सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   India News ›   DMK MLA Senthil Balaji to appear before CBI for questioning in Karur stampede case

Senthil Balaji: डीएमके विधायक सेंथिल बालाजी सीबीआई के सामने पेश, करूर भगदड़ मामले में होगी पूछताछ

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: Asmita Tripathi Updated Tue, 17 Mar 2026 12:02 PM IST
विज्ञापन
सार

तमिलनाडु के करूर शहर में टीवीके प्रमुख विजय की राजनीतिक रैली के दौरान हुई भगदड़ में सीबीआई ने डीएमके विधायक वी सेंथिल बालाजी को पूछताछ के लिए बुलाया। 

DMK MLA Senthil Balaji to appear before CBI for questioning in Karur stampede case
डीएमके विधायक सेंथिल बालाजी - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार

डीएमके विधायक वी सेंथिल बालाजी मंगलवार को पूछताछ के लिए सीबीआई के सामने पेश हुए। दरअसल, यह पूछताछ पिछले साल तमिलनाडु के करूर शहर में टीवीके प्रमुख विजय की राजनीतिक रैली के दौरान हुई भगदड़ के संबंध में है। यह जानकारी एक अधिकारी ने दी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने एसआईटी से यह मामला अपने हाथ में ले लिया।

Trending Videos


यह भी पढ़ें-  Rajya Sabha: कौन हैं सोफिया फिरदौस? कांग्रेस की बागी विधायक, जिन्होंने भाजपा समर्थित उम्मीदवार को दिया वोट

विज्ञापन
विज्ञापन


रैली में क्या हुआ था?

टीवीके प्रमुख और अभिनेता विजय की 27 सितंबर, 2025 को करूर में एक रैली की। इस दौरान भगदड़ मच गई, जिसमें 41 लोगों की मौत हो गई। वहीं, 60 से अधिक लोग घायल हो गए। पिछले साल अक्टूबर में, सर्वोच्च न्यायालय ने सीबीआई निदेशक को जांच का जिम्मा संभालने के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी को नियुक्त किया। इसके साथ ही जांच की निगरानी के लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश अजय रस्तोगी की अध्यक्षता में एक पर्यवेक्षी समिति गठित करने का निर्देश दिया था।


यह भी पढ़ें-  Freedom of Religion Bill: महाराष्ट्र में भी जबरन धर्मांतरण अपराध होगा, CM बोले- विधेयक किसी धर्म के खिलाफ नहीं


न्यायमूर्ति जेके माहेश्वरी और एनवी अंजारी की अध्यक्षता वाली शीर्ष अदालत की पीठ ने कहा था कि भगदड़ ने पूरे देश के नागरिकों के मन पर एक छाप छोड़ी है। अदालत ने कहा कि इसका नागरिकों के जीवन पर व्यापक प्रभाव पड़ा है। वे अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों के मौलिक अधिकारों को लागू करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। पीठ ने कहा, "आपराधिक न्याय प्रणाली में जांच प्रक्रिया पर आम जनता का विश्वास और भरोसा बहाल किया जाना चाहिए। इसके साथ  ऐसा विश्वास जगाने का एक तरीका यह सुनिश्चित करना है कि वर्तमान मामले में जांच पूरी तरह से निष्पक्ष, स्वतंत्र और पूर्वाग्रह रहित हो।"


 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed