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Maharashtra: ऑर्केस्ट्रा की आड़ में चल रहे डांस बार, सीएम फडणवीस सख्त; बोले- स्थायी रूप से रद्द करेंगे लाइसेंस
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Tue, 24 Feb 2026 04:14 PM IST
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सार
फडणवीस सरकार के मंत्री योगेश कदम ने जवाब दिया कि पुलिस ने इन मामलों में चार्जशीट दाखिल कर दी है। इसके अलावा, पुलिस ने दक्षिण सोलापुर के एक ऑर्केस्ट्रा बार के खिलाफ महिलाओं और ग्राहकों सहित 71 लोगों के खिलाफ नियमों के उल्लंघन का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने 56 लाख रुपये जब्त किए हैं और जांच जारी है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को अवैध डांस बार चलाने के लिए ऑर्केस्ट्रा बार लाइसेंस के दुरुपयोग के खिलाफ सख्ती बरतने की बात कही। सीएम फडणवीस ने कहा कि सरकार ऐसे बारों के लाइसेंस को स्थायी रूप से रद्द करने का प्रावधान प्रस्तावित करेगी, जो पहले की कार्रवाई के बावजूद संचालन जारी रखते हैं और नियमों का उल्लंघन करते हैं।
महाराष्ट्र के होटलों, रेस्तरां और बार में अश्लील नृत्य निषेध और महिलाओं की गरिमा संरक्षण (वहां काम करने वाली) अधिनियम, 2016 को मजबूत करने के लिए सरकार विधानसभा के बजट सत्र या मानसून सत्र के दौरान इसमें संशोधन लाने का प्रस्ताव लाएगी।
ये भी पढ़ें: Gujarat: राजकोट में अवैध बस्तियों के खिलाफ चलाए गए अभियान, 1,300 से अधिक मकान किए गए ध्वस्त
बारों के अवैध संचालन के खिलाफ शून्य सहिष्णुता नीति
सीएम फडणवीस ने इस तरह के बारों के अवैध संचालन के खिलाफ सरकार की शून्य सहिष्णुता नीति की भी घोषणा की। इन 'विशेष प्रावधानों' का प्राथमिक उद्देश्य उन कानूनी खामियों को दूर करना है, जिनके कारण ऑर्केस्ट्रा बार वास्तव में डांस बार के रूप में कार्य कर पाते थे।
सरकार ने 'अश्लील नृत्य' या परिसर में अवैध बदलाव से जुड़े ऐसे बारों के लाइसेंस को अस्थायी रूप से निलंबित करने के बजाय स्थायी रूप से रद्द करने का प्रस्ताव दिया है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने निजता संबंधी चिंताओं के कारण प्रदर्शन स्थलों के अंदर अनिवार्य सीसीटीवी कैमरों को रद्द कर दिया था।
विधानसभा में उठी पनवेल में चल रहे अवैध बारों पर कार्रवाई की मांग
वहीं, राज्य सरकार अभी भी विशिष्ट हॉल के आकार और पोडियम की दूरी का कड़ाई से पालन करने, करेंसी नोटों की बौछार न करने (टिप्स बिल में ही जोड़नी होगी) और संचालन के घंटों का पालन करने का आदेश देती है। मुख्यमंत्री ने यह एलान राज्य विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान किया, जब शिवसेना (यूबीटी) विधायक भास्कर जाधव सहित कई सदस्यों ने राजमार्ग के किनारे पनवेल में स्थित बारों के संचालन के संबंध में एक खास मुद्दा उठाया।
ये भी पढ़ें: West Bengal: कोलकाता समेत राज्य के छह अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी, परिसर में हड़कंप; जांच में जुटी पुलिस
मुख्यमंत्री ने अपने जवाब में कहा कि पुलिस पनवेल के इन बारों के संबंध में फिर से जांच करेगी। गृह (शहरी) राज्य मंत्री योगेश कदम ने कहा कि पुणे जिले की मसाल तहसील में डांस बार नहीं हैं, बल्कि ऑर्केस्ट्रा बार हैं। पुलिस ने नियमों के उल्लंघन के लिए तीन ऑर्केस्ट्रा बार के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं।
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सीएम फडणवीस ने इस तरह के बारों के अवैध संचालन के खिलाफ सरकार की शून्य सहिष्णुता नीति की भी घोषणा की। इन 'विशेष प्रावधानों' का प्राथमिक उद्देश्य उन कानूनी खामियों को दूर करना है, जिनके कारण ऑर्केस्ट्रा बार वास्तव में डांस बार के रूप में कार्य कर पाते थे।
सरकार ने 'अश्लील नृत्य' या परिसर में अवैध बदलाव से जुड़े ऐसे बारों के लाइसेंस को अस्थायी रूप से निलंबित करने के बजाय स्थायी रूप से रद्द करने का प्रस्ताव दिया है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने निजता संबंधी चिंताओं के कारण प्रदर्शन स्थलों के अंदर अनिवार्य सीसीटीवी कैमरों को रद्द कर दिया था।
विधानसभा में उठी पनवेल में चल रहे अवैध बारों पर कार्रवाई की मांग
वहीं, राज्य सरकार अभी भी विशिष्ट हॉल के आकार और पोडियम की दूरी का कड़ाई से पालन करने, करेंसी नोटों की बौछार न करने (टिप्स बिल में ही जोड़नी होगी) और संचालन के घंटों का पालन करने का आदेश देती है। मुख्यमंत्री ने यह एलान राज्य विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान किया, जब शिवसेना (यूबीटी) विधायक भास्कर जाधव सहित कई सदस्यों ने राजमार्ग के किनारे पनवेल में स्थित बारों के संचालन के संबंध में एक खास मुद्दा उठाया।
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