{"_id":"6a7d7e754211b6f3ca0d4e4d","slug":"former-tmc-mla-nirmal-ghosh-arrested-in-rg-kar-case-in-odisha-2026-08-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"West Bengal: आरजी कर मामले में मिली बड़ी सफलता, टीएमसी के पूर्व विधायक निर्मल घोष ओडिशा से गिरफ्तार","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
West Bengal: आरजी कर मामले में मिली बड़ी सफलता, टीएमसी के पूर्व विधायक निर्मल घोष ओडिशा से गिरफ्तार
Thu, 13 Aug 2026 01:51 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: नितिन गौतम
Updated Thu, 13 Aug 2026 01:51 PM IST
सार
आरजी कर मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए टीएमसी के पूर्व विधायक निर्मल घोष को ओडिशा से गिरफ्तार कर लिया है। निर्मल घोष पर पीड़िता का अंतिम संस्कार जल्दबाजी में कराकर सबूत मिटाने का आरोप है।
विज्ञापन
निर्मल घोष
- फोटो : फेसबुक/ निर्मल घोष
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आरजी कर मामले में पश्चिम बंगाल पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। दरअसल टीएमसी के पूर्व विधायक निर्मल घोष को पुलिस ने ओडिशा से गिरफ्तार किया है। निर्मल घोष पर आरजी कर मामले में कथित तौर पर सबूत मिटाने का आरोप है।
सीएम शुभेंदु ने दिए थे जांच तेज करने के निर्देश
बीती 9 अगस्त को ही सीएम शुभेंदु अधिकारी ने पुलिस को निर्देश दिया था कि पीड़िता के अंतिम संस्कार के मामले में नया केस दर्ज करें और फिर मामले की जांच करें। आरोप है कि पीड़िता का अंतिम संस्कार निर्मल घोष की मौजूदगी में ही पानीहाटी में जल्दबाजी में किया गया था।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पीड़िता के अंतिम संस्कार की फीस माफ किए जाने, दस्तावेजों पर परिवार के सदस्यों के हस्ताक्षर न होने पर सवाल उठाए थे। सीएम ने निर्मल घोष, पीड़िता के पड़ोसी संजय मुखर्जी और काउंसलर सोमनाथ डे की भूमिका की जांच करने का निर्देश दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
सीएम शुभेंदु ने दिए थे जांच तेज करने के निर्देश
बीती 9 अगस्त को ही सीएम शुभेंदु अधिकारी ने पुलिस को निर्देश दिया था कि पीड़िता के अंतिम संस्कार के मामले में नया केस दर्ज करें और फिर मामले की जांच करें। आरोप है कि पीड़िता का अंतिम संस्कार निर्मल घोष की मौजूदगी में ही पानीहाटी में जल्दबाजी में किया गया था।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पीड़िता के अंतिम संस्कार की फीस माफ किए जाने, दस्तावेजों पर परिवार के सदस्यों के हस्ताक्षर न होने पर सवाल उठाए थे। सीएम ने निर्मल घोष, पीड़िता के पड़ोसी संजय मुखर्जी और काउंसलर सोमनाथ डे की भूमिका की जांच करने का निर्देश दिया था।
विज्ञापन