सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   India Diplomacy Succeeds Amid West Asia Tensions; Rajnath Singh Says We Played a Strong Role

India Diplomacy: पश्चिम एशिया तनाव के बीच भारत की कूटनीति सफल, राजनाथ सिंह ने कहा- हमने निभाई मजबूत भूमिका

एएनआई, लखनऊ Published by: Himanshu Singh Chandel Updated Sun, 12 Apr 2026 11:12 PM IST
विज्ञापन
सार

पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत ने संतुलित कूटनीति और मजबूत रणनीति के जरिए खुद को स्थिर बनाए रखा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से सबसे ज्यादा भारतीय जहाज गुजरे। भारत ने अमेरिका और ईरान दोनों से अच्छे संबंध बनाए रखते हुए ऊर्जा आपूर्ति और आर्थिक स्थिति को संभाला।

India Diplomacy Succeeds Amid West Asia Tensions; Rajnath Singh Says We Played a Strong Role
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ते संकट के बीच भारत ने अपनी संतुलित कूटनीति और रणनीतिक समझ का परिचय दिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस मुश्किल दौर में सबसे ज्यादा भारतीय जहाजों ने होर्मुज मार्ग पार किया है। उन्होंने कहा कि भारत ने वैश्विक अनिश्चितता के बीच भी अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखी है और ऊर्जा आपूर्ति व आर्थिक संतुलन को संभालने में सफलता पाई है।
Trending Videos


भारत की भूमिका पर क्या बोले राजनाथ सिंह?
रक्षा मंत्री ने लखनऊ में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जब पूरी दुनिया पश्चिम एशिया संकट से जूझ रही थी, तब भारत ने संतुलित भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि भारत के अमेरिका और ईरान दोनों के साथ अच्छे संबंध हैं, जिससे देश को रणनीतिक फायदा मिला। उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने कूटनीति और आत्मनिर्भरता के सहारे संकट को बेहतर तरीके से संभाला।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्या होर्मुज में भारत के जहाजों ने बनाया रिकॉर्ड?
राजनाथ सिंह ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों में भारत के जहाजों की संख्या सबसे ज्यादा रही। यह इस बात का संकेत है कि भारत ने कठिन परिस्थितियों में भी अपने व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को जारी रखा। उन्होंने कहा कि अन्य देशों को जहां दिक्कतों का सामना करना पड़ा, वहीं भारत ने अपनी आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाए रखा।

ये भी पढ़ें- Karnataka Politics: कर्नाटक के 20 से अधिक विधायक दिल्ली के लिए रवाना, हाई कमान से करेंगे मुलाकात

क्या ऊर्जा संकट और कीमतों पर पड़ा असर?
रक्षा मंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव के कारण कई देशों में ऊर्जा की कीमतें अस्थिर हो गईं, लेकिन भारत ने स्थिति को संभाला। उन्होंने खासतौर पर एलपीजी की उपलब्धता का जिक्र करते हुए कहा कि भारत में कोई बड़ी कमी नहीं आई, जबकि कई देशों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि यह भारत की मजबूत नीतियों और तैयारी का परिणाम है।

क्या भारत की कूटनीति ने दिलाई बढ़त?
राजनाथ सिंह ने जोर देकर कहा कि भारत ने “संतुलित कूटनीति” अपनाई। उन्होंने कहा कि अगर किसी देश ने इस पूरे संकट में संतुलन बनाए रखा है, तो वह भारत है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने किसी एक पक्ष का समर्थन करने के बजाय अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता दी और उसी के अनुसार फैसले लिए।

क्या भारत की आर्थिक और रक्षा ताकत बढ़ी है?
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत अब दुनिया की शीर्ष चार अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है। उन्होंने कहा कि पहले भारत को आर्थिक रूप से कमजोर माना जाता था, लेकिन अब देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर भी जोर दिया और कहा कि भारत अब हथियारों और ड्रोन के लिए दूसरे देशों पर निर्भर नहीं है। राजनाथ सिंह ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान ने देश को मजबूत बनाया है। उन्होंने बताया कि रक्षा उत्पादन में तेजी आई है और देश अपनी जरूरतों को खुद पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इससे संकट के समय भारत को बाहरी निर्भरता से बचने में मदद मिली है।

अन्य वीडियो-

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed