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Mohammad Zubair: मोहम्मद जुबैर के खिलाफ जांच में बड़ा खुलासा, पिछले तीन महीने में यूपीआई के जरिए मिले 50 लाख रुपये

Tue, 28 Jun 2022 04:09 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Tue, 28 Jun 2022 04:09 PM IST
सार

दिल्ली पुलिस ने इस मामले में मंगलवार को कहा कि इन लेनदेनों की जांच की जाएगी। इसमें यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) आईडी शामिल है, जिससे पैसा ट्रांसफर किया गया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इसके अलावा इस बात की भी जांच की जाएगी कि इन रुपयों का इस्तेमाल किस लिए किया गया था।

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delhi police Sources says Alt News co-founder Mohammed Zubair received more than 50 lakhs in last 3 months
मोहम्मद जुबैर - फोटो : Social media

विस्तार

ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर को गिरफ्तार किए जाने के मामले में बड़ी जानकारी सामने आई है।  पुलिस सूत्रों ने दावा किया कि मोहम्मद जुबैर के खाते में पिछले तीन महीनों में 50 लाख रुपये से क्रेडिट हुए हैं। अब पुलिस इसकी जांच में जुटी है कि ये रुपये किसलिए और किसके द्वारा भेजे गए थे। गौरतलब है कि सोमवार यानी कल दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की साइबर यूनिट ने मोहम्मद जुबैर को गिरफ्तार किया था। जुबैर पर अपने एक ट्वीट के जरिए धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप है। 

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दिल्ली पुलिस ने इस मामले में मंगलवार को कहा कि इन लेनदेनों की जांच की जाएगी। इसमें यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) आईडी शामिल है, जिससे पैसा ट्रांसफर किया गया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इसके अलावा इस बात की भी जांच की जाएगी कि इन रुपयों का इस्तेमाल किस लिए किया गया था। इतना ही नहीं, पुलिस सूत्रों ने यह दावा भी किया है कि मोहम्मद जुबैर को काफी मात्रा में चंदे में भी रकम मिली थी, पुलिस ने कहा कि वे इस बात की भी जांच करेंगे कि ये चंदा किसने दिया और इसके पीछे का मकसद क्या है।
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क्यों हुई गिरफ्तारी
स्पेशल सेल के पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ट्विटर हैंडल से जून महीने में शिकायत मिलने के बाद मोहम्मद जुबैर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि मोहम्मद जुबैर ने एक विशेष धर्म के भगवान की जानबूझकर अपमान करने के उद्देश्य से आपत्तिजनक तस्वीर पोस्ट की थी। उनके ट्वीट को री-ट़्वीट किया जा रहा था। उनके अनुयायियों व सोशल मीडिया संस्थाओं ने बढ़-चढ़कर ट्वीट को फैलाना शुरू कर दिया।
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सोमवार को पूछताछ के बाद हुई थी गिरफ्तारी
सोमवार को मोहम्मद जुबैर को पूछताछ के लिए द्वारका स्थित आईएफएसओ के कार्यालय बुलाया गया था। पूछताछ में उसके ट्वीट को आपत्तिजनक पाया गया। उसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 153 (ऐसा कार्य जिससे माहौल बिगडने और उपद्रव होने की आशंका हो) और धारा 295 (किसी समाज द्वारा पवित्र माने वाली वस्तु का अपमान करना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी न पूछताछ में सहयोग कर रहा है और न ही अपना मोबाइल व लैपटॉप दे रहा है। मोबाइल व लैपटॉप की जांच के बाद पता लगेगा कि आरोपी ने विवादास्पद ट्वीट कब किया था और अभी तक कितने ट्वीट किए हैं।


जानें कौन हैं जुबैर
जुबैर बेंगलुरु के रहने वाले हैं और उन्होंने सुब्रमण्यम स्वामी का पैरोडी फेसबुक पेज चलाकर प्रसिद्धि हासिल की, जिन्होंने फेसबुक पर शिकायत दर्ज कर फर्जी अकाउंट को डिलीट करने का अनुरोध किया था। उस समय, जुबैर एक आईटी कार्यकारी के रूप में काम करते थे। इसके बाद साल 2017 में जुबैर ने प्रतीक सिन्हा के साथ मिलकर ऑल्ट न्यूज को फैक्ट चेक वेबसाइट के रूप में लॉन्च किया। हालांकि, कुछ दिनों बाद ही दोनों अपने कथित पक्षपात के लिए लगातार आलोचनाओं के घेरे में आ गए। जुबैर अक्सर अपने आपत्तिजनक ट्वीट को लेकर पुलिस के निशाने पर आ चुके थे। पिछले साल, जुबैर के खिलाफ दिल्ली पुलिस द्वारा 6 अगस्त, 2020 को उनके द्वारा साझा किए गए एक ट्वीट का हवाला देते हुए एनसीपीसीआर की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। जुबैर ने अपने विवादास्पद ट्वीट में, एक ऑनलाइन झगड़े के दौरान एक नाबालिग लड़की की उसके पिता के साथ हो रही बहस की तस्वीर साझा की थी।  मोहम्मद जुबैर, दक्षिणपंथी समूहों, भाजपा और मीडिया चैनलों के खिलाफ लगातार लिखते हैं बोलते रहते हैं। मीडिया चैनलों की खबरों की आलोचना करते हैं। पिछले माह 26 मई को ज्ञानवापी मस्जिद विवाद पर एक निजी समाचार चैनल की एक बहस की आलोचना करते हुए कहा था कि बहस में प्रवक्ता को बुलाने की क्या जरूरत है यह काम तो हमारे एंकर ही कर रहे। 

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