Pax-Silica: पैक्स सिलिका समझौते पर भारत ने किए हस्ताक्षर; एआई-सप्लाई चेन सुरक्षा से जुड़ा है ट्रंप का प्रयास
India Joins Pax Silica: भारत ने अमेरिका के नेतृत्व वाले गठबंधन पैक्स सिलिका में शामिल होने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए। भारत एआई और टेक सुरक्षा में अमेरिका व सहयोगी देशों के साथ बड़ा कदम उठा रहा है। इससे टेक्नोलॉजी, व्यापार और राष्ट्रीय सुरक्षा तीनों को फायदा होगा।
विस्तार
#WATCH | Delhi: Pax Silica Declaration signed between India and the US, in the presence of Ashwini Vaishnaw, Union Minister for Electronics & Information Technology and Jacob Helberg, US Under Secretary of State for Economic Affairs pic.twitter.com/QyHkM2pebY
— ANI (@ANI) February 20, 2026
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किन नेताओं की मौजूदगी में हुआ समझौता?
इस समझौते पर हस्ताक्षर के समय भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर, अमेरिका के मंत्री जैकब हेलबर्ग और भारत के आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव मौजूद थे।
क्या है पैक्स सिलिका?
यह अमेरिकी विदेश विभाग की प्रमुख पहल है। इसका मकसद एआई तकनीक को सुरक्षित तरीके से विकसित करना, महत्वपूर्ण सामान और संसाधनों की सप्लाई चेन को भरोसेमंद बनाना और सहयोगी देशों के बीच आर्थिक सुरक्षा बढ़ाना है। इस पहल की घोषणा में कहा गया है कि मजबूत सप्लाई चेन आर्थिक सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है। एआई भविष्य की समृद्धि और विकास की सबसे बड़ी ताकत बनेगा।
घोषणा पर किन देशों ने किया हस्ताक्षर?
इस घोषणा पर हस्ताक्षर करने वाले देशों में ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन, यूएई, सिंगापुर, इस्राइल, कतर और ग्रीस शामिल हैं। जबकि कनाडा, यूरोपीय संघ, नीदरलैंड्स और ताइवान जैसे देश इसमें भागीदार के रूप में जुड़े हैं।
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अमेरिका अधिकारियों ने क्या कहा?
अमेरिकी अधिकारियों ने भारत के शामिल होने को बहुत अहम बताया। सर्जियो गोर ने कहा यह साझेदारी 'आजादी, ताकत और जीत' का चुनाव है। उन्होंने कहा कि यह तय करेगा कि भविष्य की तकनीक बंगलूरू और सिलिकॉन वैली में बनेगी या निगरानी वाले देशों में।
#WATCH | Delhi: At the signing ceremony of the Pax Silica Declaration between India and the US, US Ambassador to India, Sergio Gor, says, "India's entry into Pax Silica is not just symbolic. It is strategic and essential. India is a nation with deep talent, deep enough to rival… pic.twitter.com/Ea9glHBq8V
— ANI (@ANI) February 20, 2026
ट्रंप प्रशासन में मंत्री जैकब हेलबर्ग ने कहा, आज कई देश आर्थिक दबाव और ब्लैकमेल का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'आर्थिक सुरक्षा ही राष्ट्रीय सुरक्षा है।' यह पहल तकनीक और सप्लाई चेन को सुरक्षित बनाकर देशों की समृद्धि बढ़ाएगी।
भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है समझौता?
इस समझौते से भारत को कई फायदे मिल सकते हैं। जैसे-
टेक्नोलॉजी लाभ
- AI रिसर्च और इनोवेशन में सहयोग
- नई टेक्नोलॉजी तक बेहतर पहुंच
- सप्लाई चेन में चीन जैसी निर्भरता कम करने में मदद
- महत्वपूर्ण खनिज और चिप सप्लाई सुरक्षित
- अमेरिका और सहयोगी देशों के साथ मजबूत संबंध
- वैश्विक टेक राजनीति में भारत की भूमिका बढ़ेगी
वहीं भारत और अमेरिका के बीच पैक्स सिलिका घोषणापत्र पर हस्ताक्षर समारोह में, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, 'अगर यह भावना 1947 से बनी रहती, तो हम सभी कल्पना कर सकते हैं कि भारत की विकास दर में कितनी तेजी आई होती। कोई बात नहीं, भले ही यह 2014 से हो। अब, आपकी पीढ़ी इस विकास दर का लाभ उठाएगी।'
#WATCH | Delhi: At the signing ceremony of the Pax Silica Declaration between India and the US, Ashwini Vaishnaw, Union Minister for Electronics & Information Technology, says, "If this spirit had persisted since 1947, we can all imagine how much compounding would have occurred… pic.twitter.com/95wDV23eBx
— ANI (@ANI) February 20, 2026
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