India-France Ties: मैक्रों धुरंधर के मुरीद! इस वीडियो से दिया बड़ा संदेश; अतिआत्मविश्वास से गलती पर किया आगाह
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत यात्रा के दौरान सांस्कृतिक और रणनीतिक दोनों स्तरों पर मजबूत संदेश दिया। मुंबई में जॉगिंग और ‘धुरंधर’ के संगीत के साथ वीडियो साझा कर उन्होंने दोस्ती का संकेत दिया। वहीं, एक इंटरव्यू में उन्होंने अतिआत्मविश्वास को बड़ी गलती बताया। उन्होंने कहा कि नेता को लोगों की धारणा समझनी चाहिए।
विस्तार
फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों की हालिया भारत यात्रा कई वजहों से चर्चा में रही। मुंबई दौरे के दौरान उन्होंने प्रोटोकॉल और कड़े सुरक्षा घेरे के बिना जॉगिंग की, जिसकी तस्वीरें और वीडियो वायरल हुए। लोगों ने उनके साथ सेल्फी ली। फ्रांस लौटने से पहले उन्होंने भारत की फिल्म ‘धुरंधर’ के संगीत के साथ एक वीडियो साझा किया, जिसमें भारत-फ्रांस रिश्तों की झलक दिखाई गई। बीते ढाई महीनों में ‘धुरंधर’ का संगीत वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय हुआ है। मैक्रों ने इसी संगीत के जरिए सांस्कृतिक जुड़ाव का संदेश दिया और नेतृत्व में अतिआत्मविश्वास से बचने की सलाह भी दी।
भारत-फ्रांस रिश्तों के बीच फ्रांस के उन्होंने ने एक ऐसा संदेश भी दिया, जो राजनीति से आगे नेतृत्व की जिम्मेदारी तक जाता है। भारत दौरे के दौरान उन्होंने जहां सांस्कृतिक जुड़ाव दिखाया, वहीं अतिआत्मविश्वास को लेकर नेताओं को सावधान भी किया। उनका यह संदेश ऐसे समय आया, जब वैश्विक राजनीति में फैसलों की धार तेज है।
मुंबई से दिल्ली तक क्या रहा खास?
मैक्रों भारत यात्रा के दौरान पहले मुंबई पहुंचे। वहां उन्होंने बिना भारी प्रोटोकॉल और सुरक्षा घेरे के जॉगिंग की। स्थानीय लोगों ने उनके साथ तस्वीरें लीं। इससे उनका सहज और आत्मविश्वासी व्यक्तित्व सामने आया। इसके बाद वह नई दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई समिट में शामिल हुए। फ्रांस लौटने से पहले उन्होंने भारतीय फिल्म ‘धुरंधर’ के संगीत के साथ एक वीडियो साझा किया, जिसमें दोनों देशों की दोस्ती और साझा दृष्टि दिखाई गई।
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अतिआत्मविश्वास पर क्या बोले मैक्रों?
एक मीडिया बातचीत में मैक्रों ने कहा कि अतिआत्मविश्वास बहुत नकारात्मक होता है। उन्होंने माना कि जब-जब वह जरूरत से ज्यादा आश्वस्त हुए, तब-तब उनसे बड़ी गलतियां हुईं। उनका कहना था कि नेता को यह समझना चाहिए कि लोग उसके शब्दों और फैसलों को कैसे देखेंगे। 100 प्रतिशत भरोसा हमेशा सही समझ में बदले, यह जरूरी नहीं। इसलिए संदेह और सावधानी नेतृत्व का जरूरी हिस्सा हैं।
भारत-फ्रांस रिश्तों पर क्या कहा?
मैक्रों ने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी है, जो आगे और मजबूत होगी। उन्होंने बताया कि यह उनकी चौथी द्विपक्षीय भारत यात्रा है और प्रधानमंत्री के साथ उनकी कई मुलाकातें हो चुकी हैं। दोनों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा दृष्टि रखते हैं और किसी भी तरह के वर्चस्व से बचते हुए संतुलन बनाए रखना चाहते हैं।
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