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ED: मध्य प्रदेश में पीडब्ल्यूडी के पूर्व इंजीनियर की 67 करोड़ की चल/अचल संपत्तियां जब्त, वैध आय से 150% अधिक

डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Rahul Kumar Updated Tue, 02 Jun 2026 07:47 PM IST
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ED: Movable and Immovable Assets Worth ₹67 Crore Seized from Former PWD Engineer in Madhya Pradesh
ईडी - फोटो : ईडी
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), भोपाल क्षेत्रीय कार्यालय ने मध्य प्रदेश के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के पूर्व इंजीनियर-इन-चीफ गोविंद प्रसाद मेहरा और उनके परिवार के सदस्यों की लगभग 67.25 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है। ईडी ने लोकायुक्त, भोपाल के विशेष पुलिस प्रतिष्ठान (एसपीई) द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (2018 में संशोधित) की धारा 13(2) और 13(1)(बी) के तहत गोविंद प्रसाद मेहरा के खिलाफ उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की है। 


जांच में पता चला कि 04.03.1985 से 29.02.2024 की अवधि के दौरान, लोक निर्माण विभाग में कार्यरत रहते हुए, गोविंद प्रसाद मेहरा ने कथित तौर पर अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित की। एफआईआर के अनुसार, लगभग 4 करोड़ रुपये की वैध आय के मुकाबले, 10 करोड़ रुपये से अधिक की कुल संपत्ति और व्यय की पहचान की गई, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 6 करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्ति पाई गई। यह उनकी ज्ञात वैध आय से लगभग 150 प्रतिशत अधिक है।
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जांच एजेंसी द्वारा गोविंद प्रसाद मेहरा और उनके परिवार से जुड़े परिसरों पर की गई तलाशी में भारी मात्रा में नकदी, सोने के आभूषण, चांदी के गहने और अन्य मूल्यवान वस्तुएं बरामद और जब्त की गईं। जांच में पता चला कि गोविंद प्रसाद मेहरा से जुड़े विभिन्न परिसरों से 8.79 लाख रुपये नकद और लगभग 3.51 करोड़ रुपये मूल्य के सोने के आभूषण बरामद किए गए। इन संपत्तियों के अधिग्रहण के संबंध में दिए गए स्पष्टीकरण निराधार और विश्वसनीय साक्ष्यों से रहित पाए गए।
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गोविंद प्रसाद मेहरा और उनके परिवार ने नर्मदापुरम जिले के सोहागपुर तहसील के सैनी गांव में लगभग 70-72 एकड़ भूमि पर फैले कस्तूरी कृषि फार्म का अधिग्रहण किया था।  उन्होंने वहां पर कॉटेज, आवासीय इकाइयां, आंतरिक सड़कें, कृत्रिम जल निकाय, कृषि अवसंरचना और अन्य उच्च मूल्य की सुविधाओं से युक्त एक आलीशान फार्म-रिसॉर्ट में बदल दिया था। मूल्यांकन रिपोर्ट में संपत्ति का बाजार मूल्य लगभग 49.44 करोड़ रुपये आंका गया, जिसमें लगभग 16 करोड़ रुपये के निर्माण और विकास कार्य शामिल हैं। संपत्ति के अधिग्रहण और विकास के लिए उपयोग किए गए धन के स्रोत के संबंध में दिए गए स्पष्टीकरण असंगत पाए गए और दस्तावेजी साक्ष्यों द्वारा समर्थित नहीं थे।

पीएमएलए जांच के दौरान, 67.25 करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्ति पाई गई। इस संबंध में जानकारी पीएमएलए की धारा 66(2) के तहत लोकायुक्त के विशेष विकास आयोग (एसपीई) के साथ साझा की जा रही है। इसके बाद, ईडी ने पीएमएलए, 2002 की धारा 5(1) के तहत 67.25 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है। अटैच की गई संपत्तियों में आवासीय संपत्तियां, कस्तूरी कृषि फार्म नामक एक आलीशान रिसॉर्ट-शैली की संपत्ति शामिल है। इसमें व्यापक रूप से विकसित भूमि, प्रीमियम कॉटेज, मनोरंजन सुविधाएं और संबद्ध बुनियादी ढांचा, नकदी, सोने के आभूषण, चांदी की वस्तुएं और अपराध की आय के मूल्य के रूप में पहचानी गई अन्य संपत्तियां शामिल हैं। 
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