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भारत-रूस संबंध: रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने पर जोर, पाकिस्तान-अफगानिस्तान से लेकर रक्षा सहयोग तक हुई चर्चा
Wed, 14 Oct 2026 11:51 PM IST
शिवम गर्ग
आईएएनएस, नई दिल्ली
आईएएनएस, नई दिल्ली
Published by: शिवम गर्ग
Updated Wed, 14 Oct 2026 11:51 PM IST
सार
भारत और रूस ने पाकिस्तान-अफगानिस्तान से जुड़े मुद्दों, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा सहयोग पर चर्चा करते हुए अपनी रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। वहीं, इंद्रा-2026 अभ्यास के जरिए दोनों नौसेनाएं समुद्री सहयोग बढ़ा रही हैं।
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भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी
- फोटो : Amar Ujala Graphics
विस्तार
भारत और रूस ने अपनी विशेष एवं विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। बुधवार को नई दिल्ली में दोनों देशों के बीच पाकिस्तान और अफगानिस्तान से जुड़े मुद्दों के साथ अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर उनके प्रभाव को लेकर व्यापक चर्चा हुई। इसके अलावा, दोनों देशों ने सैन्य संबंधों को गहरा करने और रक्षा सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया।
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विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत-रूस विशेष तंत्र के तहत पाकिस्तान और अफगानिस्तान पर सातवीं बैठक आयोजित की गई। इसकी सह-अध्यक्षता भारत के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार पवन कपूर और रूस की सुरक्षा परिषद के उप सचिव अलेक्जेंडर वेनदिक्तोव ने की। मंत्रालय ने बताया कि दोनों पक्षों ने साझा हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर उनके प्रभाव पर विचार-विमर्श किया। इस दौरान भारत और रूस ने अपनी मौजूदा रणनीतिक साझेदारी के तहत सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई।
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अजीत डोभाल से भी मिले रूसी अधिकारी
भारत दौरे के दौरान रूस की सुरक्षा परिषद के उप सचिव अलेक्जेंडर वेनदिक्तोव ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से भी मुलाकात की। यह बैठक दोनों देशों के बीच सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर जारी संवाद का हिस्सा रही।
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सैन्य संबंधों को मजबूत करने पर भी हुई बातचीत
भारत और रूस के बीच सैन्य सहयोग बढ़ाने को लेकर भी चर्चा हुई। भारतीय सेना की सप्त शक्ति कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा ने रूसी सशस्त्र बलों के मॉस्को मिलिट्री डिस्ट्रिक्ट के कार्यवाहक कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल इगोर अनातोल्येविच सेरित्स्की से मुलाकात की।
भारतीय सेना के अतिरिक्त जन सूचना महानिदेशालय (एडीजीपीआई) ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इसकी जानकारी दी। सेना के मुताबिक, बातचीत में द्विपक्षीय सैन्य संबंधों को मजबूत करने, पेशेवर आदान-प्रदान बढ़ाने और साझा हितों वाले क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं तलाशने पर ध्यान दिया गया। इस बातचीत का उद्देश्य भारत और रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे रक्षा संबंधों को और मजबूती देना है।
व्लादिवोस्तोक में आईएनएस सह्याद्रि पर हुआ स्वागत समारोह
भारत और रूस के बीच रक्षा संबंधों की झलक रूस के व्लादिवोस्तोक में भी देखने को मिली। भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस सह्याद्रि ने बुधवार को अपने पोत पर एक स्वागत समारोह आयोजित किया। इसमें रूसी नौसेना, शहर प्रशासन और भारतीय वाणिज्य दूतावास के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। व्लादिवोस्तोक स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने एक्स पर बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच आपसी मेलजोल और सद्भाव को बढ़ावा देना था।
इस दौरान भारत और रूस की नौसेनाओं के कर्मियों ने दोस्ताना फुटबॉल और बास्केटबॉल मुकाबलों में भी हिस्सा लिया। इन खेल गतिविधियों के जरिए टीम भावना, खेल भावना और दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच मित्रता को रेखांकित किया गया।
इंद्रा-2026 सैन्य अभ्यास में हिस्सा ले रहा आईएनएस सह्याद्रि
भारत और रूस की नौसेनाएं द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास इंद्रा-2026 में हिस्सा ले रही हैं। इस दौरान आईएनएस सह्याद्रि के कमांडिंग ऑफिसर ने व्लादिवोस्तोक में रूसी नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी और पैसिफिक फ्लीट की प्रिमोर्स्की फ्लोटिला के कमांडर वाइस एडमिरल एवाई सिसुएव से मुलाकात की।
भारतीय मिशन के मुताबिक, बैठक के बाद दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई। इसका उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के बीच मित्रता और सहयोग के मजबूत संबंधों को दोहराना था। आईएनएस सह्याद्रि 10 अक्तूबर को व्लादिवोस्तोक पहुंचा था। द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास इंद्रा-2026 की शुरुआत 13 अक्तूबर को हुई और यह 18 अक्तूबर तक चलेगा। इस अभ्यास का उद्देश्य भारतीय नौसेना और रूसी नौसेना के बीच समुद्री सहयोग बढ़ाना तथा दोनों सेनाओं की संयुक्त रूप से काम करने की क्षमता को बेहतर बनाना है।