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स्वदेशी विमान C-295 बनकर तैयार: दिल्ली में हुआ सफल परीक्षण, सी-295 से भारतीय वायुसेना को क्या मदद मिलेगी?
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: Asmita Tripathi
Updated Thu, 11 Jun 2026 11:38 AM IST
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सार
भारत में निर्मित पहले C-295 सैन्य परिवहन विमान ने सफलतापूर्वक अपनी पहली उड़ान पूरी की। भारतीय वायु सेना ने इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताया। आईए जानते हैं कि इसकी विशेषता क्या है?
भारत में निर्मित पहले C-295 सैन्य परिवहन विमान ने सफलतापूर्वक अपनी पहली उड़ान पूरी की। भारतीय वायु सेना ने इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताया। आईए जानते हैं कि इसकी विशेषता क्या है?
स्वदेशी विमान C-295
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
भारत में निर्मित पहला C-295 सैन्य परिवहन विमान ने सफलतापूर्वक अपनी पहली उड़ान पूरी है। यह जानकारी भारतीय वायु सेना (आईएएफ) ने बुधवार को दी। भारतीय वायु सेना ने लगभग 21,935 करोड़ रुपये की लागत से 56 C-295 परिवहन विमान खरीद रही है।
आईएएफ ने क्या कहा?
इनमें से 40 विमानों को टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड ने एयरबस के सहयोग से वडोदरा स्थित एक उत्पादन संयंत्र में असेंबल किया जाएगा। इसके साथ ही भारतीय वायु सेना ने भारत में निर्मित पहले सी-295 विमान की सफल पहली उड़ान पीछे की पूरी टीम को बधाई दी। आईएएफ ने कहा 'यह उपलब्धि भारत की बढ़ती एयरोस्पेस क्षमताओं को मजबूत करती है। इसके साथ ही आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना के तहत स्वदेशी रक्षा क्षमता को बढ़ावा देने के लक्ष्य को पूरा करता है।
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क्या हैं इसकी विशेषता?
C- 295 भारतीय वायु सेना के पुराने एवरो-748 बेड़े की जगह लेगा। यह एक एक मध्यम सामरिक सैन्य परिवहन विमान है, जिसे सैनिकों की आवाजाही, माल परिवहन, चिकित्सा निकासी और विशेष अभियानों के लिए डिजाइन किया गया है। यह 70 सैनिकों, 48 पैरादूपर्स या 24 मेडिकल स्ट्रेचर तक ले जा सकता है। दो प्रैट एंड व्हिटनी पीडब्ल्यू 127जी टर्बोप्रॉप इंजनों से संचालित यह कम दूरी से उड़ान भरने और उतरने की क्षमता से लैस है। इसके साथ ही ऊबड़-खाबड़, अर्ध-तैयार और छोटी हवाई पट्टियों से भी उड़ान भर सकता है। जो इसे भारतीय परिचालन जरूरत, विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों और दूरस्थ अग्रिम ठिकानों के लिए आदर्श बनाता है।