फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   EC withdraws SIR declaration from Form 6 in states where exercise is over, News Updates

चुनाव आयोग का बड़ा फैसला: एसआईआर पूरा होने वाले राज्यों में फॉर्म-6 से अतिरिक्त घोषणा बाहर, क्यों हुआ निर्णय?

Wed, 30 Sep 2026 12:04 PM IST
पवन पांडेय पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: पवन पांडेय Updated Wed, 30 Sep 2026 12:04 PM IST
सार

चुनाव आयोग ने जिन राज्यों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पूरा हो चुका है, वहां ऑनलाइन फॉर्म-6 से एसआईआर संबंधी अतिरिक्त घोषणा हटा दी है। अब नए मतदाताओं को केवल वैधानिक फॉर्म-6 भरना होगा। एसआईआर जारी रहने वाले राज्यों में यह घोषणा लागू रहेगी। फैसला 26 सितंबर की पूर्ण आयोग बैठक के बाद लिया गया।

विज्ञापन
EC withdraws SIR declaration from Form 6 in states where exercise is over, News Updates
चुनाव आयोग का बड़ा फैसला - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

चुनाव आयोग ने उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ऑनलाइन मतदाता पंजीकरण के फॉर्म-6 से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़ी अतिरिक्त घोषणा हटाने का फैसला किया है, जहां एसआईआर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब इन राज्यों में नए मतदाताओं को केवल निर्धारित वैधानिक फॉर्म-6 ही भरना होगा। यह बदलाव आयोग की 26 सितंबर को हुई पूर्ण बैठक के बाद किया गया है। बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू तथा विवेक जोशी शामिल थे। आयोग ने स्पष्ट किया था कि फॉर्म-6 के साथ जुड़ी अतिरिक्त घोषणा केवल एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान ही लागू रहेगी।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें- आतंकी से तुलना पर विवाद: पूर्व आईएएफ अधिकारी ने राहुल गांधी पर की टिप्पणी, कांग्रेस सेवादल ने दर्ज कराई शिकायत
विज्ञापन


एसआईआर के दौरान ही देनी होगी अतिरिक्त जानकारी
एसआईआर से जुड़ी इस अतिरिक्त घोषणा में नए मतदाता आवेदकों से यह जानकारी मांगी जाती थी कि वे स्वयं या उनके माता-पिता अथवा दादा-दादी पहले हुए किसी विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान तैयार मतदाता सूची में दर्ज थे या नहीं। इसके लिए आवेदक को पुराने मतदाता रिकॉर्ड से अपने परिवार का संबंध बताना होता था। जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अभी एसआईआर चल रहा है, वहां ईसीआईनेट पोर्टल और एप पर यह अतिरिक्त घोषणा फिलहाल उपलब्ध रहेगी। संबंधित मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ) की वेबसाइटों पर भी यह व्यवस्था जारी रहेगी। वहीं, जिन राज्यों में एसआईआर पूरा हो चुका है, वहां ईसीआईनेट एप और पोर्टल के साथ-साथ संबंधित सीईओ पोर्टल से यह अतिरिक्त घोषणा हटा दी गई है। ऐसे राज्यों में मतदाता बनने के इच्छुक लोगों को अब केवल पंजीकरण के लिए निर्धारित फॉर्म-6 भरना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


फॉर्म-6 को लेकर चुनाव आयोग में भी मतभेद
फॉर्म-6 में एसआईआर से जुड़ी अतिरिक्त घोषणा को शामिल किए जाने का मुद्दा पिछले कुछ समय से विवाद में रहा है। चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने फॉर्म में किए गए बदलावों को लेकर आपत्ति जताई थी। जोशी ने तर्क दिया था कि पंजीकरण नियम, 1960 के तहत निर्धारित फॉर्म में बदलाव नियमों में संशोधन किए बिना नहीं किया जा सकता। संधू ने भी इस आपत्ति से सहमति जताई थी। बाद में जब ईसीआईनेट पर ऑनलाइन फॉर्म-6 की प्रक्रिया में एसआईआर से जुड़ी अतिरिक्त घोषणा जोड़ी गई, तब संधू ने भी इस बदलाव पर आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने इसे "अनधिकृत/अवैध" बताते हुए इसे हटाने की मांग की थी। हालांकि, चुनाव आयोग ने अपने सार्वजनिक बयानों में कहा है कि फॉर्म-6 में कोई संशोधन नहीं किया गया था, बल्कि एसआईआर के दौरान इस्तेमाल के लिए इसमें एक अतिरिक्त घोषणा जोड़ी गई थी। आयोग ने यह भी कहा है कि बिहार में एसआईआर से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले में इस घोषणा को बरकरार रखा गया था।

यह भी पढ़ें- यूएन: विदेश मंत्री जयशंकर ने गुटेरेस से की मुलाकात, पश्चिम एशिया संघर्ष, यूक्रेन युद्ध समेत कई मुद्दों पर मंथन

26 सितंबर की बैठक के बाद स्थिति साफ
26 सितंबर को हुई पूर्ण आयोग की बैठक के बाद चुनाव आयोग ने कहा था कि फॉर्म-6 से जुड़ी अतिरिक्त घोषणा एसआईआर के दौरान ही इस्तेमाल की जानी है। एसआईआर पूरा होने के बाद सामान्य अवधि में 1960 के नियमों के तहत निर्धारित फॉर्म ही इस्तेमाल किए जाएंगे। यह कदम ऐसे समय आया है जब एसआईआर को लेकर आयोग के भीतर निर्णय प्रक्रिया पर भी सवाल उठे हैं। एक समाचार पत्र की रिपोर्ट के अनुसार, संधू और जोशी ने पिछले 10 महीनों में एसआईआर से जुड़े फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आपत्ति जताई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों अधिकारियों ने कुछ फैसलों के बारे में कहा था कि वे उनकी जानकारी या सिफारिश के बिना जारी किए गए। हालांकि, चुनाव आयोग ने 26 सितंबर के अपने बयान में इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि एसआईआर से जुड़े आदेशों को तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से मंजूरी मिली थी। 

क्या है फॉर्म-6: फॉर्म-6 वह वैधानिक फॉर्म है, जिसका इस्तेमाल पात्र भारतीय नागरिक पहली बार अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed