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Bengal: इफ्तार पार्टी में शामिल होने पर चुनाव आयोग की कार्रवाई, सात जवानों पर गिरी गाज; जानें पूरा मामला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: Himanshu Singh Chandel
Updated Wed, 25 Mar 2026 09:01 PM IST
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सार
पश्चिम बंगाल में चुनाव ड्यूटी के दौरान इफ्तार पार्टी में शामिल होने पर 7 अर्धसैनिक जवानों पर कार्रवाई की गई है। दो जवानों को कस्टडी में रखा गया और पांच का ट्रांसफर किया गया। चुनाव आयोग ने कहा कि ड्यूटी के दौरान किसी सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होना नियमों का उल्लंघन है।
चुनाव आयोग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने सख्ती दिखाते हुए 7 अर्धसैनिक बल के जवानों पर कार्रवाई की है। इन जवानों पर आरोप है कि उन्होंने ड्यूटी के दौरान इफ्तार पार्टी में हिस्सा लिया, जो चुनाव आयोग के नियमों का उल्लंघन है। आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कदम उठाया है। इस कार्रवाई को निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा संदेश माना जा रहा है।
चुनाव आयोग के अनुसार यह घटना मुर्शिदाबाद जिले के निमतिता इलाके में रमजान के दौरान हुई थी। आरोप है कि जवान एक स्थानीय पंचायत प्रधान के पति द्वारा आयोजित इफ्तार कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इस घटना की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थीं, जिसके बाद आयोग ने संज्ञान लिया और जांच शुरू की। जांच के बाद दो जवानों को केंद्रीय बल की कस्टडी में रखा गया, जबकि पांच को राज्य से बाहर ट्रांसफर कर दिया गया।
क्या नियमों का उल्लंघन हुआ था?
चुनाव आयोग ने साफ कहा है कि चुनाव ड्यूटी पर तैनात किसी भी सुरक्षाकर्मी को स्थानीय लोगों के किसी भी सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होने या किसी तरह की मेहमाननवाजी स्वीकार करने की अनुमति नहीं है। यह नियम इसलिए बनाए गए हैं ताकि सुरक्षा बल पूरी तरह निष्पक्ष बने रहें। आयोग ने कहा कि इस मामले में नियमों का उल्लंघन हुआ है, इसलिए कार्रवाई जरूरी थी।
ये भी पढ़ें- Parliament: ट्रांसजेंडर संशोधन विधेयक को संसद से मंजूरी, राज्यसभा में ध्वनिमत से पारित हुआ प्रस्तावित कानून
जवानों का क्या है पक्ष और जांच में क्या सामने आया?
संबंधित जवानों ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि इफ्तार कार्यक्रम बीएसएफ कैंप के अंदर हुआ था और इसमें स्थानीय प्रतिनिधियों को बुलाया गया था। हालांकि विभागीय जांच के बाद आयोग ने कार्रवाई को सही ठहराया। अधिकारियों ने कहा कि जांच के आधार पर ही नियमों के अनुसार कदम उठाया गया है।
चुनाव आयोग की सख्ती
आयोग ने कहा कि चुनाव ड्यूटी में तैनात बलों को पूरी तरह निष्पक्ष रहना होगा और किसी भी तरह का संपर्क स्थानीय पक्षों से नहीं होना चाहिए। आयोग ने निगरानी के लिए जीपीएस ट्रैकिंग और बॉडी कैमरा जैसे इंतजाम भी किए हैं। पश्चिम बंगाल की 294 सीटों पर चुनाव 23 और 29 अप्रैल को होंगे और नतीजे 4 मई को आएंगे। आयोग ने साफ किया कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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चुनाव आयोग के अनुसार यह घटना मुर्शिदाबाद जिले के निमतिता इलाके में रमजान के दौरान हुई थी। आरोप है कि जवान एक स्थानीय पंचायत प्रधान के पति द्वारा आयोजित इफ्तार कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इस घटना की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थीं, जिसके बाद आयोग ने संज्ञान लिया और जांच शुरू की। जांच के बाद दो जवानों को केंद्रीय बल की कस्टडी में रखा गया, जबकि पांच को राज्य से बाहर ट्रांसफर कर दिया गया।
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क्या नियमों का उल्लंघन हुआ था?
चुनाव आयोग ने साफ कहा है कि चुनाव ड्यूटी पर तैनात किसी भी सुरक्षाकर्मी को स्थानीय लोगों के किसी भी सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होने या किसी तरह की मेहमाननवाजी स्वीकार करने की अनुमति नहीं है। यह नियम इसलिए बनाए गए हैं ताकि सुरक्षा बल पूरी तरह निष्पक्ष बने रहें। आयोग ने कहा कि इस मामले में नियमों का उल्लंघन हुआ है, इसलिए कार्रवाई जरूरी थी।
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जवानों का क्या है पक्ष और जांच में क्या सामने आया?
संबंधित जवानों ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि इफ्तार कार्यक्रम बीएसएफ कैंप के अंदर हुआ था और इसमें स्थानीय प्रतिनिधियों को बुलाया गया था। हालांकि विभागीय जांच के बाद आयोग ने कार्रवाई को सही ठहराया। अधिकारियों ने कहा कि जांच के आधार पर ही नियमों के अनुसार कदम उठाया गया है।
चुनाव आयोग की सख्ती
आयोग ने कहा कि चुनाव ड्यूटी में तैनात बलों को पूरी तरह निष्पक्ष रहना होगा और किसी भी तरह का संपर्क स्थानीय पक्षों से नहीं होना चाहिए। आयोग ने निगरानी के लिए जीपीएस ट्रैकिंग और बॉडी कैमरा जैसे इंतजाम भी किए हैं। पश्चिम बंगाल की 294 सीटों पर चुनाव 23 और 29 अप्रैल को होंगे और नतीजे 4 मई को आएंगे। आयोग ने साफ किया कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।