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Border Safety: लाल आतंक के बाद अब सुरक्षित सरहद बनी सरकार का मिशन, जानिए क्या है सरकार की योजना

Himanshu Mishr हिमांशु मिश्र
Updated Wed, 10 Jun 2026 07:00 AM IST
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home minister amit shah focus on border security after naxalism
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
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इसी साल देश को लाल आतंक से मुक्त कराने के बाद अब गृह मंत्री अमित शाह सरहद को पूरी तरह से अभेद्य बनाने के मिशन में जुट गए हैं। अगले कुछ वर्षों में छह हजार किमी लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा को घुसपैठ और तस्करी से पूरी तरह से मुक्त कराने के लिए स्मार्ट बॉर्डर परियोजना के तहत तात्कालिक रूप से 8 संवदेनशील सीमावर्ती क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है। इस योजना की पहली कड़ी में अगले कुछ महीने में चुनिंदा 14 सीमावर्ती क्षेत्रों को स्वदेशी ड्रोन, मोशन सेंसर और एआई सर्विलांस के जरिये अभेद्य बनाया जाएगा।


उच्च पदस्थ सूत्र ने कहा कि सीमा को अभेद्य बनाने का खाका खींचा जा चुका है। सरकार चरणबद्ध तरीके से पहले अति संवदेनशील, फिर संवेदनशील और अंत में अन्य सीमा क्षेत्रों को घुसपैठ, तस्करी, ड्रोन के जरिये ड्रग्स, नकली नोटों की आपूर्ति से मुक्त बनाएगी। फिलहाल इसके लिए जिन 8 अतिसंवेदनशील क्षेत्रों को चुना गया है, उनमें पाकिस्तानी सीमा पर पंजाब और कश्मीर के दो-दो, गुजरात के एक, म्यामार से सटे नगालैंड, मिजोरम, मणिपुर के एक-एक क्षेत्र शामिल हैं।
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ऐसे परवान चढ़ेगी योजना
इस योजना के जद में सिर्फ अंतरराष्ट्रीय सीमा ही नहीं बल्कि सीमावर्ती गांव भी आएंगे। पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश, भुटान, म्यामार, चीन से सटे गांवों को सामरिक जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। इसके लिए संबंधित क्षेत्र के जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, पटवारी से लेकर सरपंच तक की सहायता ली जाएगी।
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सरहद की रक्षा में दिखेगा स्वदेशी का जादू
सरहद को अभेद्य बनाने के लिए सरकार स्वदेशी ड्रोन की सेवा लेगी। सूत्र ने बताया कि डीआरडीओ समेत कई संस्थानों ने हाल में कई ड्रोन विकसित किए हैं। इनमें इंद्रजाल, भार्गवास्त्र, दिव्यास्त्र, नागास्त्र जैसे अलग-अलग खूबियों से लैस ड्रोन हैं। सरहज की निगरानी और घुसपैठ रोकने केलिए ऐसे ही ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा।

असुरक्षित सीमा से कई समस्याएं
असुरक्षित सीमा के कारण देश को कई संकटों का सामना करना पड़ा है। आतंकवाद, नशे के कारोबार, हथियारों, नकली नोटों की आपूर्ति देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए ही नहीं बल्कि अर्थव्यवस्था के लिए भी चुनौती बनती है। यही कारण है कि अब सरकार की नजर सरहद को हर दृष्टि से अभेद्य बनाने पर है।
बंगाल में हर हाल में फेंसिंग पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन से केंद्र उत्साह में है। सूत्र ने कहा कि पश्चिम बंगाल अकेला ऐसा राज्य था, जो सीमा सुरक्षा के मामले में रुचि नहीं ले रहा था। सत्ता परिवर्तन के बाद युद्ध स्तर पर फेंसिंग से बचे सीमाओं में बाड़ लगाने का काम पूरा किया जाएगा।
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