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Explainer: उद्घाटन के 3 महीने बाद SIT क्यों करेगी दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे की जांच, कहां-कितने गंभीर हालात

Sun, 12 Jul 2026 02:15 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Sun, 12 Jul 2026 02:15 PM IST
सार

बारिश में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे धंसने, किनारों पर मिट्टी कटान होने से गड्ढे होने के मामलों पर  एनएचएआई ने एसआईटी (विशेष जांच दल) गठित किया है। इस जांच दल ने शुक्रवार को एक्सप्रेस-वे के नमूने लेना शुरू कर दिया है। एसआईटी को दो महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट देनी है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। 

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Delhi Dehradun Expressway Potholes Cracks SIT Investigation Monsoon Rains NHAI Audit Conducts explained news
दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस-वे की जांच करेगी एसआईटी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का आज से करीब तीन महीने पहले 14 अप्रैल को जब उद्घाटन हुआ था, तब इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों के बीच खुशी की एक लहर दौड़ गई थी। दरअसल, इस एक्सप्रेस-वे के जरिए दिल्ली से देहरादून की साढ़े छह घंटे की दूरी महज ढाई घंटे तक सिमट जानी थी। आधुनिक तकनीक और तेज रफ्तार के लिए बनाए गए इस एक्सप्रेस-वे के लिए शुरुआत में सबकुछ ठीक भी रहा। हालांकि, जैसे ही मानसून की पहली बारिश हुई, इसके एक बड़े हिस्से में खतरा पैदा हो गया। एक्सप्रेस-वे पर कहीं सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे दिखाई दिए तो कहीं सड़क किनारों पर मिट्टी धंसने की घटना तक देखी गई। 
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इन घटनाओं पर पहले तो नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) टालमटोल करती दिखी। हालांकि, अब इस मामले में एक नया मोड़ आ गया है। दरअसल, अब दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। इस एसआईटी को कार्रवाई से जुड़ी कई अहम जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं। 
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आइये जानते हैं कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे में हालिया समय में ऐसा क्या हुआ है कि इसकी जांच अब एसआईटी को सौंपी गई है? हाल ही में एक्सप्रेस-वे से जुड़ी जो क्लिप्स सोशल मीडिया पर वायरल हुई हैं, उनमें क्या सामने आया है? इन्हें लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की तरफ से क्या बयान दिया गया और क्या कार्रवाई की गई? इस कार्रवाई के बावजूद एसआईटी को जांच क्यों दी गई और यह जांच दल अब क्या करेगा? एक्सप्रेस-वे को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने कैसे सरकार को घेरा है? आइये जानते हैं...


पहले जानें- दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे क्यों चर्चाओं में?

हाल ही में 31,000 करोड़ रुपये की भारी लागत से बने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर मानसून की पहली बारिश के बाद कई गंभीर संरचना से जुड़ी कमियां सामने आई हैं। 14 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका उद्घाटन किया गया था, लेकिन महज 79 दिनों के भीतर ही इसकी हालत काफी खराब हो गई। इसे लेकर सोशल मीडिया पर जवाबदेही की मांग की गई और एक्सप्रेस-वे के खराब हालात के कई वीडियो वायरल हुए। 

Delhi Dehradun Expressway Potholes Cracks SIT Investigation Monsoon Rains NHAI Audit Conducts explained news
गांव ख्यावडी कट के निकट दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर हुआ कटान। संवाद
सड़क धंसी और बड़े गड्ढे बने 
  • मानसून के आगमन के साथ ही उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर जारी है। इस बीच सीजन की पहली बारिश के बाद एक्सप्रेस-वे में कुछ जगहों पर गड्ढे हुए। 
  • शामली जिले के गोगवान जलालपुर, हाथी करौदा गांव और ख्यावड़ी कट के पास सड़क धंसने और बड़े-बड़े गड्ढे होने की घटनाएं सामने आई हैं। 
  • सहारनपुर में गागलहेड़ी के पास नन्हेड़ा गाजी गांव में मिट्टी धंसने से एक रेलवे पुल और एक्सप्रेस-वे दोनों के लिए खतरा पैदा हो गया है।
  • इसके अलावा, बुटराड़ा से भाज्जू के बीच भी कई स्थानों पर सर्विस रोड और किनारों की मिट्टी धंस गई है, जिससे सड़क के तल के गिरने का खतरा है।

वाहनों को हुआ नुकसान 
सड़क पर अचानक बने इन गड्ढों के कारण कई गाड़ियां दुर्घटनाग्रस्त हुईं और उनके अलॉय व्हील टूट गए, जिसके वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुए।
 
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अब जानें- क्यों हुई एक्सप्रेस-वे पर ऐसी स्थिति?

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर गड्ढे होने की बड़ी वजह भारी बारिश और जलभराव के साथ-साथ जल निकासी प्रणाली से जुड़ी बाधाएं हैं। सोशल मीडिया पर वाहन चालकों ने दावा किया है कि गड्ढों के कारण 4-5 गाड़ियां उनके सामने ही अनियंत्रित हो गईं और कई कारों के पहिए बुरी तरह से मुड़ या टूट गए। इन वीडियोज के सामने आने के बाद एनएचएआई ने न सिर्फ बयान जारी किए, बल्कि अपने अधिकारियों पर कार्रवाई भी की है।

जल निकासी सिस्टम चालू ही नहीं 
एनएचएआई और सड़क परिवहन मंत्रालय के मुताबिक, मानसून की भारी बारिश के बाद पानी जमा होने की वजह से सड़क धंस गई। जहां-जहां गड्ढे हुए है, वहां जल निकासी के लिए एक पुलिया बनाई गई थी, लेकिन स्थानीय लोगों के विरोध के कारण इसे जल निकासी प्रणाली से जोड़ा नहीं जा सका।

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नन्हेडा गाजी गांव स्थित रेलवे पुल के पास धंसी दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की साइड। संवाद
स्थानीय लोगों द्वारा पुलिया का गलत इस्तेमाल
एनएचएआई ने सड़क पर हुए गड्ढों और इसकी खराब हालत का ठीकरा स्थानीय निवासियों पर फोड़ा। प्राधिकरण ने बताया कि स्थानीय निवासियों ने जल निकासी वाली पुलिया के मुहाने का इस्तेमाल वाहनों की आवाजाही के लिए करना शुरू कर दिया था। नतीजतन पानी की निकासी रुक गई और कैरिजवे (सड़क) के किनारे बारिश का पानी जमा हो गया, जिससे सड़क धंस गई और गड्ढे बन गए।

भूमि विवाद की वजह से काम भी लंबित रहा
बताया गया है कि एक्सप्रेस-वे पर चल रहे एक भूमि विवाद की वजह से एक्सप्रेस-वे के ढलान की सुरक्षा और पानी निकासी के लिए पक्की नाली बनाने का काम भी लंबित था। इससे स्थिति और बिगड़ गई।

निर्माण गुणवत्ता में खामियां
जलभराव के अलावा, एनएचएआई की तरफ से की गई एक प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि निर्माण की गुणवत्ता में कमी थी और सड़क के किनारों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे।

संक्षेप में कहा जाए तो जल निकासी के काम में स्थानीय स्तर पर आई रुकावटों, भूमि विवाद के कारण अधूरे पड़े सुरक्षा कार्यों और निर्माण में बरती गई कुछ खामियों के चलते पहली ही बारिश का पानी एक्सप्रेस-वे सड़क पर जमा हो गया और मिट्टी धंसने से वहां बड़े गड्ढे बन गए।

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Delhi Dehradun Expressway - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर गड्ढों के मामले में क्या कार्रवाई हुई?


निलंबित किए गए अधिकारी
एनएचएआई ने निर्माण गुणवत्ता और जल निकासी व्यवस्था में खामियां पाए जाने पर निर्माण कंपनी- कृष्णा कंस्टेलेशन प्राइवेट लिमिटेड के प्रोजेक्ट मैनेजर नागेंद्र पाल सिंह और कंसल्टेंसी एजेंसी- चैतन्य प्रोजेक्ट्स कंसल्टेंसी के टीम लीडर कुलदीप राजदान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। 

कारण बताओ नोटिस और ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी
निर्माण और कंसल्टेंसी एजेंसियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। इसके अलावा, चैतन्य कंसल्टेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर अजय कुमार, सीनियर इंजीनियर (क्वालिटी) राजेंद्र कुमार और परियोजना निदेशक नरेंद्र सिंह को भी नोटिस दिया गया है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर भुगतान रोकने, जुर्माना लगाने और कंपनियों को ब्लैकलिस्ट करने जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मरम्मत में तेजी और अस्थायी नाले का निर्माण
एनएचएआई ने क्षतिग्रस्त हिस्से, खासकर शामली के पास स्थित गड्ढों को तुरंत रिपेयर कराकर यातायात बहाल कर दिया है। जलभराव की समस्या को तुरंत सुलझाने के लिए करीब डेढ़ किलोमीटर लंबा एक अस्थायी समानांतर नाला भी बनाया जा रहा है। साथ ही ठेकेदार को निर्देश दिया गया है कि वह अपने खर्चे पर उन सभी जगहों की मरम्मत करे जहां बारिश से मिट्टी का कटान हुआ है।

सड़क की मरम्मत (पैचवर्क) के चलते डाट काली मंदिर वाले हिस्से के पास दिल्ली से देहरादून जाने वाले यातायात को उत्तर प्रदेश में पुराने मार्ग पर डायवर्ट किया गया है। इसके अलावा, अब एसआईटी की जांच भी बिठा दी गई है। ऐसे में जांच प्रक्रिया के दौरान रात के समय जरूरत पड़ने पर रूट डायवर्जन भी किया जा सकता है, जो छह घंटे से ज्यादा नहीं होगा।

एसआईटी को क्यों सौंपी गई एक्सप्रेस-वे पर गड्ढों-खामियों की जांच?

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर गड्ढों और निर्माण खामियों की जांच एसआईटी को सौंपने पर सहमति बनी है। दरअसल, मानसून की पहली बारिश में ही सड़क के कई जगह से धंस जाने और गड्ढे होने के बाद एक्सप्रेस-वे के निर्माण की गुणवत्ता पर भी कई सवाल उठे हैं। ऐसे में पूरा एक्सप्रेस-वे ही जांच के दायरे में रखा गया है, जिसकी जांच एसआईटी करेगी। 

गंभीर संरचनात्मक खामियां: एनएचएआई की प्रारंभिक जांच में यह साफ हो गया था कि एक्सप्रेस-वे के निर्माण की गुणवत्ता में कमी थी। सड़क के किनारों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे और जल निकासी प्रणाली में भारी कमियां पाई गई थीं, जो कि भारी खामी थी।
  
पूरे तकनीकी ऑडिट की जरूरत: इन घटनाओं को देखते हुए एनएचएआई के अधिकारियों ने यह महसूस किया कि केवल पैचवर्क करना काफी नहीं है। भविष्य में किसी बड़े हादसे या नुकसान से बचने के लिए, पूरे 31 हजार करोड़ रुपये के दिल्ली-देहरादून प्रोजेक्ट का एक स्वतंत्र और विस्तृत तकनीकी ऑडिट कराना जरूरी हो गया था। ऐसे में यह जिम्मेदारी एक विशेष दल को सौंपी गई है, जो कि स्वतंत्र रूप से जांच करेगा।

Delhi Dehradun Expressway Potholes Cracks SIT Investigation Monsoon Rains NHAI Audit Conducts explained news
Delhi Dehradun Expressway - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
भ्रष्टाचार के आरोप और भारी जनआक्रोश: इतने कम समय में सड़क के ढह जाने से सोशल मीडिया पर भारी आक्रोश फैल गया और विपक्ष (खासकर कांग्रेस) ने निर्माण में व्यापक भ्रष्टाचार व धन गबन के आरोप लगाए।


एसआईटी कैसे कर रही एक्सप्रेस-वे की जांच?

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे के निर्माण की गुणवत्ता परखने के लिए एसआईटी बहुत ही सघन और तकनीकी तरीके से जांच कर रहा है। 
  • इस विशेष टीम में एक स्वतंत्र तकनीकी ऑडिट एजेंसी, एनएचएआई के अभियंता, एक सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता और एक प्राधिकरण अभियंता को शामिल किया गया है। 
  • टीम ने दिल्ली से देहरादून के बीच 23 अलग-अलग जगहों को चिह्नित किया है। इन सभी स्थानों पर कोर कटिंग (सड़क को उखाड़कर) के जरिए दो से तीन सैंपल लिए जा रहे हैं, ताकि निर्माण में इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता परखी जा सके।

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दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस वे - फोटो : अमर उजाला
  • जांच दल केवल ऊपरी सतह नहीं, बल्कि सड़क की परतों की भी गहराई से जांच कर रहा है। इसके लिए सड़क की तीनों लाइनों- किनारे की लाइन, मध्य लाइन और बीच के किनारे की लाइन को उखाड़कर उसके मैटेरियल का परीक्षण किया जा रहा है। इसके साथ ही जरूरत पड़ने पर अन्य तकनीकी मानकों का भी इस्तेमाल किया जाएगा।
  • दिन में वाहनों की भीड़ को देखते हुए एसआईटी के अधिकारी रात के समय यह तकनीकी जांच कर रहे हैं। जांच की शुरुआत शुक्रवार शाम को मवीकलां से कर दी गई है और यह पूरी जांच प्रक्रिया लगभग दो महीने तक चलेगी।
  • जांच के दौरान किसी जगह ज्यादा गड़बड़ी मिलने पर या कोर कटिंग के समय सुरक्षा के लिहाज से जरूरत पड़ने पर रूट को डायवर्ट भी किया जा सकता है, जो कि अधिकतम छह घंटे के लिए होगा। 
  • इस विस्तृत तकनीकी ऑडिट का मकसद निर्माण में हुई हर छोटी-बड़ी खामी का पता लगाना है, जिसके आधार पर संबंधित ठेकेदार और कंपनियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।

एक्सप्रेस-वे को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने कैसे सरकार को घेरा है?

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन के महज तीन महीने के अंदर उसमें बड़े-बड़े गड्ढे हो जाने को लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। विपक्षी दलों ने भ्रष्टाचार, धन के गबन और देश के चरमराते बुनियादी ढांचे का मुद्दा उठाकर सरकार को घेरा है।

1. कांग्रेस ने क्या कहा?
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि करोड़ों रुपये की भारी लागत से बने इस एक्सप्रेस-वे की इतनी जल्दी खस्ताहाल स्थिति यह साबित करती है कि इसके निर्माण में व्यापक भ्रष्टाचार और धन का भारी गबन किया गया है। कांग्रेस का कहना है कि यह कोई इकलौती घटना नहीं है, बल्कि पूरे देश में पुल, सड़कें, हाईवे, पानी की टंकियां, रेलवे स्टेशन और हवाई अड्डों की छतें, हर जगह बुनियादी ढांचा ढह रहा है। कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. शमा मोहम्मद ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, "हमें भ्रष्टाचार के और क्या सबूत चाहिए? यह हर विभाग में खुली लूट और खसोट है।" 

2. आप ने क्या कहा?
आम आदमी पार्टी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक्सप्रेस-वे के गड्ढों का वीडियो साझा करते हुए मोदी सरकार के विकास के दावों पर कड़ा तंज कसा। आप ने लिखा कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे को बनाने में 12,000 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, लेकिन कुछ ही समय में मोदी सरकार के 'विकास' की सच्चाई सामने आ गई।


 
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