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शराब बनाने वाली कंपनियों पर चला एफएसएसएआई का डंडा: कई कंपनियों को भेजा गया नोटिस; क्या लगा है आरोप?
Sun, 02 Aug 2026 10:55 PM IST
प्रशांत तिवारी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Sun, 02 Aug 2026 10:55 PM IST
सार
खाद्य सुरक्षा नियामक भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने रविवार को कहा कि उसने यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड (USL) और इनब्रू बेवरेजेज सहित कई शराब निर्माण इकाइयों को नोटिस जारी किए हैं। आरोप है कि ये कंपनियां अपने उत्पादों में ऐसे फ्लेवर मिला रही थीं, जो संबंधित शराब के प्राकृतिक स्वाद और सुगंध की नकल करते हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने शराब बनाने वाली कई कंपनियों के खिलाफ फ्लेवरिंग नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई तेज कर दी है। यूनाइटेड स्पिरिट्स (USL), इनब्रू बेवरेजेज समेत कई कंपनियों की इकाइयों को नोटिस जारी किए गए हैं। आरोप है कि कुछ निर्माता रम में रम फ्लेवर और व्हिस्की में व्हिस्की फ्लेवर जैसे ऐसे फ्लेवर मिला रहे हैं, जो उत्पाद के प्राकृतिक स्वाद और सुगंध की नकल करते हैं। एफएसएसएआई का कहना है कि यह नियमों का सीधा उल्लंघन है।
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क्या एफएसएसएआई ने फ्लेवर के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी है?
एफएसएसएआई ने अपने आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया कि उसने फ्लेवरिंग पदार्थों के इस्तेमाल पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है। नियामक ने कहा कि कार्रवाई इसलिए की गई है क्योंकि कुछ निर्माता मानकीकृत मादक पेयों में उसी पेय का फ्लेवर मिला रहे हैं। उदाहरण के तौर पर, रम में रम फ्लेवर और व्हिस्की में व्हिस्की फ्लेवर का उपयोग किया जा रहा है, जो नियमों के अनुरूप नहीं है।
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पहले कब जारी किए गए थे नोटिस?
एफएसएसएआई ने बताया कि 10 जुलाई को भी कई शराब निर्माता कंपनियों को फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (अल्कोहलिक बेवरेजेज) रेगुलेशंस, 2018 के कथित उल्लंघन के मामले में नोटिस जारी किए गए थे। उस समय नियामक ने कंपनियों और उनके संयंत्रों के नाम सार्वजनिक नहीं किए थे।
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किन कंपनियों और प्लांट्स के नाम सामने आए हैं?
रविवार को जारी स्पष्टीकरण में एफएसएसएआई ने बताया कि नोटिस यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड (USL) के बारामती संयंत्र को जारी किया गया है, जहां मैकडॉवेल्स नंबर 1 रम का उत्पादन होता है। इसके अलावा मध्य प्रदेश स्थित USL संयंत्र, जहां एंटिक्विटी ब्लू व्हिस्की और रॉयल चैलेंज व्हिस्की बनाई जाती है, उसका भी नाम सामने आया है। उल्लेखनीय है कि यूनाइटेड स्पिरिट्स ब्रिटिश शराब कंपनी डियाजियो पीएलसी के स्वामित्व वाली कंपनी है।
और किन कंपनियों पर कार्रवाई हुई है?
एफएसएसएआई ने मोहन रॉकी स्प्रिंगवॉटर, इनब्रू बेवरेजेज और एसोसिएटेड अल्कोहल एंड ब्रुअरीज का भी नाम लिया है। इसके साथ ही गोवा में मैंडेक्सी डिस्टिलरीज एंड ब्रुअरीज के परिसर में निरीक्षण और नमूने भी लिए गए हैं। नियामक के मुताबिक, महाराष्ट्र की छह अन्य शराब निर्माता कंपनियों को भी इस मामले में नोटिस जारी किए गए हैं और उनके खिलाफ आगे की आवश्यक कार्रवाई जल्द की जाएगी।
एफएसएसएआई ने कंपनियों पर क्या आरोप लगाए हैं?
एफएसएसएआई का कहना है कि जांच के दौरान पाया गया कि कुछ कंपनियां प्रतिबंधित फ्लेवर का इस्तेमाल, उम्र से जुड़े भ्रामक दावे और ब्लेंड की वास्तविक आयु का सही खुलासा न करने जैसे नियमों का पालन नहीं कर रही थीं।
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नियमों का उल्लंघन आखिर कैसे हो रहा था?
नियामक के अनुसार, कुछ निर्माता रम, ब्रांडी, जिन, माल्ट/ग्रेन व्हिस्की, वाइन और बीयर जैसे उत्पादों में ऐसे अतिरिक्त फ्लेवर मिला रहे हैं, जो उनके प्राकृतिक स्वाद और सुगंध की नकल करते हैं। एफएसएसएआई ने कहा कि यह फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (अल्कोहलिक बेवरेजेज) रेगुलेशंस, 2018 का सीधा उल्लंघन है। नियमों के अनुसार, इन पेयों में केवल उनका स्वाभाविक स्वाद और प्राकृतिक सुगंध ही होनी चाहिए, कृत्रिम रूप से उसी स्वाद की नकल करने वाले फ्लेवर का इस्तेमाल स्वीकार्य नहीं है।