Vande Mataram: राष्ट्रगान से पहले 'वंदे मातरम' गाने को लेकर दिशानिर्देश जारी, भाजपा सांसदों ने बताया ऐतिहासिक
केंद्र ने राष्ट्रगान से पहरे वंदे मातरम को अनिवार्य रूप से गाए जाने को लकेर दिशानिर्देश जारी किए हैं। भाजपा विधायकों ने केंद्र के इस फैसले का स्वागत किया है।
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केंद्र ने भारत के राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के गायन के लिए आधिकारिक प्रोटोकॉल दिशानिर्देश जारी किए हैं। भाजपा के सांसदों ने इसे एतिहासिक बताया है। दरअसल केंद्र ने वंदे मातरम को राष्ट्रीय गान से पहले गाए जाने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। इस पर भाजपा ने कई सांसदों ने प्रतिक्रिय देते हुए इस काफी अच्छा फैसला बकाया है।
'वंदे मातरम' पर नए दिशानिर्देशों पर भाजपा सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने कहा यह बहुत अच्छा है। मेरा मानना है कि यह भारत का एक बहुत ही महत्वपूर्ण सांस्कृतिक गीत है, जिसे विपक्ष ने कई वर्षों तक छिपाकर रखा था। इसके बाकी अंश में सच्ची भारतीयता की झलक दिखती है। इसको गृह मंत्री अमित शाह ने अनिवार्य करने का आदेश दिया है और मैं आदेश का स्वागत करता हूं।
भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने कहा, यह फैसला बहुत अच्छा है। कांग्रेस ने कुछ लोगों, खासकर जिन्ना को खुश करने के लिए इसकी कुछ लाइनें हटा दी थीं। आज 150 साल पूरे होने पर उन लाइनों को फिर से शामिल किया जा रहा है, जो बहुत साकारात्मक कदम है। यह गीत भारत के आजादी के दीवानों की पहचान थी, इसको फिर से शुरू करने से देश का माहौल अच्छा होगा।
विपक्ष द्वारा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर भाजपा सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने कहा कि विपक्ष जिस तरह से काम कर रहा है, वह गलत है। इससे पहले राहुल गांधी ने भी पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित किताब को लेकर शोर मचाया था, उसकी सच्चाई सबके सामने आ गई है।
पश्चिम बंगाल के अल्पसंख्यक बहुल मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में मस्जिद के निर्माण पर उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्य से देश में तनाव हो सकता है। एकजुट होकर लोगों को रहना चाहिए, मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है, इसलिए मैं कुछ नहीं बोल सकता हूं।