Odesa Port Attack: भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर सरकार सख्त, विदेश मंत्रालय ने यूक्रेन के राजदूत को किया तलब
India Summons Ukrainian Ambassador: यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह पर चार भारतीय चालक दल वाले मालवाहक जहाज एमवी एजीएन रैगनार पर हमला हुआ। इसके बाद भारत ने यूक्रेन के राजदूत को तलब कर कड़ी चिंता जताई। इससे पहले भी काला सागर क्षेत्र में भारतीय नाविकों की जान गई है। आखिर भारतीय नाविक बार-बार निशाने पर क्यों आ रहे हैं और उनकी सुरक्षा के लिए भारत ने अब क्या बड़ा कदम उठाया है? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
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विस्तार
भारत ने काला सागर क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर बड़ा कूटनीतिक कदम उठाया। यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह पर भारतीय चालक दल वाले मालवाहक जहाज एमवी एजीएन रैगनार पर हमले के बाद विदेश मंत्रालय ने सोमवार को यूक्रेन के राजदूत डॉ. ओलेक्सांद्र पोलिशचुक को तलब किया। इस जहाज पर चार भारतीय चालक दल के सदस्य मौजूद थे। घटना के बाद भारत ने स्पष्ट किया कि संघर्ष वाले क्षेत्रों में काम कर रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा उसके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह पिछले एक सप्ताह में भारतीय चालक दल वाले जहाजों से जुड़ी तीसरी गंभीर घटना है, जिससे नई दिल्ली की चिंता और बढ़ गई है।
भारतीय चालक दल वाले जहाज पर क्या हुआ था?
भारतीय दूतावास के अनुसार, शनिवार को एमवी एजीएन रैगनार यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह पर हमले की चपेट में आ गया। ओडेसा काला सागर का प्रमुख बंदरगाह है और 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से कई बार हमलों का सामना कर चुका है। जहाज पर चार भारतीय चालक दल के सदस्य मौजूद थे। दूतावास ने बताया कि इनमें से दो भारतीय नाविक सुरक्षित मिल गए हैं, जबकि बाकी दो की तलाश जारी है। इस घटना के बाद भारत ने यूक्रेन के राजदूत को बुलाकर अपनी गंभीर चिंता दर्ज कराई।
भारत ने अपने नागरिकों के लिए क्या सलाह जारी की?
रविवार को विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की। इसमें कहा गया कि जो भारतीय नागरिक संघर्ष प्रभावित समुद्री क्षेत्रों में चलने वाले व्यावसायिक जहाजों पर नौकरी करने जा रहे हैं, वे पहले सुरक्षा जोखिमों का पूरा आकलन करें। मंत्रालय ने संकेत दिया कि युद्ध प्रभावित इलाकों में काम करने वाले भारतीय नाविकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। भारत लगातार अपने नागरिकों की सुरक्षा पर नजर बनाए हुए है और ऐसे मामलों में संबंधित देशों के साथ सीधे संपर्क कर रहा है।
पिछले सप्ताह क्या-क्या घटनाएं हुईं?
- पिछले सप्ताह ही एमवी गोल्डन लियो नामक एक व्यावसायिक जहाज पर रूसी हमले में चार भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी। उस घटना के बाद विदेश मंत्रालय ने रूस के कार्यवाहक राजदूत व्लादिमीर लादानोव को भी तलब किया था।
- उस समय रूस के राजदूत नई दिल्ली में मौजूद नहीं थे, इसलिए कार्यवाहक राजदूत को बुलाया गया। 18 जुलाई के बाद से काला सागर क्षेत्र में हमलों में कुल पांच भारतीय नाविकों की जान जा चुकी है। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के बाद भारत ने दोनों पक्षों के समक्ष भारतीय नागरिकों और भारतीय चालक दल वाले जहाजों की सुरक्षा का मुद्दा मजबूती से उठाया है।
क्यों बढ़ गई है भारत की चिंता?
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच काला सागर का समुद्री क्षेत्र लगातार संघर्ष का केंद्र बना हुआ है। इसी क्षेत्र से बड़ी संख्या में व्यापारिक जहाज गुजरते हैं, जिन पर भारतीय नाविक भी काम करते हैं। पिछले एक सप्ताह में भारतीय चालक दल वाले जहाजों से जुड़ी तीन घटनाएं सामने आने और भारतीय नागरिकों की मौत के बाद भारत ने साफ संदेश दिया है कि उसके नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। यही वजह है कि नई दिल्ली ने एक के बाद एक राजनयिक स्तर पर कार्रवाई करते हुए संबंधित देशों के प्रतिनिधियों को तलब किया है।