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अल-नीनो: 1901 के बाद भारत में सबसे गर्म रहा अगस्त, टूटा 125 साल का रिकॉर्ड; जानें इस महीने कैसी होगी बारिश
Mon, 31 Aug 2026 10:09 PM IST
राहुल कुमार
पीटीआई/आईएएनएस, नई दिल्ली।
पीटीआई/आईएएनएस, नई दिल्ली।
Published by: राहुल कुमार
Updated Mon, 31 Aug 2026 10:09 PM IST
सार
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को सितंबर महीने में ज्यादातर इलाकों में सामान्य से ज्यादा तापमान रहने का अनुमान जताया है। वहीं आईएमडी ने इस महीने की बारिश को लेकर भी अनुमान जारी किया है।
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अल नीनो का दिखने लगा असर।
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को कहा कि सितंबर में पूरे देश में कुल मासिक बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान है। आईएमडी ने यह भी कहा कि 1901 के बाद से भारत में अगस्त 2026 सबसे गर्म रहा, जिसमें औसत तापमान 28.01 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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1901 के बाद सबसे गर्म रहा अगस्त
आईएमडी के महानिदेशक मौसम विज्ञान मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि अगस्त 2026 भारत में 1901 के बाद सबसे गर्म अगस्त रहा। इस दौरान देश का औसत तापमान 28.01 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि अगस्त का सामान्य औसत तापमान 27.34 डिग्री सेल्सियस है। अगस्त 2026 में औसत न्यूनतम तापमान भी 1901 के बाद सबसे अधिक रहा। यह 24.36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सामान्य न्यूनतम तापमान 23.68 डिग्री सेल्सियस रहता है।
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मौसम विभाग ने बताया कि प्रशांत महासागर में सक्रिय अल नीनो के कारण सितंबर में भी बारिश सामान्य (91 फीसदी से कम) रहने और अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने का अनुमान है। आईएमडी के मुताबिक, अगस्त में देशभर में 213.3 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य से कम थी। वर्ष 2001 के बाद यह अगस्त में दर्ज सातवीं सबसे कम बारिश है।
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बारिश कम होने की क्या रही वजह?
मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि इस समय भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में अल नीनो की स्थिति मजबूत बनी हुई है। मध्य और पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से अधिक है। आने वाले महीनों में इसके और मजबूत होने की संभावना है।
आईएमडी के अनुसार, अगस्त में चार कम दबाव वाले क्षेत्र बने और ये कुल मिलाकर 26 दिनों तक सक्रिय रहे। हालांकि, इनसे हुई बारिश मुख्य रूप से गंगा के मैदानी इलाकों तक ही सीमित रही। इसके कारण देश के कई अन्य हिस्सों में बारिश की कमी बनी रही।
सितंबर में पूरे देश में सामान्य से कम बारिश: आईएमडी
1971-2020 के डेटा के आधार पर सितंबर की बारिश के लिए एलपीए लगभग 167.9 मिमी है। इलाकों के हिसाब से देखें तो देश के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की उम्मीद है।हालांकि, उत्तर-पश्चिम, उत्तर-पूर्व, पूर्व, पूर्व-मध्य और दक्षिण-पूर्व प्रायद्वीपीय भारत के कुछ इलाकों में सामान्य या सामान्य से ज्यादा बारिश हो सकती है। बारिश की श्रेणियों (सामान्य से ज्यादा, सामान्य और सामान्य से कम) के संभावना-आधारित अनुमान से पता चलता है कि बड़े पैमाने पर सामान्य से कम बारिश होगी।
तापमान की बात करें तो देश के ज्यादातर हिस्सों में मासिक औसत अधिकतम तापमान सामान्य से ज्यादातर रहने की संभावना है। मासिक औसत न्यूनतम तापमान भी ज्यादातर इलाकों में सामान्य से ज्यादा रहने की उम्मीद है, सिवाय उत्तर-पश्चिम, पश्चिम-मध्य और उत्तर-पूर्व भारत के कुछ हिस्सों के, जहां तापमान सामान्य या सामान्य से कम रहने की संभावना है।
आईएमडी के अनुसार, अभी भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में मजबूत अल-नीनो की स्थिति बनी हुई है, और मध्य व पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से ज्यादा है। आने वाले महीनों में इन स्थितियों के और मजबूत होने की उम्मीद है। अभी हिंद महासागर में न्यूट्रल इंडियन ओशन डाइपोल (आईओडी) की स्थिति बनी हुई है। आईएमडी के मानसून मिशन कपल्ड फोरकास्ट सिस्टम (एमएमसीएफएस) के अनुमान बताते हैं कि सितंबर तक न्यूट्रल आईओडी की स्थिति बनी रहने की संभावना है।
बारिश को लेकर उम्मीदें बरकरार
हालांकि, कुछ अंतरराष्ट्रीय जलवायु केंद्र संकेत दे रहे हैं कि सितंबर से सकारात्मक आईओडी की स्थिति बन सकती है। सामान्य से कम बारिश का खेती, जल संसाधनों, पनबिजली उत्पादन, इकोसिस्टम की स्थिरता और पीने के पानी की उपलब्धता पर बुरा असर पड़ सकता है, साथ ही कई इलाकों में गर्मी से होने वाली परेशानी (हीट स्ट्रेस) का खतरा भी बढ़ सकता है।
आईएमडी ने संबंधित एजेंसियों और हितधारकों को समय रहते तैयारी करने की सलाह दी है, जिसमें जल संरक्षण, संसाधनों का सही प्रबंधन और खेती से जुड़ी आपातकालीन योजना बनाना शामिल है। आईएमडी सितंबर के आखिर में उत्तर-पूर्वी मानसून सीजन (अक्टूबर से दिसंबर 2026) के लिए अनुमान और अक्टूबर के लिए बारिश व तापमान का आउटलुक जारी करेगा।