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ED: बीएमएस एजुकेशनल ट्रस्ट के इंजीनियरिंग कॉलेजों में बेची गई सीटें, ट्रस्ट के खाते रहे खाली, पैसा गया कहां?
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Sat, 24 Jan 2026 04:22 PM IST
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ED (सांकेतिक)
- फोटो : Adobe Stock
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बीएमएस एजुकेशनल ट्रस्ट 'कर्नाटक' द्वारा संचालित इंजीनियरिंग कॉलेजों में सीटें बेच दी गई। इस धंधे में बाहर के व्यक्ति शामिल नहीं थे, बल्कि ट्रस्ट के प्रबंधन में शामिल लोगों ने ही इस घोटाले का अंजाम दिया। बिचौलियों/एजेंटों के जरिए सीटों की बोली लगाई गई। ज्यादा पैसा देने वाले को सीट प्रदान की गई। हैरानी की बात ये रही कि इसके बावजूद ट्रस्ट के खाते रहे। घोटाले के जरिए जो पैसा कमाया गया, वह ट्रस्ट के खाते में जमा नहीं कराया गया। उस पैसे का इस्तेमाल, प्रबंधन के लोगों ने अपने हितों के लिए किया। इस कमाई से लोगों ने चल अचल संपत्तियां खरीद ली। ईडी ने अब इस मामले में कार्रवाई को अंजाम दिया है।
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), बंगलूरु क्षेत्रीय कार्यालय ने 21 जनवरी को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत बीएमएस एजुकेशनल ट्रस्ट के ट्रस्टियों से संबंधित एक प्लॉट और दो फ्लैट सहित 19.46 करोड़ रुपये के बाजार मूल्य वाली तीन अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है। ईडी ने मल्लेश्वरम पुलिस, बंगलूरु और हनुमंतनगर पुलिस, बंगलूरु द्वारा कर्नाटक परीक्षा प्राधिकरण के माध्यम से इंजीनियरिंग सीटों में प्रवेश के दौरान सीट ब्लॉकिंग घोटाले और प्रवेश प्रक्रिया के दौरान निर्धारित शुल्क से अधिक नकद वसूली के मामले में दर्ज एफआईआर के आधार पर इस केस की जांच शुरू की है।
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ईडी ने इस मामले में 25.06.2025 और 26.05.2025 को तलाशी अभियान चलाया। इसमें पता चला कि बीएमएस एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा संचालित इंजीनियरिंग कॉलेजों में इंजीनियरिंग सीटों में प्रवेश की प्रक्रिया के दौरान निर्धारित शुल्क से अधिक बेहिसाब नकद वसूली की जा रही थी। बीएमएस एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा संचालित इंजीनियरिंग कॉलेजों में सीटें कॉलेज प्रबंधन द्वारा बिचौलियों और एजेंटों के माध्यम से बेची जा रही थीं। बीएमएस एजुकेशनल ट्रस्ट का प्रबंधन छात्रों से सीधे और शैक्षिक सलाहकार के रूप में काम करने वाले एजेंटों के माध्यम से नकद राशि एकत्र कर रहा था। इस प्रकार एकत्र की गई नकदी का खुलासा बीएमएस एजुकेशनल ट्रस्ट के खातों में नहीं किया गया था।
ईडी द्वारा की गई तलाशी के परिणामस्वरूप बीएमएस एजुकेशनल ट्रस्ट के ट्रस्टियों/प्रबंधन और एजेंटों के परिसरों से 1.86 करोड़ रुपये जब्त किए गए। बीएमएस एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा संचालित इंजीनियरिंग कॉलेजों में इंजीनियरिंग सीटों की बिक्री से प्राप्त 20.20 करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी से संबंधित अतिरिक्त साक्ष्य भी जब्त किए गए हैं। एकत्र किए गए साक्ष्यों में डायरी नोट, व्हाट्सएप चैट आदि शामिल हैं, जिनकी पुष्टि इसमें शामिल व्यक्तियों यानी कॉलेज स्टाफ, प्रबंधन कर्मियों, संबंधित एजेंटों आदि ने की है। जांच में पता चला है कि इंजीनियरिंग सीटों की बिक्री से प्राप्त बेहिसाब नकदी का उपयोग बीएमएस एजुकेशनल ट्रस्ट के ट्रस्टियों के निजी लाभ के लिए किया गया था। मामले में आगे की जांच जारी है।