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गुजरात: बनास नदी पर बनेगा फिश स्केल वियर डैम, ₹581 करोड़ की परियोजना को मिली मंजूरी; 100 गांवों को मिलेगा लाभ
Tue, 03 Nov 2026 02:30 PM IST
अमन तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: अमन तिवारी
Updated Tue, 03 Nov 2026 02:30 PM IST
सार
गुजरात के बनासकांठा में बनास नदी पर 581 करोड़ रुपये की लागत से फिश स्केल वियर डैम बनेगा। 149 करोड़ लीटर क्षमता वाली इस परियोजना से डीसा और कांकरेज के 100 गांवों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
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नास नदी पर 581 करोड़ रुपये से बनेगा फिश स्केल वियर डैम
विस्तार
गुजरात के बनासकांठा जिले में जल संकट से निपटने और भूजल स्तर सुधारने के लिए बनास नदी पर बड़ा जल भंडारण प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है। राज्य सरकार ने डीसा तहसील के महादेविया गांव के पास 581 करोड़ रुपये की लागत से फिश स्केल वियर डैम बनाने को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इस परियोजना से डीसा और कांकरेज तहसील के कुल 100 गांवों को लाभ मिलने की उम्मीद है। डैम में जमा होने वाला पानी भूजल रिचार्ज में मदद करेगा। परियोजना को वर्ष 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
149 करोड़ लीटर पानी का होगा भंडारण
प्रस्तावित डैम बनास नदी पर बनाया जाएगा। इसकी चौड़ाई 500 मीटर होगी और इसमें सात स्टेप यानी सीढ़ीनुमा संरचनाएं बनाई जाएंगी। डैम की जल भंडारण क्षमता 149 करोड़ लीटर होगी। इसके अपस्ट्रीम में करीब 2.72 किलोमीटर लंबा जलाशय तैयार होगा। डैम के दोनों किनारों पर कुल 4,795 मीटर लंबे तटबंध भी बनाए जाएंगे।
इसमें दांतीवाड़ा और सिपू बांध से छोड़े जाने वाले पानी को संग्रहित किया जाएगा। इससे नदी के अतिरिक्त पानी का उपयोग जल भंडारण और भूजल स्तर बढ़ाने के लिए किया जा सकेगा।
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चौड़े नदी पाट को देखते हुए बदली योजना
सरकार के मुताबिक, पहले इस क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर चेकडैम बनाकर पानी जमा करने की योजना थी। लेकिन बनास नदी का पाट काफी चौड़ा होने के कारण इस योजना में बदलाव किया गया। अब डैम निर्माण के लिए आईआईटी रुड़की के साथ मिलकर फिश स्केल स्टेप्ड वियर का विकल्प तैयार किया गया है। सरकार के अनुसार, आईआईटी रुड़की को डैम निर्माण के क्षेत्र में व्यापक अनुभव है। बनास नदी की बेहतर रिचार्ज क्षमता को देखते हुए इस परियोजना से भूजल स्तर में सुधार की उम्मीद है।
दूसरे चरण में पर्यटन विकास की योजना
यह डैम महादेविया गांव के पास बनाया जाएगा। इसके निर्माण की अंतिम डिजाइन तैयार करने का काम सौंप दिया गया है। परियोजना का निर्माण वर्ष 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसके बाद दूसरे चरण में इस क्षेत्र में स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई अन्य परियोजनाएं शुरू की जाएंगी।
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149 करोड़ लीटर पानी का होगा भंडारण
प्रस्तावित डैम बनास नदी पर बनाया जाएगा। इसकी चौड़ाई 500 मीटर होगी और इसमें सात स्टेप यानी सीढ़ीनुमा संरचनाएं बनाई जाएंगी। डैम की जल भंडारण क्षमता 149 करोड़ लीटर होगी। इसके अपस्ट्रीम में करीब 2.72 किलोमीटर लंबा जलाशय तैयार होगा। डैम के दोनों किनारों पर कुल 4,795 मीटर लंबे तटबंध भी बनाए जाएंगे।
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इसमें दांतीवाड़ा और सिपू बांध से छोड़े जाने वाले पानी को संग्रहित किया जाएगा। इससे नदी के अतिरिक्त पानी का उपयोग जल भंडारण और भूजल स्तर बढ़ाने के लिए किया जा सकेगा।
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चौड़े नदी पाट को देखते हुए बदली योजना
सरकार के मुताबिक, पहले इस क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर चेकडैम बनाकर पानी जमा करने की योजना थी। लेकिन बनास नदी का पाट काफी चौड़ा होने के कारण इस योजना में बदलाव किया गया। अब डैम निर्माण के लिए आईआईटी रुड़की के साथ मिलकर फिश स्केल स्टेप्ड वियर का विकल्प तैयार किया गया है। सरकार के अनुसार, आईआईटी रुड़की को डैम निर्माण के क्षेत्र में व्यापक अनुभव है। बनास नदी की बेहतर रिचार्ज क्षमता को देखते हुए इस परियोजना से भूजल स्तर में सुधार की उम्मीद है।
दूसरे चरण में पर्यटन विकास की योजना
यह डैम महादेविया गांव के पास बनाया जाएगा। इसके निर्माण की अंतिम डिजाइन तैयार करने का काम सौंप दिया गया है। परियोजना का निर्माण वर्ष 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसके बाद दूसरे चरण में इस क्षेत्र में स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई अन्य परियोजनाएं शुरू की जाएंगी।