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ED: खुद को शिव का अवतार बताने वाले 'कैप्टन' ने की जबरन वसूली, काले जादू का दिखाता था डर
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Rahul Kumar
Updated Thu, 21 May 2026 05:46 PM IST
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- फोटो : Adobe Stock
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), मुंबई क्षेत्रीय कार्यालय ने स्वयंभू धर्मगुरु अशोक कुमार एकनाथ खरात उर्फ 'कैप्टन' को 19 मई को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया था। पीएमएलए न्यायालय ने आरोपी को सात दिन की ईडी की हिरासत में भेज दिया है। ईडी की पूछताछ में हैरान करने वाले खुलासे हुए हैं। खुद को भगवान शिव का अवतार बताने वाला 'कैप्टन' जबरन वसूली करता था। लोगों को काले जादू का भय दिखाता था। प्रॉक्सी खातों में धन छिपाता था। इतना ही नहीं, आरोपी कैप्टन ने विदेशों में भी अपना धंधा फैला रखा था।
काला जादू निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज
ईडी ने नासिक शहर के सरकारवाड़ा पुलिस स्टेशन में अशोक कुमार एकनाथ खरात और अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 और महाराष्ट्र मानव बलि व अन्य अमानवीय, दुष्ट, अघोरी प्रथाओं व काला जादू निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर उक्त केस की जांच शुरू की है। इसके बाद, शिरडी पुलिस स्टेशन, अहिल्यानगर और राहता पुलिस स्टेशन, अहिल्यानगर में दर्ज एफआईआर को भी पीएमएलए, 2002 के तहत जांच करने के लिए मौजूदा ईसीआईआर में जोड़ा गया।
अलौकिक शक्तियों और दिव्य ज्ञान का दावा
ईडी की जांच में पता चला है कि एकनाथ खरात, कथित तौर पर धार्मिक और आध्यात्मिक प्रथाओं की आड़ में सुनियोजित तरीके से जबरन वसूली का रैकेट चला रहा था। आरोपी खुद को भगवान शिव का अवतार बताता था। अलौकिक शक्तियों और दिव्य ज्ञान का दावा करता था। फर्जी अनुष्ठानों, धोखे व भावनात्मक हेरफेर के जरिए पीड़ितों में मृत्यु और काले जादू का भय पैदा करता था।
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शिकायतकर्ता से 5.62 करोड़ की उगाही
इस तरह की कार्यप्रणाली अपनाकर आरोपी कथित तौर पर 'अवतार पूजा', धार्मिक उपचार और आध्यात्मिक मार्गदर्शन की आड़ में पीड़ितों से बड़ी मात्रा में धन और मूल्यवान संपत्ति की उगाही करता था। एक मामले की जांच में पता चला कि अशोक खरात के इशारे पर एक शिकायतकर्ता से लगभग 5.62 करोड़ रुपये की उगाही की गई थी, जो एक लग्जरी मर्सिडीज वाहन की खरीद, विदेश यात्राओं, संयुक्त राज्य अमेरिका में चिकित्सा उपचार और फार्म हाउस संपत्तियों के विकास पर किए गए खर्च के रूप में थी।
लोगों की जानकारी के बिना खोले प्रॉक्सी खाते
पीएमएलए के तहत की गई जांच में यह भी पता चला कि जबरन वसूली और धोखाधड़ी से प्राप्त अपराध की धनराशि को कई बैंक खातों, सहकारी ऋण समितियों (पट संस्थाओं), चल और अचल संपत्तियों और विभिन्न व्यक्तियों के नाम पर उनकी जानकारी या सहमति के बिना खोले गए प्रॉक्सी खातों के माध्यम से कथित तौर पर छिपाया गया। धन को मनी लॉन्ड्रिंग किया गया। जांच में यह भी पता चला कि आरोपी कथित तौर पर दो सहकारी ऋण समितियों के माध्यम से कई बेनामी खाते और सावधि जमा संचालित करता था, जिनमें बड़ी मात्रा में नकदी जमा की जाती थी। सावधि जमा में परिवर्तित की जाती थी और बाद में नकद में निकाली जाती थी। आरोपी अपने मोबाइल नंबर और नामांकित व्यक्ति के विवरण का उपयोग करके इन खातों पर नियंत्रण रखता था। कथित तौर पर अपराध की धनराशि का उपयोग चल और अचल संपत्तियों के अधिग्रहण के लिए करता था।
डिजिटल उपकरण और संपत्ति रिकॉर्ड बरामद
पीएमएलए, 2002 की धारा 17 के तहत पिछले दिनों ईडी ने कई आवासीय और व्यावसायिक परिसरों, बैंक लॉकरों और आरोपी व उसके सहयोगियों से जुड़े ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान 13.92 करोड़ रुपये नकद, लगभग 5.11 लाख रुपये के बराबर 5,500 अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा और लगभग 1.12 करोड़ रुपये मूल्य के सोने और चांदी के आभूषण जब्त किए गए। इसके अलावा, 2.25 करोड़ रुपये की बैंक राशि फ्रीज कर दी गई। पंजीकरण संख्या MH15GL8181 वाली एक महंगी मर्सिडीज गाड़ी को फ्रीज कर दिया गया। तलाशी अभियान के दौरान विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और संपत्ति से संबंधित रिकॉर्ड भी बरामद और जब्त किए गए।
काला जादू निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज
ईडी ने नासिक शहर के सरकारवाड़ा पुलिस स्टेशन में अशोक कुमार एकनाथ खरात और अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 और महाराष्ट्र मानव बलि व अन्य अमानवीय, दुष्ट, अघोरी प्रथाओं व काला जादू निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर उक्त केस की जांच शुरू की है। इसके बाद, शिरडी पुलिस स्टेशन, अहिल्यानगर और राहता पुलिस स्टेशन, अहिल्यानगर में दर्ज एफआईआर को भी पीएमएलए, 2002 के तहत जांच करने के लिए मौजूदा ईसीआईआर में जोड़ा गया।
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अलौकिक शक्तियों और दिव्य ज्ञान का दावा
ईडी की जांच में पता चला है कि एकनाथ खरात, कथित तौर पर धार्मिक और आध्यात्मिक प्रथाओं की आड़ में सुनियोजित तरीके से जबरन वसूली का रैकेट चला रहा था। आरोपी खुद को भगवान शिव का अवतार बताता था। अलौकिक शक्तियों और दिव्य ज्ञान का दावा करता था। फर्जी अनुष्ठानों, धोखे व भावनात्मक हेरफेर के जरिए पीड़ितों में मृत्यु और काले जादू का भय पैदा करता था।
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शिकायतकर्ता से 5.62 करोड़ की उगाही
इस तरह की कार्यप्रणाली अपनाकर आरोपी कथित तौर पर 'अवतार पूजा', धार्मिक उपचार और आध्यात्मिक मार्गदर्शन की आड़ में पीड़ितों से बड़ी मात्रा में धन और मूल्यवान संपत्ति की उगाही करता था। एक मामले की जांच में पता चला कि अशोक खरात के इशारे पर एक शिकायतकर्ता से लगभग 5.62 करोड़ रुपये की उगाही की गई थी, जो एक लग्जरी मर्सिडीज वाहन की खरीद, विदेश यात्राओं, संयुक्त राज्य अमेरिका में चिकित्सा उपचार और फार्म हाउस संपत्तियों के विकास पर किए गए खर्च के रूप में थी।
लोगों की जानकारी के बिना खोले प्रॉक्सी खाते
पीएमएलए के तहत की गई जांच में यह भी पता चला कि जबरन वसूली और धोखाधड़ी से प्राप्त अपराध की धनराशि को कई बैंक खातों, सहकारी ऋण समितियों (पट संस्थाओं), चल और अचल संपत्तियों और विभिन्न व्यक्तियों के नाम पर उनकी जानकारी या सहमति के बिना खोले गए प्रॉक्सी खातों के माध्यम से कथित तौर पर छिपाया गया। धन को मनी लॉन्ड्रिंग किया गया। जांच में यह भी पता चला कि आरोपी कथित तौर पर दो सहकारी ऋण समितियों के माध्यम से कई बेनामी खाते और सावधि जमा संचालित करता था, जिनमें बड़ी मात्रा में नकदी जमा की जाती थी। सावधि जमा में परिवर्तित की जाती थी और बाद में नकद में निकाली जाती थी। आरोपी अपने मोबाइल नंबर और नामांकित व्यक्ति के विवरण का उपयोग करके इन खातों पर नियंत्रण रखता था। कथित तौर पर अपराध की धनराशि का उपयोग चल और अचल संपत्तियों के अधिग्रहण के लिए करता था।
डिजिटल उपकरण और संपत्ति रिकॉर्ड बरामद
पीएमएलए, 2002 की धारा 17 के तहत पिछले दिनों ईडी ने कई आवासीय और व्यावसायिक परिसरों, बैंक लॉकरों और आरोपी व उसके सहयोगियों से जुड़े ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान 13.92 करोड़ रुपये नकद, लगभग 5.11 लाख रुपये के बराबर 5,500 अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा और लगभग 1.12 करोड़ रुपये मूल्य के सोने और चांदी के आभूषण जब्त किए गए। इसके अलावा, 2.25 करोड़ रुपये की बैंक राशि फ्रीज कर दी गई। पंजीकरण संख्या MH15GL8181 वाली एक महंगी मर्सिडीज गाड़ी को फ्रीज कर दिया गया। तलाशी अभियान के दौरान विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और संपत्ति से संबंधित रिकॉर्ड भी बरामद और जब्त किए गए।