इंटरपोल की चेतावनी, दुनियाभर में नेताओं को भेजे जा रहे कोरोना संक्रमित पत्र
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वैश्विक महामारी कोरोना वायरस का कहर दुनिया भर में जारी है। दुनिया भर में कोरोना वायरस से 5.73 करोड़ से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं और 13.67 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। कई उद्योग बंद हो गए। लाखों लोगों की नौकरी चली गई और पूरी दुनिया मंदी की मार झेल रही है। कोरोना वायरस को लेकर एक ओर बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है। कोरोना वायरस दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्षों और नेताओं के लिए बड़ा खतरा बन गया है। इन नेताओं के खिलाफ उनके दुश्मन कोरोना वायरस का इस्तेमाल हथियार के तौर पर कर रहे हैं।
इंटरपोल ने हाल ही में चेतावनी दी है कि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और वैश्विक नेताओं को निशाना बनाकर कोरोना संक्रमित पत्र भेजे जा सकते हैं। इस साजिश से बेहद सतर्क रहने की आवश्यकता है।अंतरराष्ट्रीय पुलिस संगठन इंटरपोल के मुताबिक, दुनिया के शीर्ष नेताओं और दिग्गज लोगों को कोरोना संक्रमित करने की साजिश रची जा रही है। इंटरपोल ने दुनियाभर की एजेंसियों को आगाह किया है कि राजनेताओं और बड़ी शख्सियतों को कोरोना से संक्रमित पत्र भेजे जा सकते हैं।
थूक कर संक्रमण फैलाने के प्रयास किए जा रहे : इंटरपोल ने अपने नए दिशानिर्देश में भारत समेत 194 देशों को सतर्क रहने के लिए चेतावनी दी है। इंटरपोल ने कहा कि ऐसे भी मामले सामने आए हैं, जब पुलिस अधिकारियों, डॉक्टरों और जरूरी सेवाओं से जुड़े लोगों पर जानबूझकर थूका जा रहा है।एक रिपोर्ट के मुताबिक, इससे लोगों में कोरोना फैलने का जोखिम बढ़ सकता है। दिशानिर्देश में यह भी कहा गया है कि फर्श पर थूककर या किसी के मुंह या वस्तु पर खांसकर संक्रमण फैलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
संक्रमित पत्र भेजने के मामले सामने आए
इंटरपोल ने यह भी खुलासा किया है कि ऐसे भी कुछ मामले सामने आए हैं, जहां राजनेताओं को संक्रमित पत्र भेजे गए हैं। इस तरह की हरकत को अन्य समूहों पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय एजेंसी ने ऐसे किसी नेता के नाम का जिक्र नहीं किया है, जिसे यह संक्रमित पत्र भेजा गया हो।
संक्रमित सैंपल ऑनलाइन बेचे जा रहे
इंटरपोल ने बताया कि कुछ लोग कोरोना संक्रमित होने के बाद जानबूझकर बाहर घूम रहे हैं। तमाम प्रतिबंधों के बावजूद वे संक्रमित क्षेत्र से गैर संक्रमित क्षेत्र में जा रहे हैं। इसमें चौंकाने वाली यह बात सामने आई है कि कुछ लोग संक्रमित सैंपल को ऑनलाइन भी बेच रहे हैं।
बड़ी हस्तियों को खतरा अधिक
वैश्विक संस्था के मुताबिक, जो लोग नेताओं या दिग्गजों की सुरक्षा में तैनात हैं, उन्हें सतर्क रहने की जरूरत है। खासतौर से साइबर अपराध और आतंकवाद को रोकने में जुटे जांचकर्ताओं को ऑनलाइन बाजार पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।
सभी विभागों को सर्तक रहने को कहा गया
डाक विभाग को भी सतर्क रहने की जरूरत इंटरपोल ने सभी सदस्यों से कहा कि वे डाक विभाग को जैविक हमले के बारे में आगाह करें और किसी भी प्रकार के संदिग्ध पैकेज पर तुरंत सूचना दें। साथ ही उन्हें बचाव के तरीकों से भी अवगत कराने की जरूरत है।
वायरस भेज कंप्यूटर ठप्प करने की तैयारी
इंटरपोल ने यह भी चेताया है कि साइबर अपराधी कंप्यूटर वायरस भेज सकते हैं। उनके निशाने पर ऐसी साइट हैं, जिनका डाटा काफी संवेदनशील है। अपराधी स्वास्थ्य से जुड़े उपकरण या सेवाओं का इस्तेमाल अपने अवैध लेनदेन को छिपाने के लिए कर सकते हैं।