PM Modi Security: 'पीएम मोदी की सुरक्षा कम करना सही नहीं', पूर्व रॉ प्रमुख समंत गोयल बोले- लगातार बढ़ रहे खतरे
पूर्व रॉ प्रमुख ने कहा कि आज के समय में सुरक्षा खतरे पहले से ज्यादा आधुनिक हो गए हैं। ड्रोन और स्नाइपर गन जैसे हथियार बड़ी चुनौती बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों को इन खतरों को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था की लगातार समीक्षा करनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर उसे और सख्त बनाना चाहिए।
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विस्तार
'दुनिया भर में सुरक्षा खतरे लगातार बढ़ रहे हैं'
सामंत गोयल ने कहा कि दुनिया भर में सुरक्षा खतरे लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अमेरिका जैसे देश में, जिसे दुनिया का सबसे सुरक्षित देश माना जाता है, वहां भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर कई बार हमले हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि भारत के खिलाफ काम करने वाले कई आतंकी और शत्रु तत्व सक्रिय हैं, खासकर पड़ोसी देशों से लगातार आतंकवादी गतिविधियां चल रही हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री की सुरक्षा को और मजबूत किया जाना चाहिए, न कि उसे कम किया जाना चाहिए।
#WATCH | Delhi: On PM Modi reducing his security convoy, former R&AW Secretary Samant Goel says, "The current international security situation is highly volatile. There have been three attacks on US President Trump, despite it being considered the safest country. There are… https://t.co/2c4jFLgPSl pic.twitter.com/QTwVohj1kM
— ANI (@ANI) May 15, 2026
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सुरक्षा खतरे पहले से ज्यादा आधुनिक- सामंत गोयल
सामंत गोयल ने यह भी कहा कि सुरक्षा कभी भी 'स्टेटस सिंबल' नहीं होती। सुरक्षा केवल खतरे के आकलन के आधार पर दी जाती है। उन्होंने कहा कि कुछ नेता सुरक्षा को दिखावे के तौर पर इस्तेमाल करते हैं, लेकिन प्रधानमंत्री के मामले में ऐसा नहीं होना चाहिए। उनका कहना था कि प्रधानमंत्री किस गाड़ी में बैठे हैं, इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं होनी चाहिए। अगर काफिला बहुत छोटा होगा, जैसे केवल दो गाड़ियों का, तो हमलावरों के लिए लक्ष्य तय करना आसान हो जाएगा।
#WATCH | Delhi: On PM Modi reducing his security convoy, former R&AW Secretary Samant Goel says, "Security is never a status symbol. Security is always provided as per threat assessment. Today, several politicians are using this as a status symbol. What needs to be done is to… pic.twitter.com/kpPBQkXvW6
— ANI (@ANI) May 15, 2026
'गुजरात के सीएम रहने के दौरान से मिल रहीं धमकियां'
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी को पिछले करीब 25 वर्षों से लगातार धमकियां मिलती रहीं हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री रहने के समय से ही उन्हें खतरे रहे हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा पर उनके कड़े रुख की वजह से देश और विदेश में मौजूद कट्टरपंथी और जिहादी तत्व हमेशा उन्हें निशाना बनाने की कोशिश कर सकते हैं। इसलिए प्रधानमंत्री की सुरक्षा देश की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल होनी चाहिए।
#WATCH | Delhi: On PM Modi reducing his security convoy, former R&AW Secretary Samant Goel says, "For the last 25 years, since the time he became the CM of Gujarat, he has always had threats. Seeing the stand he has taken for national security, jihadi elements - be it in our… pic.twitter.com/CMjKBCkIGw
— ANI (@ANI) May 15, 2026
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'मौजूदा हालात को देखते हुए सुरक्षा को और मजबूत करने की जरूरत'
सामंत गोयल ने यह भी कहा कि जब प्रधानमंत्री विदेश यात्रा पर जाते हैं, तो दूसरे देशों की सुरक्षा एजेंसियां भारत में उनकी सुरक्षा व्यवस्था को भी देखती हैं। अगर भारत में सुरक्षा कम दिखाई देगी, तो विदेशी एजेंसियां यह मान सकती हैं कि प्रधानमंत्री को ज्यादा खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि कई देशों में अब भी भारत विरोधी और शत्रुतापूर्ण तत्व सक्रिय हैं, इसलिए विदेशों में भी प्रधानमंत्री को उच्च स्तर की सुरक्षा मिलनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए और मौजूदा हालात को देखते हुए सुरक्षा को और मजबूत करने की जरूरत है।
#WATCH | Delhi: On a possible message sent out to foreign security agencies when a PM reduces their security convoy in the country, former R&AW Secretary Samant Goel says, "When the PM travels abroad, the foreign countries see the security norms in the PM's own country. If we… pic.twitter.com/mUYwyfqYeJ
— ANI (@ANI) May 15, 2026