भारत बढ़ाएगा कोविड-19 टीकों का निर्यात: विदेशी मुल्कों को वैक्सीन उपलब्ध कराने में सीरम सबसे आगे

डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Thu, 25 Nov 2021 04:49 PM IST

सार

अमर उजाला को विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस समय निर्यात की मात्रा अधिक नहीं है लेकिन दिसंबर से जनवरी तक एसआईआई कोवैक्स को करीब तीन करोड़ खुराक का निर्यात कर सकती है। वहीं नोवा वैक्स टीके का निर्यात भी इसी सप्ताह शुरू होने जा रहा है। हालांकि इसे अमेरिकी औषधि नियामक यूएसएफडीए और भारतीय औषधि नियामक डीसीजीआई से मंजूरी मिलना अभी बाकी है...
कोरोना वैक्सीन
कोरोना वैक्सीन - फोटो : पीटीआई (फाइल)
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विस्तार

भारत ने कोरोना टीकाकरण में 100 करोड़ से ज्यादा का लक्ष्य हासिल कर लिया है। वहीं अब देश में कोरोना टीकों का पर्याप्त स्टॉक भी है। ऐसे में सरकार एक बार फिर कोरोना वैक्सीन का निर्यात शुरू करने की योजना बना रही है। माना जा रहा है कि सरकार अगले महीने यानी दिसंबर में कोरोना वैक्सीन का निर्यात शुरू कर देगी। इन टीकों के निर्यात में पुणे की कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) सबसे आगे है। हाल ही में हुए जी-20 सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी 2022 में दुनिया को 500 करोड़ डोज की सप्लाई का एलान किया था। जिसके बाद से टीके का निर्यात बढ़ाने की तैयारियां चल रही है। कोविड-19 टीकों के न्यायसंगत वितरण के लिए डब्ल्यूएचओ के नेतृत्व में वैश्विक पहल कोवैक्स के लिए आपूर्ति इस महीने शुरू हो गई और उद्योग का मानना है कि आगे उसमें और तेजी आएगी।
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नोवावैक्स टीके का निर्यात इसी सप्ताह से

अमर उजाला को विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस समय निर्यात की मात्रा अधिक नहीं है लेकिन दिसंबर से जनवरी तक एसआईआई कोवैक्स को करीब तीन करोड़ खुराक का निर्यात कर सकती है। जनवरी के बाद जैसे ही भारत की घरेलू जरूरतें पूरी हो जाएंगी तो यह आंकड़ा कहीं अधिक होगा। सूत्र ने आगे बताया कि नोवावैक्स टीके का निर्यात भी इसी सप्ताह शुरू होने जा रहा है। हालांकि इसे अमेरिकी औषधि नियामक यूएसएफडीए और भारतीय औषधि नियामक डीसीजीआई से मंजूरी मिलना अभी बाकी है।


इस टीके की पहली 50 लाख खुराक का निर्यात इंडोनेशिया को किया जाएगा। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया भारत में नोवावैक्स टीके के लिए विनिर्माण साझेदार है। एसआईआई ने इस टीके का उत्पादन नोवोवैक्स नाम से कर रही है। फिलहाल भारत में बच्चों (दो साल से अधिक उम्र) पर इसका परीक्षण चल रहा है। एसआईआई से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, अगले साल के की पहली तिमाही में इसका डाटा भारतीय औषधि नियामक के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की उम्मीद है।

भारत को हर माह करीब 15 करोड़ खुराक की जरूरत

दूसरी ओर, इंडोनेशिया ने नोवा वैक्स टीके को उपयोग के लिए मंजूरी दे दी है। सूत्रों ने आगे बताया कि, एसआईआई और नोवा वैक्स ने संयुक्त रूप से इंडोनेशिया में इस टीके के लिए आवेदन किया था और कोवोवैक्स को उपयोग के लिए मंजूरी भी मिल गई है। भारत में 15 दिनों के दैनिक टीकाकरण का औसत करीब 50 लाख खुराक है। इस प्रकार भारत को हर महीने करीब 15 करोड़ खुराक की जरूरत होगी। अकेले एसआईआई करीब 22 करोड़ कोविशील्ड खुराक का उत्पादन करती है। इसके अलावा भारत बायोटेक वैक्सीन का उत्पादन (अक्तूबर में 5.5 करोड़ खुराक का उत्पादन और दिसंबर तक आठ करोड़ खुराक के उत्पादन का लक्ष्य) करता है। जेएंडजे इंडिया के कंपनी से जुड़े सूत्रों की मानें तो अभी टीके की डिलीवरी के बारे में कुछ भी अनुमान लगाना फिलहाल जल्दबाजी होगी। हमारी टीम कोविड-19 टीके की आपूर्ति के लिए विनिर्माण क्षमता तैयार करने के लिए दिन रात काम कर रही है।

भारत ने अप्रैल तक कोविड-19 के 6.63 करोड़ टीकों की खुराक का निर्यात किया है। इसमें से 1.07 करोड़ खुराक का निर्यात भारत सरकार की ओर से अनुदान के तौर पर किया गया, जबकि टीका विनिर्माताओं द्वारा 3.57 करोड़ खुराक का वाणिज्यिक निर्यात किया गया। कोवैक्स को 1.98 करोड़ खुराक की आपूर्ति की गई।

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