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India-US: युद्धाभ्यास में भारतीय सेना का डंका, अमेरिका में 70 देशों के सामने दिखा स्पेशल ऑपरेशंस फोर्सेज का दम
Fri, 22 May 2026 06:35 AM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Fri, 22 May 2026 06:35 AM IST
सार
अमेरिका के फ्लोरिडा में आयोजित 'स्पेशल ऑपरेशंस फोर्सेज वीक' में भारतीय सेना ने अपना दम दिखाया है। 18 से 21 मई 2026 तक चले इस आयोजन में 70 देशों ने हिस्सा लिया। लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र पाल सिंह के नेतृत्व में भारतीय विशेष बलों ने 'बैटल इन द बे' थीम पर आधारित लाइव ऑपरेशन में पहली बार अपनी दक्षता का प्रदर्शन कर सबको चौंका दिया, जिससे भारत के रणनीतिक संबंध और मजबूत हुए हैं।
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भारतीय सेना ने दिखाया अपना दम
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
अमेरिका के फ्लोरिडा में आयोजित एक बड़े युद्धाभ्यास में भारतीय सेना के जवानों ने अपना अद्भुत शौर्य दिखाया है। दुनिया के 70 देशों की सेनाओं के बीच भारत के विशेष बलों (स्पेशल फोर्सेज) ने अपनी जबरदस्त सामरिक कुशलता का लोहा मनवाया है। यह मौका था अमेरिका में आयोजित 'स्पेशल ऑपरेशंस फोर्सेज वीक' का, जहां भारतीय सेना ने अपनी ताकत का अभूतपूर्व प्रदर्शन किया है। ट्रंप मौजूदा अमेरिका के राष्ट्रपति हैं और उनके देश में यह इतना बड़ा अंतरराष्ट्रीय रक्षा आयोजन हुआ है, जो दुनिया भर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य में 18 मई से 21 मई 2026 तक सैन्य बलों का एक बहुत बड़ा कार्यक्रम हुआ था। इस एक हफ्ते के आयोजन के दौरान फ्लोरिडा के टम्पा वॉटरफ्रंट पर एक खास प्रदर्शन हुआ। इसमें 'बैटल इन द बे' (खाड़ी में युद्ध) थीम पर एक लाइव ऑपरेशन यानी जीता-जागता युद्ध जैसा अभ्यास किया गया। सबसे बड़ी बात यह है कि भारतीय सेना की 'कैपेबिलिटी डेमोंस्ट्रेशन टीम' ने पहली बार इस लाइव ऑपरेशन में हिस्सा लिया और अपनी बेहतरीन युद्ध कला से वहां मौजूद सबको हैरान कर दिया।
ये भी पढ़ें- अंधेरे, धुंध और कोहरे में नहीं छिप पाएगा दुश्मन: BEL ने स्वदेशी जर्मेनियम लेंस के लिए दिया 29.8 करोड़ का ऑर्डर
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भारतीय सेना के जवानों ने किस तरह के युद्ध कौशल से दुनिया को चौंकाया?
इस बड़े आयोजन में भारतीय सेना के विशेष बलों ने अपनी कई तरह की युद्ध कलाओं का बेहतरीन प्रदर्शन किया। जवानों ने दिखाया कि वे आतंकियों को मारने (आतंकरोधी अभियान), अलग-अलग तरह से लड़ने (अपरंपरागत युद्ध), बहुत ऊंची और बर्फीली जगहों पर युद्ध करने और घने जंगलों में लड़ने (जंगल वॉरफेयर) में कितने माहिर हैं। 20 मई को टम्पा वॉटरफ्रंट पर हुए इस लाइव ऑपरेशन में अमेरिकी विशेष बलों के साथ दुनिया के केवल 10 चुनिंदा भागीदार देशों की टुकड़ियों ने ही एक साथ हिस्सा लिया था। भारतीय जवानों की इस फुर्ती और ताकत ने वहां मौजूद पूरी दुनिया को चौंका कर रख दिया।
इस बड़े अंतरराष्ट्रीय युद्धाभ्यास में कितने देशों और लोगों ने हिस्सा लिया?
यह आयोजन कोई छोटा-मोटा कार्यक्रम नहीं था। अमेरिकी सेना की स्पेशल ऑपरेशंस कमांड और ग्लोबल एसओएफ फाउंडेशन ने मिलकर इसे आयोजित किया था। इस खास हफ्ते में दुनिया भर के 70 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसके अलावा इसमें 850 से ज्यादा हथियार और रक्षा उपकरण दिखाने वाले लोग (प्रदर्शक) आए थे, और कुल मिलाकर 28,000 से ज्यादा लोगों ने इसमें हिस्सा लिया। भारतीय दल की अगुवाई पश्चिमी कमान के कमांडर और सबसे वरिष्ठ विशेष बल अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र पाल सिंह ने की। इससे यह साबित होता है कि भारत दुनिया की सुरक्षा में एक बड़ी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
अमेरिका के इस दौरे से भारत को सामरिक रूप से क्या बड़ा फायदा हुआ?
इस चार दिन के अमेरिका दौरे से भारत और दुनिया के अन्य देशों के बीच सैन्य रिश्ते बहुत मजबूत हुए हैं। भारतीय दल ने इस दौरान अन्य भागीदार देशों के बड़े कमांडरों के साथ कई अहम बैठकें और द्विपक्षीय बातचीत की। सेना का मानना है कि 'एसओएफ वीक' में भारत की यह पहली और शानदार शुरुआत आने वाले समय में बहुत फायदेमंद साबित होगी। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष अभियानों में भारत का सहयोग और ज्यादा बढ़ेगा, और वैश्विक रणनीतियों को नई दिशा देने में भी भारत की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो जाएगी।
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अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य में 18 मई से 21 मई 2026 तक सैन्य बलों का एक बहुत बड़ा कार्यक्रम हुआ था। इस एक हफ्ते के आयोजन के दौरान फ्लोरिडा के टम्पा वॉटरफ्रंट पर एक खास प्रदर्शन हुआ। इसमें 'बैटल इन द बे' (खाड़ी में युद्ध) थीम पर एक लाइव ऑपरेशन यानी जीता-जागता युद्ध जैसा अभ्यास किया गया। सबसे बड़ी बात यह है कि भारतीय सेना की 'कैपेबिलिटी डेमोंस्ट्रेशन टीम' ने पहली बार इस लाइव ऑपरेशन में हिस्सा लिया और अपनी बेहतरीन युद्ध कला से वहां मौजूद सबको हैरान कर दिया।
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भारतीय सेना के जवानों ने किस तरह के युद्ध कौशल से दुनिया को चौंकाया?
इस बड़े आयोजन में भारतीय सेना के विशेष बलों ने अपनी कई तरह की युद्ध कलाओं का बेहतरीन प्रदर्शन किया। जवानों ने दिखाया कि वे आतंकियों को मारने (आतंकरोधी अभियान), अलग-अलग तरह से लड़ने (अपरंपरागत युद्ध), बहुत ऊंची और बर्फीली जगहों पर युद्ध करने और घने जंगलों में लड़ने (जंगल वॉरफेयर) में कितने माहिर हैं। 20 मई को टम्पा वॉटरफ्रंट पर हुए इस लाइव ऑपरेशन में अमेरिकी विशेष बलों के साथ दुनिया के केवल 10 चुनिंदा भागीदार देशों की टुकड़ियों ने ही एक साथ हिस्सा लिया था। भारतीय जवानों की इस फुर्ती और ताकत ने वहां मौजूद पूरी दुनिया को चौंका कर रख दिया।
इस बड़े अंतरराष्ट्रीय युद्धाभ्यास में कितने देशों और लोगों ने हिस्सा लिया?
यह आयोजन कोई छोटा-मोटा कार्यक्रम नहीं था। अमेरिकी सेना की स्पेशल ऑपरेशंस कमांड और ग्लोबल एसओएफ फाउंडेशन ने मिलकर इसे आयोजित किया था। इस खास हफ्ते में दुनिया भर के 70 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसके अलावा इसमें 850 से ज्यादा हथियार और रक्षा उपकरण दिखाने वाले लोग (प्रदर्शक) आए थे, और कुल मिलाकर 28,000 से ज्यादा लोगों ने इसमें हिस्सा लिया। भारतीय दल की अगुवाई पश्चिमी कमान के कमांडर और सबसे वरिष्ठ विशेष बल अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र पाल सिंह ने की। इससे यह साबित होता है कि भारत दुनिया की सुरक्षा में एक बड़ी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
अमेरिका के इस दौरे से भारत को सामरिक रूप से क्या बड़ा फायदा हुआ?
इस चार दिन के अमेरिका दौरे से भारत और दुनिया के अन्य देशों के बीच सैन्य रिश्ते बहुत मजबूत हुए हैं। भारतीय दल ने इस दौरान अन्य भागीदार देशों के बड़े कमांडरों के साथ कई अहम बैठकें और द्विपक्षीय बातचीत की। सेना का मानना है कि 'एसओएफ वीक' में भारत की यह पहली और शानदार शुरुआत आने वाले समय में बहुत फायदेमंद साबित होगी। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष अभियानों में भारत का सहयोग और ज्यादा बढ़ेगा, और वैश्विक रणनीतियों को नई दिशा देने में भी भारत की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो जाएगी।