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Hindi News ›   India News ›   EVM-SIR Controversy: Uddhav Thackeray to lead a march to BMC headquarters; support extended to CJP's 'Jail Bha

ईवीएम-एसआईआर विवाद: ठाकरे बंधु बीएमसी मुख्यालय तक निकालेंगे मार्च, सीजेपी के 'जेल भरो आंदोलन' को मिला समर्थन

Tue, 29 Sep 2026 03:36 PM IST
अमन मौर्या एएनआई, मुंबई
एएनआई, मुंबई Published by: अमन मौर्या Updated Tue, 29 Sep 2026 03:36 PM IST
सार

उद्धव-राज ठाकरे ने मुंबई में 4 अक्टूबर को बायकूला से बीएमसी मुख्यालय तक एसआईआर और ईवीएम के खिलाफ संयुक्त मार्च निकालने की घोषणा की है। उन्होंने सीजेपी के जेल भरो आंदोलन को भी अपना समर्थन दिया है।

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EVM-SIR Controversy: Uddhav Thackeray to lead a march to BMC headquarters; support extended to CJP's 'Jail Bha
ईवीएम-एसआईआर विवाद: उद्धव ठाकरे बीएमसी मुख्यालय तक निकालेंगे मार्च - फोटो : ANI

विस्तार

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे और यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की और 4 अक्टूबर को चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध मार्च निकालने की घोषणा की। यह मार्च बायकूला (Byculla) से बीएमसी मुख्यालय तक निकाला जाएगा। राज ठाकरे ने भी इस संयुक्त विरोध मार्च समर्थन किया। यह मार्च चुनाव आयोग के खिलाफ निकाला जाएगा। मनसे प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी कई वर्षों से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) और चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठाती रही है।
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राज ठाकरे ने क्या कहा?
राज ठाकरे ने कहा कि काफी समय से हम लगातार ईवीएम और चुनाव आयोग के मनमाने फैसलों पर सवाल उठाते रहे हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। उन्होंने कहा कि मैं सभी पार्टियों को भी इस विरोध मार्च में शामिल होने के लिए आमंत्रित करता हूं। चुनाव आयोग के खिलाफ 'कॉकरोच जनता पार्टी' के प्रस्तावित 'जेल भरो आंदोलन' को भी उन्होंने अपना समर्थन दिया है। मनसे प्रमुख ने कहा, 'हम सीजेपी के 'जेल भरो' आंदोलन को अपना पूरा समर्थन देंगे।' यह ऐलान ऐसे समय में किया गया है जब मतदाता सूची के 'विशेष गहन संशोधन' (एसआईआर) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर पूरा विपक्ष लगातार भाजपा सरकार पर हमलावार है।
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2 अक्टूबर को सीजेपी दिल्ली में करेगी प्रदर्शन
बता दें कि अक्टूबर को जंतर-मंतर पर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के लिए दिल्ली पुलिस की तरफ से अभी तक कोई अनुमति नहीं दी गई है। आप दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सोमवार को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन में लोगों के शामिल होने के लिए सार्वजनिक अपील की थी। अन्य विपक्षी समूहों के भी इसमें शामिल होने या इसके समानांतर विरोध प्रदर्शन करने की संभावना है।

सीजेपी को क्यों नहीं मिली अनुमति?
'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दिपके ने 2 अक्टूबर को शाम 4 बजे मुंबई के शिवाजी पार्क में 'जेल भरो आंदोलन' की घोषणा की है। दिपके ने कहा था कि मुंबई पुलिस ने सीजेपी के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। इसके बाद मुंबई पुलिस ने स्पष्टीकरण दिया था कि 2013 के बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश को देखते हुए शिवाजी पार्क में सभा के लिए अनुमति देने नहीं दी गई है। पुलिस ने बताया कि यह इलाका 'साइलेंस जोन' घोषित किया गया है। पुलिस ने बताया कि विरोध प्रदर्शन के लिए आवेदक अजिंक्य शिंदे को मुंबई में ही कोई दूसरी जगह खोजने की सलाह दी गई थी।


आदित्य ठाकरे का ऐलान
इससे पहले, शिवसेना (उबाटा) नेता आदित्य ठाकरे ने भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों का समर्थन करने की घोषणा की थी। अपने एक्स हैंडल पर उन्होंने पोस्ट कर कहा कि यदि ज्ञानेश कुमार नहीं हटाए गए तो मुंबई में 2 अक्टूबर से 'वोट चोरी' के खिलाफ पार्टी सड़कों पर उतरेगी। इसके अलावा कांग्रेस ने भी सोमवार को देशभर में विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की और कहा कि कांग्रेस एसआईआर के मुद्दे पर गंभीरता से लड़ाई लड़ेगी। कांग्रेस वर्किंग कमेटी की मंगलवार को होने वाली बैठक में भी इस मामले पर चर्चा होगी।

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क्या है पूरा मामला?
बता दें, 'द इंडियन एक्सप्रेस' की एक रिपोर्ट के बाद इस मामले में राजनीतिक विवाद और बढ़ गया। रिपोर्ट में कहा गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े फैसलों और प्रक्रियाओं को लेकर पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार आपत्तियां जताई थीं। इस बीच, चुनाव आयोग ने इन सुझावों को खारिज कर दिया था। इन आरोपों को खारिज करते हुए आयोग ने सफाई दी और कहा कि एसआईआर से संबंधित फैसले आयोग की सर्वसम्मति से लिए गए थे।
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