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जंतर मंतर पर हुई थी छात्र की मौत?: पाकिस्तानी अकाउंट से फैलाया गया झूठ, महाराष्ट्र पुलिस की जांच में ये खुलासा
Tue, 28 Jul 2026 04:16 PM IST
सुनील मेहरोत्रा
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
Published by: सुनील मेहरोत्रा
Updated Tue, 28 Jul 2026 04:16 PM IST
सार
महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने 500 से अधिक सोशल मीडिया अकाउंट की पहचान की है, जो 'कॉकरोच जनता पार्टी' के देशभर में हुए प्रदर्शन के दौरान सीमा पार से फर्जी खबरें और भ्रामक जानकारी फैलाने के अभियान का हिस्सा थे। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
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महाराष्ट्र पुलिस
- फोटो : ANI
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विस्तार
सोशल मीडिया पर फर्जी खबरें और भ्रामक पोस्ट फैलाने वालों के खिलाफ महाराष्ट्र साइबर सेल की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी दौरान हुई जांच में खुलासा हुआ है कि 23 जुलाई को पाकिस्तान से संचालित एक एक्स अकाउंट से यह दावा किया गया था कि जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान एक छात्र की मौत हो गई।
झूठी खबर पाकिस्तान हैंडल से दी गई
महाराष्ट्र साइबर सेल ने मंगलवार को बताया कि फैक्ट चेक में यह दावा पूरी तरह गलत निकला। जांच में सामने आया कि छात्र की मौत नहीं हुई थी। प्रदर्शन के दौरान उसकी तबीयत बिगड़ने पर समय रहते उसे सीपीआर दिया गया, जिससे उसकी जान बच गई। आरएमएल अस्पताल, प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) और दिल्ली पुलिस ने भी छात्र की मौत की खबर का खंडन किया था। लेकिन अब पता चला है कि मौत की वह झूठी खबर पाकिस्तान हैंडल से दी गई थी।
साइबर सेल ने किए बड़े खुलासे
महाराष्ट्र साइबर सेल ने सोमवार को प्रदर्शन के दौरान 429 अकाउंट्स और पोस्ट के बारे में जानकारी दी थीं। मंगलवार को साइबर सेल ने इस बारे में और खुल कर बताया। साइबर सेल के अनुसार, सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों से जुड़े इन 429 अकाउंट्स और पोस्ट्स में से 329 अकाउंट्स भारत से संचालित हो रहे थे, जबकि 100 विदेशों से चलाए जा रहे थे। जांच में यह भी सामने आया कि 140 पोस्ट्स में एआई का इस्तेमाल कर फर्जी कंटेंट और डीपफेक वीडियो तैयार किए गए थे।
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महाराष्ट्र साइबर सेल के मुताबिक, सबसे ज्यादा संदिग्ध पोस्ट्स इंस्टाग्राम पर मिली हैं। यहां भारत से संचालित 257 और विदेशों से चल रहे 55 अकाउंट्स की पहचान हुई है। एक्स पर भारत के 34 और विदेश के 21, फेसबुक पर भारत के 23 और विदेश के 17, जबकि यूट्यूब पर भारत के 15 और विदेशों से संचालित 7 अकाउंट्स कार्रवाई के दायरे में आए हैं। इन सभी पोस्ट को अब सोशल मीडिया से हटाया जा रहा है।
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झूठी खबर पाकिस्तान हैंडल से दी गई
महाराष्ट्र साइबर सेल ने मंगलवार को बताया कि फैक्ट चेक में यह दावा पूरी तरह गलत निकला। जांच में सामने आया कि छात्र की मौत नहीं हुई थी। प्रदर्शन के दौरान उसकी तबीयत बिगड़ने पर समय रहते उसे सीपीआर दिया गया, जिससे उसकी जान बच गई। आरएमएल अस्पताल, प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) और दिल्ली पुलिस ने भी छात्र की मौत की खबर का खंडन किया था। लेकिन अब पता चला है कि मौत की वह झूठी खबर पाकिस्तान हैंडल से दी गई थी।
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साइबर सेल ने किए बड़े खुलासे
महाराष्ट्र साइबर सेल ने सोमवार को प्रदर्शन के दौरान 429 अकाउंट्स और पोस्ट के बारे में जानकारी दी थीं। मंगलवार को साइबर सेल ने इस बारे में और खुल कर बताया। साइबर सेल के अनुसार, सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों से जुड़े इन 429 अकाउंट्स और पोस्ट्स में से 329 अकाउंट्स भारत से संचालित हो रहे थे, जबकि 100 विदेशों से चलाए जा रहे थे। जांच में यह भी सामने आया कि 140 पोस्ट्स में एआई का इस्तेमाल कर फर्जी कंटेंट और डीपफेक वीडियो तैयार किए गए थे।
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महाराष्ट्र साइबर सेल के मुताबिक, सबसे ज्यादा संदिग्ध पोस्ट्स इंस्टाग्राम पर मिली हैं। यहां भारत से संचालित 257 और विदेशों से चल रहे 55 अकाउंट्स की पहचान हुई है। एक्स पर भारत के 34 और विदेश के 21, फेसबुक पर भारत के 23 और विदेश के 17, जबकि यूट्यूब पर भारत के 15 और विदेशों से संचालित 7 अकाउंट्स कार्रवाई के दायरे में आए हैं। इन सभी पोस्ट को अब सोशल मीडिया से हटाया जा रहा है।