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मुंबई: एयरपोर्ट पर पकड़ा गया 7.5 करोड़ का सोना, छुपाने के लिए अपनाई ये तरकीब; छह गिरफ्तार

Fri, 17 Jul 2026 06:55 PM IST
राहुल कुमार सुनील मेहरोत्रा, मुंबई।
सुनील मेहरोत्रा, मुंबई। Published by: राहुल कुमार Updated Fri, 17 Jul 2026 06:55 PM IST
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Gold worth rs 7.5 crore smuggled in wax, six members of a smuggling gang arrested at Mumbai Airport
मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट - फोटो : एएनआई

राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक बड़े इंटरनैशनल सोना तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई के दौरान बैंकॉक से तस्करी कर लाए गए 7 करोड़ 49 लाख रुपये कीमत के पांच किलोग्राम से भी ज्यादा सोने को जब्त किया गया है। डीआरआई ने इस मामले में कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एयरपोर्ट के अंदर अलग-अलग दुकानों में काम करने वाले तीन कर्मचारी और तीन फिलीपींस के नागरिक शामिल हैं। पूछताछ और जांच के दौरान इस तस्करी में एक बेहद हैरान करने वाला तरीका सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ है कि इस बार तस्करी के लिए सोने के पाउडर को मोम में छिपाकर रखा गया था। मोम के अंदर छुपाकर रखे गए सोने के पाउडर से भरे इन पाउच को ही आरोपी एक-दूसरे को सौंप रहे थे ताकि किसी को कोई शक न हो।

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पकड़े गए तीनों तस्कर विदेशी नागरिक
इस मामले में पकड़े गए तीनों विदेशी नागरिकों की ओर से अदालत में पेश हुए वकील आफताब कुरैशी और प्रभाकर त्रिपाठी ने कहा कि उनके मुवक्किल पूरी तरह से असली इंटरनेशनल ट्रांजिट यात्री थे, जो फिलीपींस से थाईलैंड की यात्रा कर रहे थे। उनका भारत में दाखिल होने का कोई इरादा नहीं था और न ही उन्होंने इमिग्रेशन पार किया था। वकीलों ने दलील दी कि भारत में तस्करी के आरोप कई अहम कानूनी सवाल खड़े करते हैं, क्योंकि आरोपी सिर्फ ट्रांजिट में थे और क्लीयरेंस के लिए कस्टम विभाग के पास नहीं पहुंचे थे। हालांकि, अदालत ने सभी पहलुओं को देखने के बाद आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
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डीआरआई का दावा है कि उन्हें इस पूरे मामले में पहले ही एक बेहद पक्की खुफिया जानकारी मिली थी। इस गुप्त सूचना से संकेत मिला था कि एयरपोर्ट के भीतर एक दुकान का कर्मचारी, हिमांशु उपाध्याय, एक दूसरे स्टाफ मेंबर से तस्करी का सोना लेगा और उसे हवाई अड्डे के पी-4 लेवल पर चुपचाप एक अन्य कर्मचारी को सौंप देगा। इसी पक्की सूचना पर कार्रवाई करते हुए डीआरआई के अफसरों ने हिमांशु उपाध्याय को उस समय रंगे हाथों पकड़ लिया, जब वह बुधवार की रात को करीब साढ़े 10 बजे मोहीद हसन सिद्दीकी नाम के एक व्यक्ति को दो काले पाउच सौंप रहा था।
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ऐसे खुली पूरी साजिश
जब पकड़े गए आरोपी हिमांशु उपाध्याय से सख्ती से पूछताछ की गई, तो उसने इस पूरी साजिश का बड़ा खुलासा किया। पूछताछ के दौरान उसने कबूल किया कि मोम में छुपाकर रखे गए सोने के पाउडर यानी गोल्ड डस्ट से भरे ये पाउच उसे फिरोज सय्यद नाम के व्यक्ति ने सौंपे थे। फिरोज सय्यद इंटरनैशनल डिपार्चर हॉल में मौजूद 'सॉक्स एक्सप्रेस' नाम की दुकान का स्टोर मैनेजर है। वह मोम में लिपटे सोने के इस खेल का एक मुख्य जरिया था।

इस खुलासे के बाद डीआरआई ने अपनी जांच को आगे बढ़ाया और फिलीपींस से आ रहे तीन ट्रांजिट यात्रियों को रोककर उनसे पूछताछ की। इन यात्रियों के नाम नासिर अलीमुद्दीन लकीम, क्रिस्टीन जॉय अंदाया पोरनास्दोरो और बेनी लॉयड ओलिवो हैं। ये तीनों आरोपी भी इसी साजिश के तहत आगे की डिलीवरी के लिए ठीक उसी तरह के मोम वाले पाउच लेकर आ रहे थे। इसके बाद एक सरकारी मान्यता प्राप्त मूल्यांकनकर्ता को बुलाकर जब्त किए गए सामान की बारीकी से जांच कराई गई। जांच के बाद उसने प्रमाणित किया कि इन पाउच में 5 हजार 95 ग्राम चौबीस कैरेट असली सोना था, जिसकी कुल कीमत 7 करोड़ 49 लाख रुपये आंकी गई है।


तस्करी से लिए अपनाया यह तरीका
डीआरआई के अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों ने पूछताछ में अपना गुनाह कबूल कर लिया है। उन्होंने स्वीकार किया कि वे सोने की तस्करी करने वाले एक बड़े गिरोह के हैंडलर के इशारों और निर्देशों पर काम कर रहे थे। जांचकर्ताओं ने बताया कि इस पूरे नेटवर्क में फिरोज सय्यद का काम ट्रांजिट यात्रियों से तस्करी का सोना इकट्ठा करना और उसे आगे पहुंचाना था। फिरोज ने यह सोना हिमांशु उपाध्याय को दिया था, जिसने बाद में इसे एयरपोर्ट से बाहर सुरक्षित पहुंचाने के लिए मोहिद सिद्दीकी को सौंप दिया। वहीं, पकड़े गए तीनों विदेशी नागरिकों ने भी यह बात मानी है कि उन्हें एयरपोर्ट दुकान के कर्मचारियों की मदद से, ट्रांजिट यात्रियों के जरिए दुबई और बैंकॉक से मुंबई में सोने की तस्करी करने के लिए गिरोह में शामिल किया गया था। डीआरआई अब इस गिरोह के मुख्य सरगना का पता लगाने में जुटी है।




 

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